{"_id":"61cfdf84fb51753964080410","slug":"shama-will-be-honored-on-january-3-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: लखनऊ में तीन जनवरी को सम्मानित होंगी शमा, बेहतर काम के लिए मिलेगा सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: लखनऊ में तीन जनवरी को सम्मानित होंगी शमा, बेहतर काम के लिए मिलेगा सम्मान
Sat, 01 Jan 2022 10:33 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 01 Jan 2022 10:33 AM IST
सार
कोविड महामारी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने किया है बेहतर कार्य, प्रदेश भर से तीन कार्यकर्ताओं को किया जाना है पुरस्कृत।
विज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शमा
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोविड महामारी के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शमा परवीन समेत तीन को तीन जनवरी को समारोह पूर्वक लखनऊ में सम्मानित किया जाएगा। इंदिरागांधी प्रतिष्ठान के ज्यूपिटर हाल में होने वाले समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे।
विज्ञापन
इस संबंध में निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार सारिका मोहन ने गोरखपुर, बाराबंकी, बुलंदशहर के डीएम को एक पत्र भेजा है। पत्र में इन जिलों की सम्मानित होने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समारोह में शामिल होने के लिए निर्धारित तिथि से एक दिन पूर्व सूचित करने को कहा है।
विज्ञापन
इस बात का ध्यान रहे कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका किसी महिला अधिकारी के साथ ही कार्यक्रम में पहुंचे। शमा परवीन के साथ ही बुलंदशहर की कमलेश यादव और बाराबंकी कांति वर्मा को सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन
मैंने तो अपना फर्ज निभाया : शमा
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शमा बोलीं, मैंने तो अपना फर्ज निभाया। वही किया जो एक आंगनबाड़ी और एक नेक दिल इंसान को करना चाहिए। मैं कोरोना के दौरान खुद मास्क सिलती थी, लोगों में वितरित करती थी। अल्पसंख्यक समुदाय के जो लोग जांच कराने से कतराते थे, उनको प्रेरित कर कोविड जांच करवाती थी। बाहर से आने वाले लोगों की सूचना प्रशासन को देती थी। उनको घर में क्वारंटीन रहने के लिए कहती थी। इतना ही नहीं क्वारंटीन सेंटर में नियमित जाकर लोगों का हाल चाल लेती थी। जो जरूरत होती थी, उसे लेखपाल तथा अन्य लोगों से कह कर पहुंचवाती थी। कोरोना के दौरान बहुत से जरूरतमंदों के घर राशन भी पहुंचाया।