Gorakhpur Weather: रहें होशियार..दिन-रात के तापमान में तीन गुना अंतर कर रहा बीमार
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश सिंह बताते हैं कि ठंड के मौसम में धूप के साथ चलने वाली सर्द हवाएं बच्चों को अधिक नुकसान पहुंचाती हैं। आमतौर पर माताएं ऐसे मौसम में बच्चों को धूप में नंगे बदन तेल की मालिश करती हैं। ऐसा करने पर सर्द हवाएं बच्चों को प्रभावित करती हैं।
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पार्वती का छह माह का बेटा शुभ दो दिन से बुखार, सर्दी-खांसी से पीड़ित है। बच्चा बार-बार रो रहा है और दूध भी नहीं पी रहा। बच्चों के डॉक्टर ने निमोनिया रोग के लक्षण बताया हैं। वहीं 60 वर्षीय रमाशंकर भी सांस की बीमारी से परेशान हैं। सुबह ही अचानक दिक्कत होने लगी तो घरवाले लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने बताया कि ठंडक की वजह से ऐसा हो रहा है।
इस बार मौसम भी स्वास्थ्य के लिए नई-नई चुनौतियां पेश कर रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. डीके सिंह बताते हैं कि दिसंबर में सर्दी अनुमान से कम है और यही सबसे बड़ा जोखिम भी है। दिन में तापमान 25 डिग्री के आसपास है तो हमें ठंडक का एहसास ही नहीं हो रहा। अगर बंद गाड़ी में घूमें तो पसीना आने लगता है। वहीं रात में 10 बजे के करीब तापमान 10 डिग्री के आसपास पहुंच जा रहा है। तापमान में यह तीन गुने का अंतर हर उम्र के लिए घातक है। बच्चों के लिए यह सबसे खतरनाक है। इससे निमोनिया के केस तेजी से बढ़ रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बुधवार की रात लगातार तीसरी बार न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री और अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में धूप के बीच सर्द पछुआ हवा चलती रही। इससे पहले मंगलवार को भी न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री और अधिकतम 25.2 डिग्री रहा।
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सोमवार को न्यूनतम तापमान 8.8 और अधिकतम 24.4 डिग्री दर्ज किया गया था। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 25 व न्यूनतम 9 डिग्री रहने का अनुमान है। शुक्रवार व शनिवार को न्यूनतम तापमान घटकर 7 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने वाला है।
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बच्चों के लिए नुकसानदेह है सर्द हवा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश सिंह बताते हैं कि ठंड के मौसम में धूप के साथ चलने वाली सर्द हवाएं बच्चों को अधिक नुकसान पहुंचाती हैं। आमतौर पर माताएं ऐसे मौसम में बच्चों को धूप में नंगे बदन तेल की मालिश करती हैं। ऐसा करने पर सर्द हवाएं बच्चों को प्रभावित करती हैं। इसलिए इन दिनों मालिश के बाद नंगे बदन रखने की बजाय गर्म कपड़े जरूर पहनाएं। क्योंकि बच्चे तापमान और सर्द हवाओं के इस खेल को झेल पाने में सक्षम नहीं होते। उन्हें सर्दी-जुकाम के साथ सीने में जकड़न होती है, जो निमोनिया का कारण बनता है।