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Gorakhpur News: बहन ने किडनी देकर बचाई मोइन की जिंदगी...तेज रफ्तार कार ने चंद सेकेंड में छीन ली
Wed, 13 Mar 2024 05:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2024 05:50 PM IST
सार
हिट एंड रन में जान गंवाने वालों में 42 साल के मोइन कपड़ा व्यापारी थे। परिवार वालों ने बताया कि दो साल पहले मोइन की बहन ने उनको एक तरह से मौत के मुंह से बाहर खींचा था। बीमारी के कारण मोइन की किडनी खराब हो गई थी। ट्रांसप्लांट ही आखिरी उपाय था जान बचाने का। तब उनकी बड़ी बहन ने अपनी एक किडनी देकर जान बचाई थी।
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जाहिदाबाद स्थित आवास में बैठे मृत अकील के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर में हिट एंड रन कांड के बाद से जाहिदाबाद इलाके में मातम पसरा है। हादसे में मारे गए मोइन और अकील के परिवार ही नहीं, पूरा इलाका गम और गुस्से में है। रो-रोकर परिवार वाले एक ही बात दोहरा रहे हैं- बहन ने किडनी देकर मोइन की जिंदगी बचाई और तेज रफ्तार कार ने चंद सेकेंड में सबकुछ छीन लिया..। रमजान के महीने से पहले ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ सबके बर्दाश्त के बाहर है।
तेज रफ्तार कार ने दो लोगों की ही जान नहीं ली, उनके अपनों को भी जीते जी मार डाला है। यह तकलीफ सिर्फ जाहिदाबाद मुहल्ले की नहीं है, पूरी गोरक्षनगरी को इस घटना ने झकझोर डाला है। एक के बाद एक दो हिट एंड रन केस में तीन लोगों की मौत ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस और प्रशासन भी अब इलको लेकर गंभीर है। सख्ती बरतने पर जोर दिया जा रहा है। मगर यह प्रयास भुक्तभोगी परिवारों को मरहम लगाने के लिए नाकाफी हैं।
मारे गए तीन लोगों के परिवार ही नहीं, बाकी शहरवासी भी गुस्से में हैं। दोनों परिवारों में गम के साथ तेज गुस्सा भी साफ झलक रहा है। हिट एंड रन में जान गंवाने वालों में 42 साल के मोइन कपड़ा व्यापारी थे। परिवार वालों ने बताया कि दो साल पहले मोइन की बहन ने उनको एक तरह से मौत के मुंह से बाहर खींचा था।
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बीमारी के कारण मोइन की किडनी खराब हो गई थी। ट्रांसप्लांट ही आखिरी उपाय था जान बचाने का। तब उनकी बड़ी बहन ने अपनी एक किडनी देकर जान बचाई। ऑपरेशन सफल रहा। लग रहा था कि दुखों का वक्त टल गया।
भाई-बहन दोनों अपनी जिंदगी को सामान्य तरीके से जी रहे थे, मगर रविवार को फिर मनहूस पलों ने हमेशा के लिए दुखों में डाल दिया। रोजाना की तरह मोइन अपने दोस्त अकील अहमद के साथ टहलने को घर से बाहर गए थे। तेज रफ्तार कार ने उन दोनों को टक्कर मारकर हवा में उछाल दिया। कई फीट ऊपर उछलकर दोनों सड़क पर गिरे और मौत हो गई। जब तक परिवार वालों को पता लगा, सब कुछ खत्म हो चुका था।
परिवार का आरोप- एक्सीडेंट नहीं, सोची समझी साजिश
मोइन के परिजनों का आरोप है कि ये नहीं एक हादसा नहीं बल्कि सोची समझी साजिश थी। मोइन के भाई ने बताया कि सीसीटीवी में यह साफ दिख रहा है कि सड़क पर जगह थी, उसके बावजूद कार चालक बस की तरफ आया। इसके बाद ठोकर मारकर फिर गाड़ी लेकर सीधे भाग गया।
अगर यह हादसा होता तो वह बस में टकरा सकता था या आगे गिट्टी के पास लड़खड़ा जाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मोइन और अकील दोनों के परिवार ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
बचपन के दोस्त थे... साथ ही जान भी छूटी
जाहिदाबाद निवासी मोइन और अकील बचपन के दोस्त थे। लगभग 20 साल से वे रोजाना रात में भोजन करने के बाद टहलने जाते थे। जाहिदाबाद के ही व्यापारी ताहिर भी उनके साथ कभी-कभी जाते थे। रविवार रात ये तीनों साथ टहलने निकले थे, लेकिन रामनगर चौराहे से पहले तेज रफ्तार कार ने ठोकर मार दी। इसमें मोइन और अकील की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ताहिर घायल हो गए।
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तेज रफ्तार कार ने दो लोगों की ही जान नहीं ली, उनके अपनों को भी जीते जी मार डाला है। यह तकलीफ सिर्फ जाहिदाबाद मुहल्ले की नहीं है, पूरी गोरक्षनगरी को इस घटना ने झकझोर डाला है। एक के बाद एक दो हिट एंड रन केस में तीन लोगों की मौत ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस और प्रशासन भी अब इलको लेकर गंभीर है। सख्ती बरतने पर जोर दिया जा रहा है। मगर यह प्रयास भुक्तभोगी परिवारों को मरहम लगाने के लिए नाकाफी हैं।
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मारे गए तीन लोगों के परिवार ही नहीं, बाकी शहरवासी भी गुस्से में हैं। दोनों परिवारों में गम के साथ तेज गुस्सा भी साफ झलक रहा है। हिट एंड रन में जान गंवाने वालों में 42 साल के मोइन कपड़ा व्यापारी थे। परिवार वालों ने बताया कि दो साल पहले मोइन की बहन ने उनको एक तरह से मौत के मुंह से बाहर खींचा था।
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बीमारी के कारण मोइन की किडनी खराब हो गई थी। ट्रांसप्लांट ही आखिरी उपाय था जान बचाने का। तब उनकी बड़ी बहन ने अपनी एक किडनी देकर जान बचाई। ऑपरेशन सफल रहा। लग रहा था कि दुखों का वक्त टल गया।
भाई-बहन दोनों अपनी जिंदगी को सामान्य तरीके से जी रहे थे, मगर रविवार को फिर मनहूस पलों ने हमेशा के लिए दुखों में डाल दिया। रोजाना की तरह मोइन अपने दोस्त अकील अहमद के साथ टहलने को घर से बाहर गए थे। तेज रफ्तार कार ने उन दोनों को टक्कर मारकर हवा में उछाल दिया। कई फीट ऊपर उछलकर दोनों सड़क पर गिरे और मौत हो गई। जब तक परिवार वालों को पता लगा, सब कुछ खत्म हो चुका था।
परिवार का आरोप- एक्सीडेंट नहीं, सोची समझी साजिश
मोइन के परिजनों का आरोप है कि ये नहीं एक हादसा नहीं बल्कि सोची समझी साजिश थी। मोइन के भाई ने बताया कि सीसीटीवी में यह साफ दिख रहा है कि सड़क पर जगह थी, उसके बावजूद कार चालक बस की तरफ आया। इसके बाद ठोकर मारकर फिर गाड़ी लेकर सीधे भाग गया।
अगर यह हादसा होता तो वह बस में टकरा सकता था या आगे गिट्टी के पास लड़खड़ा जाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मोइन और अकील दोनों के परिवार ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
बचपन के दोस्त थे... साथ ही जान भी छूटी
जाहिदाबाद निवासी मोइन और अकील बचपन के दोस्त थे। लगभग 20 साल से वे रोजाना रात में भोजन करने के बाद टहलने जाते थे। जाहिदाबाद के ही व्यापारी ताहिर भी उनके साथ कभी-कभी जाते थे। रविवार रात ये तीनों साथ टहलने निकले थे, लेकिन रामनगर चौराहे से पहले तेज रफ्तार कार ने ठोकर मार दी। इसमें मोइन और अकील की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ताहिर घायल हो गए।