पत्नी, रिश्तेदार के नाम बेच दी कई टन खाद, 10 पर एफआईआर, पांच का लाइसेंस निलंबित
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शासन से तय नियमों की अनदेखी कर खुद सहित पत्नी और घर के दूसरे सदस्यों के नाम कई टन यूरिया बेच देने के मामले में बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। साधन सहकारी समिति के पांच सचिवों के साथ ही पांच फुटकर खाद विक्रेताओं पर एफआईआर के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही सचिवों के खिलाफ जहां अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
वहीं फुटकर विक्रेताओं का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई की वजह से किसानों को दिक्कत न हो इसलिए संबंधित साधन सहकारी समितियों पर खाद वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक अधिनियम-1955 के तहत संबंधित थानों में एफआईआर के लिए पत्र भेज दिए गए हैं। शुक्रवार तक सभी आरोपियों पर मुकदमा दर्ज हो जाने की उम्मीद है।
शासन की ओर से एक अप्रैल 2020 से 31 जुलाई 2020 तक जिले में सर्वाधिक यूरिया खरीदने वाले टॉप-20 खरीददारों की जांच के निर्देश दिए गए थे। इसपर डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक सहकारी समितियां, जिला गन्ना अधिकारी एवं जिला उद्यान अधिकारी को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था।
जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बेलघाट के एक सचिव ने खुद के नाम नौ टन यूरिया बेचने के साथ ही अपने करीबी एक किसान को नौ टन यूरिया बेच दी जबकि उसके पास कुल खेती ही चार से पांच बीघा है। इसी तरह बेलघाट के ही एक सचिव ने खुद और अपने परिवार के तीन सदस्यों के नाम 63 टन यूरिया बेच दी। गोला ब्लाक के एक विक्रेता ने अपनी ही पत्नी को 12 टन यूरिया बेच दी जबकि इन सभी के पास उतनी खेती नहीं है।
26 अगस्त को जांच कमेटी ने सौंप दी थी रिपोर्ट
इन साधन सहकारी समितियों के सचिवों पर हुई कार्रवाई
- साधन सहकारी समिति अरांव जगदीश गोला
- साधन सहकारी समिति केराडीह बेलघाट
- साधन सहकारी समिति बेलघाट
- साधन सहकारी समिति पीपरसंडी बेलघाट
- साधन सहकारी समिति धुरियाडीह
इन निजी खाद विक्रेताओं पर हुई एफआईआर, लाइसेंस निलंबित हुए
- एग्रोसेवा केंद्र, मदरिहा, गोला
- वन स्टॉप शॉप, डूडी चौराहा, सरदारनगर
- जय मां अंबे ट्रेडर्स, हरपुर लुहसी, पिपराइच
- आरके खाद भंडार, बलुआ, कैंपियरगंज
- सिंह खाद भंडार, सिसवा सोनबरसा, सहजनवां
सबसे ज्यादा खाद खरीदने वाले 20 लोगों की जांच कराई गई थी। डीएम के निर्देश पर पांच समितियों के सचिव एवं पांच निजी खाद विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। खाद विक्रेताओं के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए हैं। किसी ने भी खाद बिक्री में नियमों की अनदेखी या गड़बड़ी की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी एवं अधिसूचित प्राधिकारी उर्वरक, गोरखपुर
यूरिया खरीदने वाले टॉप 20 में से 11 बेलघाट के
शासन की तरफ से जो यूरिया खरीदने वाले टॉप 20 खरीदारों की सूची सौंपी गई थी उनमें 11 खरीददार अकेले बेलघाट विकास खंड के थे। इसके अलावा, चार सहजनवां, दो पिपराइच तथा एक-एक कैम्पियरगंज, सरदारनगर, खजनी से हैं।
जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि एक ही व्यक्ति को जरूरत से खाद बेचने की अनियमितता भी सबसे ज्यादा बेलघाट में ही हुई। बेलघाट के ही एक समिति के सचिव ने खुद के साथ ही परिवार के तीन सदस्यों को 60 टन यूरिया बेच दी तो एक ने खुद के साथ अपने एक करीबी किसान को नौ-नौ टन यूरिया बेच दी। पांच में से जिन चार समितियों के सचिवों पर गाज गिरी है, वे भी बेलघाट के ही हैं।
23 हजार क्विंटल खाद मामले में भी कार्रवाई तय
खाद को लेकर एक और मामले में जांच चल रही है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में एक अप्रैल से 31 मार्च तक बिना आधार कार्ड के काल्पनिक नामों पर 23.25 हजार क्विंटल यूरिया बेच दी गई। इन्हें 18 विक्रेताओं ने बेचा। केंद्र सरकार के निर्देश पर जांच शुरू करने के साथ ही सभी की बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही उन्हें नोटिस दिया गया है।
21 अगस्त को ही जवाब देने का आखिरी दिन था मगर नौ ने ही जवाब दिया। बाकी ने मामला पिछले साल का होने का हवाला देते हुए जवाब देने के लिए और मौका मांगा था जिसपर उन्हें 30 अगस्त तक की और मोहलत दी गई है। इस मामले में भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। आरोप है कि इन विक्रेताओं ने पीओएस मशीन में आधार की जगह दूसरे विकल्पों को भरने के साथ ही काल्पनिक नाम दर्ज किए हैं।