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पूर्वांचल में भूकंपरोधी निर्माण की जरूरत
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पूर्वांचल में भूकंपरोधी निर्माण की जरूरत
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के जनपदीय अभियंत्रण विभाग की ओर से सोमवार को पांच दिवसीय ऑनलाइन संकाय विकास कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सोमवार को पहले दिन ‘रीसेंट एडवांसेज इन अर्थक्वेक इंजीनियरिंग’ विषय पर विशेषज्ञों ने पूर्वांचल के भौतिक हालातों को देखते हुए यहां भूकंपरोधी निर्माण का सुझाव दिया।
उद्घाटन सत्र में विभागाध्यक्ष प्रो. श्रीराम चौरसिया ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारतीय भूकंप मानचित्र के चतुर्थ क्षेत्र में स्थित है। इसलिए यहां भूकंपीय जोखिम आकलन और आपदा प्रबंधन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। मुख्य अतिथि प्रो. केजी उपाध्याय रहे। उन्होंने कार्यक्रम के औचित्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम समन्वयक रोहित कुमार ने कहा कि पूर्वांचल में भूकंपरोधी निर्माण पर बल देने की विशेष जरूरत है।
राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमित गोयल ने भवन निर्माण में नवीन तकनीक के उपयोग एवं उनके लाभों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के 120 चयनित विशेषज्ञ प्रतिभाग कर रहे हैं। इस दौरान प्रो. एसएम अली, एसएन चौधरी आदि मौजूद रहे।
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ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी में दिखाए हुनर
गोरखपुर। एमएमएमयूटी के इनोवेशन सेल की ओर से सोमवार को ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। इसमें देश के विभिन्न तकनीकी और मैनेजमेंट संस्थानों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विजेता रितेश शर्मा व शौर्य त्रिपाठी रहे। अन्य संस्थानों की श्रेणी में बीएचयू की आयुषी लीला और आइइटी लखनऊ के प्रमोद मिश्र ने प्रतियोगिता जीती। एमएमएमयूटी के अलावा प्रतियोगिता में बीएचयू वाराणसी, गलगोटिया यूनिवर्सिटी नोएडा, आइइटी लखनऊ, नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ आदि के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के जनपदीय अभियंत्रण विभाग की ओर से सोमवार को पांच दिवसीय ऑनलाइन संकाय विकास कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सोमवार को पहले दिन ‘रीसेंट एडवांसेज इन अर्थक्वेक इंजीनियरिंग’ विषय पर विशेषज्ञों ने पूर्वांचल के भौतिक हालातों को देखते हुए यहां भूकंपरोधी निर्माण का सुझाव दिया।
उद्घाटन सत्र में विभागाध्यक्ष प्रो. श्रीराम चौरसिया ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारतीय भूकंप मानचित्र के चतुर्थ क्षेत्र में स्थित है। इसलिए यहां भूकंपीय जोखिम आकलन और आपदा प्रबंधन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। मुख्य अतिथि प्रो. केजी उपाध्याय रहे। उन्होंने कार्यक्रम के औचित्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम समन्वयक रोहित कुमार ने कहा कि पूर्वांचल में भूकंपरोधी निर्माण पर बल देने की विशेष जरूरत है।
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राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमित गोयल ने भवन निर्माण में नवीन तकनीक के उपयोग एवं उनके लाभों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के 120 चयनित विशेषज्ञ प्रतिभाग कर रहे हैं। इस दौरान प्रो. एसएम अली, एसएन चौधरी आदि मौजूद रहे।
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ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी में दिखाए हुनर
गोरखपुर। एमएमएमयूटी के इनोवेशन सेल की ओर से सोमवार को ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। इसमें देश के विभिन्न तकनीकी और मैनेजमेंट संस्थानों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विजेता रितेश शर्मा व शौर्य त्रिपाठी रहे। अन्य संस्थानों की श्रेणी में बीएचयू की आयुषी लीला और आइइटी लखनऊ के प्रमोद मिश्र ने प्रतियोगिता जीती। एमएमएमयूटी के अलावा प्रतियोगिता में बीएचयू वाराणसी, गलगोटिया यूनिवर्सिटी नोएडा, आइइटी लखनऊ, नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ आदि के विद्यार्थियों ने भाग लिया।