फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Social distancing not following Private hospital during coronavirus in gorakhpur

कोरोना की चुनौतियों से लड़ने का दावा भूले निजी अस्पताल, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रहीं धज्जियां, देखें तस्वीरें

Sun, 14 Jun 2020 10:06 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 14 Jun 2020 10:06 AM IST
विज्ञापन
Social distancing not following Private hospital during coronavirus in gorakhpur
अस्पताल के अंदर बेहतर का दावा, लेकिन बाहर की व्यवस्था हैरान करने वाली। - फोटो : अमर उजाला।

लॉकडाउन खुलने के बाद सहूलियत मिली तो निजी अस्पतालों में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ने लगीं। कुछ निजी अस्पतालों के अंदर और बाहर की व्यवस्था की शनिवार को अमर उजाला संवाददाता नीरज मिश्र ने पड़ताल की तो स्थिति कुछ ऐसी ही दिखी। ऐसा लगा कि कोरोना का खौफ खत्म हो गया है।

विज्ञापन


अब किसी को मास्क, सैनिटाइजर की जरूरत नहीं है। मरीज-तीमारदार सटकर खड़े दिखे। कुछ अस्पताल संचालकों ने अंदर बेहतर व्यवस्था का दावा किया, लेकिन अस्पताल के बाहर की व्यवस्था कोविड-19 प्रोटोकाल के खिलाफ मिली।
विज्ञापन


सबसे जरूरी मानक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कहीं नहीं मिला, जबकि इमरजेंसी सेवा शुरू करने से पहले निजी अस्पताल संचालकों ने सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से अनुपालन का भरोसा दिलाया था। यह भरोसा कागजों तक सिमटा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर कोई कोरोना संक्रमित निजी अस्पतालों में गलती से पहुंच गया तो कइयों की शामत आएगी। यह निजी अस्पताल संचालक भी जानते हैं। इस पड़ताल का उद्देश्य लोगों को केवल जागरूक करना है। आप भी पढ़ें, व्यवस्था की पड़ताल करती रिपोर्ट-   

Social distancing not following Private hospital during coronavirus in gorakhpur
चैतन्य हॉस्पिटल, समय- सुबह 11.45 बजे, स्थान- दाउदपुर - फोटो : अमर उजाला।

दाउदपुर स्थित चैतन्य हॉस्पिटल का बड़ा गेट पूरी तरह बंद था। बाहर धक्कामुक्की करके मरीज छोटे गेट के रास्ते अंदर जाने का रास्ता तलाश रहे थे। इस बीच अंदर से एक व्यक्ति पीपीई किट पहने आया और लोगों को एक-एक करके अंदर आने की सलाह दी। लेकिन लोग उसकी बातों को नजर अंदाज करके एक-दूसरे से सटकर आगे जाने की कोशिश करते रहे।

सोशल डिस्टेंसिंग पूरी तरह से तार-तार होती दिखी। अंदर पीपीई किट पहना व्यक्ति थर्मल स्कैनर से अंदर जाने वालों की जांच करता मिला। 

Social distancing not following Private hospital during coronavirus in gorakhpur
रचित हॉस्पिटल, समय- दोपहर 12.05 बजे, स्थान- गोरखपुर-लखनऊ राजमार्ग। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर-लखनऊ राजमार्ग पर सिथत रचित हॉस्पिटल का बड़ा गेट बंद था लेकिन गेट के बाहर मरीजों की भीड़ ऐसी थी मानों कोरोना का किसी को कोई डर ही न हो। मरीज व उनके तीमारदार सामान्य दिनों की तरह इलाज कराने आए। सोशल डिस्टेंसिंग की खुलेआम धज्जियां उड़ीं। सब एक दूसरे से सटकर खड़े मिले। ज्यादातर के चेहरे पर मास्क नहीं दिखे। गेट पर खड़ा जो स्वास्थ्य कर्मी थर्मल स्कैनिंग कर रहा था, उसके पास पीपीई किट नहीं थी। मास्क लगाकर ही स्कैनिंग करता मिला। बाहर से जो स्थिति देखने को मिली, उसके मुताबिक कोविड-19 के जरूरी मानकों का पालन नहीं हो रहा है। 

Social distancing not following Private hospital during coronavirus in gorakhpur
पल्स हॉस्पिटल, समय- दोपहर 12.13 बजे, स्थान- छात्रसंघ चौराहा स्थित। - फोटो : अमर उजाला।

छात्रसंघ चौराहा स्थित पल्स हॉस्पिटल का छोटा सा गेट खुला था। बाहर खड़े लोग इसी गेट से अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे। सोशल डिस्टेंसिंग दरकिनार कर लोग निर्धारित दूरी से ज्यादा करीब खड़े मिले। अंदर जाने के दौरान रोकटोक पर गार्ड से कहासुनी का सिलसिला चलता रहा। अस्पताल के बाहर इलाज कराने वालों की भीड़ ऐसी थी कि लग नहीं रहा था कि लोग इमरजेंसी में इलाज कराने आए हैं। ज्यादातर के चेहरे पर मास्क नहीं दिखा। 

रचित हॉस्पिटल डॉ विनय राय ने बताया कि अस्पताल के गेट पर तीन स्टाफ खड़ा रहता है। इमरजेंसी ओपीडी में केवल मरीज को आने दिया जा रहा है। इनडोर मरीजों के लिए पास जारी किया गया है। अस्पताल के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जा रहा है। हॉस्पिटल के बाहर भी मरीजों के तीमारदारों को समझाया जाता है।

पल्स हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. राकेश दूबे ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल में 50 प्रतिशत बेड कम कर दिए गए हैं। गेट पर गार्ड भी लगाया है। केवल मरीजों को ही इंट्री दी जा रही है। इसके बाद भी लोग गार्ड से लड़ जा रहे हैं। हॉस्पिटल के अंदर पूरी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है।

ये एहतियात जरूरी

चैतन्य हॉस्टिपल के डॉ. सीपी गुप्ता ने बताया कि हॉस्पिटल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन पूरी तरह से कराया जा रहा है। अंदर केवल मरीजों को आने दिया जा रहा है। अंदर आने वालों की भी थर्मल स्कैनिंग कराई जा रही है। इसका रिकॉर्ड भी मेनटेन किया जा रहा है।

गोरखपुर सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बाताया कि कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बेहद जरूरी है। निजी अस्पतालों को इमरजेंसी इलाज की अनुमति इसी शर्त पर दी गई है कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे। अस्पताल के अंदर और बाहर की यह जिम्मेदारी प्रबंधकों को उठानी होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। अगर लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
  • अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम होना जरूरी।
  • कोविड-19 के तहत हैंड सैनिटाइजर, मास्क और थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था अनिवार्य।
  • अस्पताल के अंदर व बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed