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Gorakhpur News: वन विभाग ने तस्करों से बरामद किए दुर्लभ सांप, तगड़ा है इनका का नेटवर्क; दो गिरफ्तार
Tue, 08 Aug 2023 10:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Updated Tue, 08 Aug 2023 10:23 AM IST
सार
घर के आसपास साफ-सफाई बेहद जरूरी है। खाली प्लाॅट की झाड़ियों को साफ करवाएं। सांप को पकड़ने व मारने की कोशिश न करें। घर के बाहर ब्लीचिंग व चूना पाउडर डाले। फर्श व बाहर बरामदे में फिनायल से पोछा लगाएं। सर्पदंश की आशंका पर सीधा अस्पताल जाएं।
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वन विभाग की तरफ से पकड़े गए दोनों तस्कर, हाथ में सांप लिए हुए।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर। वन विभाग की टीम ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से दो सेंड बोआ (दो मुंहा सांप) और एक इंडियन कोबरा बरामद किया। ये सांप वन्य जीव संंरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित हैं। इनके जहर से दवा बनाने के अलावा तांत्रिक विद्याओं में भी इसका प्रयोग करते हैं।
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वन विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर सपेरे की भूमिका में इलाके के वन क्षेत्र से सांपों की तस्करी कर रहे हैं। सोमवार को डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन के पास दो ऐसे तस्करों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर डीएफओ के निर्देश पर गठित टीम वहां पहुंच गई और सांपों के साथ उन्हें पकड़ लिया।
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पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम एलननाथ और शिवनाथ बताया। आरोपी कानपुर ग्रामीण इलाके के रहने वाले हैं। वन विभाग की टीम ने तस्करों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। बरामद सांपों को जंगल में छोड़ दिया।
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कीमती हैं सांप
पर्यावरणविद कुणाल ने बताया कि सांपों की तस्करी का रैकेट सक्रिय है। मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच इन्हें ऑपरेट किया जाता है। तस्कर दो मुंहे सांप लेकर उन्हें उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के अलावा हरियाणा पहुंचाते हैं।
यहां से इन सांपों को जिंदा या फिर इनके शरीर के अलग-अलग हिस्से अरब देशों को भेजे जाते हैं। इन सांपों की बिक्री वजन के हिसाब से होती है। यदि यह दो किलो से अधिक का होता है, तो इसकी कीमत लाखों रुपयों की होगी।
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यहां से इन सांपों को जिंदा या फिर इनके शरीर के अलग-अलग हिस्से अरब देशों को भेजे जाते हैं। इन सांपों की बिक्री वजन के हिसाब से होती है। यदि यह दो किलो से अधिक का होता है, तो इसकी कीमत लाखों रुपयों की होगी।
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तगड़ा है सांप तस्करों का नेटवर्क
बरसात में सांपों के आबादी क्षेत्र में आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। शहर में रेलवे लाइन के आसपास के इलाकों में इनके मिलने की सूचनाएं बढ़ जाती हैं। इसकी जानकारी तस्करों को भी है। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि पकड़े गए तस्कर की पहचान कानपुर के ग्रामीण इलाके की हुई है। ऐसे में ये तय है कि इन्हें सांप को पकड़ने का असली समय और उनके तस्करी के रैकेट की पूरी जानकारी है।
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ये सावधानियां जरूरी
घर के आसपास साफ-सफाई बेहद जरूरी है। खाली प्लाॅट की झाड़ियों को साफ करवाएं। सांप को पकड़ने व मारने की कोशिश न करें। घर के बाहर ब्लीचिंग व चूना पाउडर डाले। फर्श व बाहर बरामदे में फिनायल से पोछा लगाएं। सर्पदंश की आशंका पर सीधा अस्पताल जाएं। झाड़-फूंक के चक्कर में समय गंवाना गलत है।
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ये सावधानियां जरूरी
घर के आसपास साफ-सफाई बेहद जरूरी है। खाली प्लाॅट की झाड़ियों को साफ करवाएं। सांप को पकड़ने व मारने की कोशिश न करें। घर के बाहर ब्लीचिंग व चूना पाउडर डाले। फर्श व बाहर बरामदे में फिनायल से पोछा लगाएं। सर्पदंश की आशंका पर सीधा अस्पताल जाएं। झाड़-फूंक के चक्कर में समय गंवाना गलत है।