फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   sold urea khaad in the name wife and relative

पत्नी, रिश्तेदार के नाम बेच दी कई टन खाद, 10 पर एफआईआर, पांच का लाइसेंस निलंबित

Fri, 28 Aug 2020 12:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Fri, 28 Aug 2020 12:27 PM IST
विज्ञापन
sold urea khaad in the name wife and relative
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

शासन से तय नियमों की अनदेखी कर खुद सहित पत्नी और घर के दूसरे सदस्यों के नाम कई टन यूरिया बेच देने के मामले में बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। साधन सहकारी समिति के पांच सचिवों के साथ ही पांच फुटकर खाद विक्रेताओं पर एफआईआर के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही सचिवों के खिलाफ जहां अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

विज्ञापन


वहीं फुटकर विक्रेताओं का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई की वजह से किसानों को दिक्कत न हो इसलिए संबंधित साधन सहकारी समितियों पर खाद वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक अधिनियम-1955 के तहत संबंधित थानों में एफआईआर के लिए पत्र भेज दिए गए हैं। शुक्रवार तक सभी आरोपियों पर मुकदमा दर्ज हो जाने की उम्मीद है।
विज्ञापन


शासन की ओर से एक अप्रैल 2020 से 31 जुलाई 2020 तक जिले में सर्वाधिक यूरिया खरीदने वाले टॉप-20 खरीददारों की जांच के निर्देश दिए गए थे। इसपर डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक सहकारी समितियां, जिला गन्ना अधिकारी एवं जिला उद्यान अधिकारी को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बेलघाट के एक सचिव ने खुद के नाम नौ टन यूरिया बेचने के साथ ही अपने करीबी एक किसान को नौ टन यूरिया बेच दी जबकि उसके पास कुल खेती ही चार से पांच बीघा है। इसी तरह बेलघाट के ही एक सचिव ने खुद और अपने परिवार के तीन सदस्यों के नाम 63 टन यूरिया बेच दी। गोला ब्लाक के एक विक्रेता ने अपनी ही पत्नी को 12 टन यूरिया बेच दी जबकि इन सभी के पास उतनी खेती नहीं है।

26 अगस्त को जांच कमेटी ने सौंप दी थी रिपोर्ट

मामले की जांच के लिए लगाई गई कमेटियों ने 26 अगस्त को ही अपनी जांच रिपोर्ट सीडीओ इंद्रजीत सिंह को सौंप दी थी। बुधवार को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम के. विजयेंद्र पांडियन के पास भेजी गई। डीएम ने रिपोर्ट के अध्ययन के बाद संबंधित पर एफआईआर समेत अन्य विधिक कार्रवाई के लिए अपनी स्वीकृति दे दी जिसपर बृहस्पतिवार को संबंधित सचिवों और विक्रेताओं पर कार्रवाई के लिए संबंधित थानों को पत्र भेज दिया गया। शुक्रवार के इस मामले में मुकदमा दर्ज हो जाने की उम्मीद है।

इन साधन सहकारी समितियों के सचिवों पर हुई कार्रवाई
  • साधन सहकारी समिति अरांव जगदीश गोला
  • साधन सहकारी समिति केराडीह बेलघाट
  • साधन सहकारी समिति बेलघाट
  • साधन सहकारी समिति पीपरसंडी बेलघाट
  • साधन सहकारी समिति धुरियाडीह

इन निजी खाद विक्रेताओं पर हुई एफआईआर, लाइसेंस निलंबित हुए

  • एग्रोसेवा केंद्र, मदरिहा, गोला
  • वन स्टॉप शॉप, डूडी चौराहा, सरदारनगर
  • जय मां अंबे ट्रेडर्स, हरपुर लुहसी, पिपराइच
  • आरके खाद भंडार, बलुआ, कैंपियरगंज
  • सिंह खाद भंडार, सिसवा सोनबरसा, सहजनवां


सबसे ज्यादा खाद खरीदने वाले 20 लोगों की जांच कराई गई थी। डीएम के निर्देश पर पांच समितियों के सचिव एवं पांच निजी खाद विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। खाद विक्रेताओं के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए हैं। किसी ने भी खाद बिक्री में नियमों की अनदेखी या गड़बड़ी की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी एवं अधिसूचित प्राधिकारी उर्वरक, गोरखपुर

यूरिया खरीदने वाले टॉप 20 में से 11 बेलघाट के
शासन की तरफ से जो यूरिया खरीदने वाले टॉप 20 खरीदारों की सूची सौंपी गई थी उनमें 11 खरीददार अकेले बेलघाट विकास खंड के थे। इसके अलावा, चार सहजनवां, दो पिपराइच तथा एक-एक कैम्पियरगंज, सरदारनगर, खजनी से हैं।

जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि एक ही व्यक्ति को जरूरत से खाद बेचने की अनियमितता भी सबसे ज्यादा बेलघाट में ही हुई। बेलघाट के ही एक समिति के सचिव ने खुद के साथ ही परिवार के तीन सदस्यों को 60 टन यूरिया बेच दी तो एक ने खुद के साथ अपने एक करीबी किसान को नौ-नौ टन यूरिया बेच दी। पांच में से जिन चार समितियों के सचिवों पर गाज गिरी है, वे भी बेलघाट के ही हैं।

23 हजार क्विंटल खाद मामले में भी कार्रवाई तय

खाद को लेकर एक और मामले में जांच चल रही है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में एक अप्रैल से 31 मार्च तक बिना आधार कार्ड के काल्पनिक नामों पर 23.25 हजार क्विंटल यूरिया बेच दी गई। इन्हें 18 विक्रेताओं ने बेचा। केंद्र सरकार के निर्देश पर जांच शुरू करने के साथ ही सभी की बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही उन्हें नोटिस दिया गया है।

21 अगस्त को ही जवाब देने का आखिरी दिन था मगर नौ ने ही जवाब दिया। बाकी ने मामला पिछले साल का होने का हवाला देते हुए जवाब देने के लिए और मौका मांगा था जिसपर उन्हें 30 अगस्त तक की और मोहलत दी गई है। इस मामले में भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। आरोप है कि इन विक्रेताओं ने पीओएस मशीन में आधार की जगह दूसरे विकल्पों को भरने के साथ ही काल्पनिक नाम दर्ज किए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed