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Gorakhpur News: कछुओं की बढ़ी तस्करी...प्रभावित हो रहा पारिस्थितिकी तंत्र

Thu, 23 May 2024 03:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Thu, 23 May 2024 03:23 AM IST
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Smuggling of turtles has increased...the ecosystem is being affected.
- विश्व कछुआ दिवस आज
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- तालाब और नदी के पानी को साफ करते हैं कछुए
- पिछले कुछ समय में तस्करी के कई मामले पकड़े गए

संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। कछुओं की लगातार हो रही तस्करी से उनकी संख्या काफी तेजी से कम हो रही है। कछुओं के रहने से पर्यावरण को फायदा पहुंचता है, लेकिन इनकी तस्करी बढ़ने से हमारा पारिस्थितिकी तंत्र भी प्रभावित हाे रहा है।
कछुओं को पर्यावरण का सच्चा दोस्त भी माना जाता है। ये वाटर इकोसिस्टम का अभिन्न अंश होते हैं, नदियों को स्वच्छ रखने में कछुए अहम भूमिका निभाते हैं। भारत में ताजे पानी के कछुए की आबादी खतरनाक दर से कम हो रही है।
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चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि कछुए पारिस्थितिकी तंत्र को नियंत्रित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पानी की गंदगी को खाकर साफ करते हैं। गोरखपुर में गंगेज कछुए पाए जाते हैं। इनकी संख्या तेजी से कम हो रही है। यहां पहले हर नदी और तालाब में यह आसानी से मिल जाते थे, लेकिन अब इनकी संख्या बहुत कम हो गई है।
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बरामद हुए थे 191 कछुए
वन विभाग की टीम ने 17 मई को दो तस्करों को 191 कछुओं के साथ गिरफ्तार किया था। यह कार से कछुओं को बिहार ले जा रहे थे। वन विभाग की टीम ने पकड़े गए 191 कछुओं में से 50 को चिड़ियाघर के तालाब और 141 को राप्ती नदी में उनके प्राकृतिक वास में छोड़ दिया।
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इसलिए होती है कछुओं की तस्करी
गंगेज साफ्टेशेल कछुए का इस्तेमाल कई तरह की दवाओं को बनाने में भी होता है। इसके साथ ही यह अंधविश्वास का शिकार भी बन रहे हैं। नेपाल और चीन में जादू-टोने में इनका इस्तेमाल किया जाता है। इस लिए दोनों देशों में इनकी अधिक मांग होने की इसकी वजह से बड़े पैमाने पर तस्करी होती है। हालांकि इस अंधविश्वास का कोई आधार नहीं है।
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बिहार और बंगाल भेजे जाते हैं कछुए
कछुओं की ज्यादातर तस्करी बिहार और पश्चिम बंगाल में होती है। गोरखपुर इसके रास्ते में पड़ता है इस वजह से कई बार ये पकड़े जाते हैं। तस्करों का गिरोह पश्चिम बंगाल के रास्ते इन्हें नेपाल और चीन भेजता है। बहुत से लोग इन्हें एक्वेरियम और निजी तालाबों में पालने के लिए भी खरीदते हैं।

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कोट...
कछुओं की तस्करी रोकने के लिए सात-सात लोगों की तीन टीमें बनाई गई हैं जो तस्करों पर नजर रखती हैं। गोरखपुर के रास्ते जब भी कोई तस्करी करने की कोशिश करता है तो उसे पकड़ लिया जाता है। कुछ दिनों पहले ही 191 कछुओं के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया था।
- विकास यादव, डीएफओ
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