World Tobacco Day: तंबाकू से बढ़ा है कोरोना का खतरा, दिखावे के चक्कर में युवा हो रहे शिकार
- डॉक्टरों की सलाह - युवा और बुजुर्ग न करें तंबाकू का सेवन
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बीड़ी-सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों को कोरोना का खतरा सबसे ज्यादा है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस से एक दिन चिकित्सकों ने इस बात पर जोर दिया कि हर आयुवर्ग के लोग तंबाकू के सेवन से बचें। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए रविवार को कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
कोरोना महामारी के बीच तंबाकू का सेवन और भी खतरनाक है। संक्रमित व्यक्ति अगर तंबाकू या फिर पान मसाले का सेवन करता है तो उसके द्वारा इधर-उधर थूकी गई पीक से कई अन्य लोग भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि देश में हर साल करीब 12 लाख लोग यानी करीब तीन हजार लोग कैंसर से दम तोड़ देते हैं।
इनमें बड़ी संख्या उनकी है जोे तंबाकू के सेवन से कैंसर की चपेट में आते हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग इन आंकड़ों को कम करने का हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
दिखावे के चक्कर में युवा हो रहे शिकार
युवा महज दिखावे के चक्कर में सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों की गिरफ्त में आ रहे हैं। तंबाकू का सेवन करने वालों के करीब 40 तरह के कैंसर और 25 अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आने की आशंका होती है। इसमें मुंह व गले के कैंसर मुख्य हैं। इसके अलावा तंबाकू के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। - डॉ. रुचिका अग्रवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर नाक, कान व गला रोग विभाग, गोरखपुर एम्स
तंबाकू के सेवन से कोरोना का खतरा ज्यादा
डब्ल्यूएचओ ने भी यह स्पष्ट किया है कि तंबाकू का सेवन करने वाले युवा या बुजुर्ग कोरोना वायरस के शिकार आसानी से हुए हैं। तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों के फेफड़े खराब हो जाते हैं। इसकी वजह से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। - डॉ. अरशद नदीम, चेस्ट रोग विशेषज्ञ
तंबाकू खाकर थूकना खतरनाक
कोरोना वायरस कमजोर फेफड़े वालों को जल्दी चपेट में लेता है। तंबाकू सेवन न करके इस वायरस के हमले की आशंका को कम किया जा सकता है। इसे खाकर जगह-जगह थूकना खतरनाक होता है। इससे वायरस का प्रकोप बढ़ सकता है। कैंसर के जो मामले आते हैं, उसके सबसे ज्यादा कारण तंबाकू सेवन से जुड़े होते हैं। फेफड़े भी खराब होते हैं। - डॉ. अश्वनी मिश्रा, विभागाध्यक्ष, चेस्ट रोग विभाग, बीआरडी मेडिकल कॉलेज