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एसडीएम की यूजर आईडी हैक कर सत्यापन में किया खेल

Wed, 13 Jan 2021 10:41 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jan 2021 10:41 PM IST
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SDM User ID Hacked Game
एसडीएम की यूजर आईडी हैक कर सत्यापन में खेल
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एसडीएम डुमरियागंज के आदेश पर भूलेख ऑपरेटर सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज
एहतेशाम उद्दीन अहमद
सिद्धार्थनगर। किसानों की पैदावार सस्ते में खरीदकर मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए दलाल ने भूमिहीन किसानों के नाम सैकड़ों बीघा जमीन की खतौनी बनवाने का खेल किया। इसमें एसडीएम डुमरियागंज कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल था। उसी ने एसडीएम की आईडी और पासवर्ड हैक कर दलाल के माध्यम से लाई गई किसानों की फर्जी खतौनी और दस्तावेज का सत्यापन किया। इसी दस्तावेज के आधार पर मंडी में उपज बेची गई। फर्जीवाड़ा पकड़ में आने पर एसडीएम त्रिलोकचंद ने कंप्यूटर ऑपरेटर सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस जांच कर रही है।
एसडीएम डुमरियागंज को हाल ही में शिकायतें मिलीं थी कि जिन किसानों के पास जमीन नहीं है, उनके नाम से मंडी समितियों में सैकड़ों क्विंटल धान की बिक्री की गई है। उनके खातों में धान खरीद का आठ से 18 लाख रुपयों तक का भुगतान भी किया गया। इस पर उन्होंने जांच कराई। इसमें कई भूमिहीन या बहुत कम भूमि वाले किसानों के नाम सैकड़ों बीघा भूमि की खतौनी बनी होने का पता चला। खास बात यह थी कि इन किसानों की खतौनी का सत्यापन एसडीएम डुमरियागंज की ओर से ही किया गया था। गहन जांच में सामने आया कि तहसील डुमरियागंज में तैनात भूलेख ऑपरेटर अमित तिवारी ने एसडीएम की आईडी और पासवर्ड हैक कर यह खेल किया। जांच में पता चला कि सभी फर्जी आवेदन सहज जन सेवा केंद्र चलाने वाले मन्नीजोत निवासी विकास के यहां से ऑनलाइन किए गए थे।
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एसडीएम त्रिलोकचंद का कहना है कि अमित तिवारी, विकास और रमेश गुप्ता की मिलीभगत से यह खेल किया गया है। विकास का कहना है कि उसे फर्जीवाड़े की जानकारी नहीं है। रमेश गुप्ता जो आवेदन लाते थे, वह उन्हें ऑनलाइन करता था। फर्जी दस्तावेज का सत्यापन कैसे होता था, उसे यह भी नहीं मालूम, जबकि रमेश गुप्ता का कहना है कि वह जो भी आवेदन लाते थे, उनका विकास ही सत्यापन कराके उन्हें देता था। एसडीएम के आदेश पर रजिस्ट्रार कानूनगो (भूलेख) डुमरियागंज सतीशचंद्र ने तीनों के खिलाफ डुमरियागंज थाने में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है। एसएचओ डुमरियागंज कृष्णदेव सिंह ने बताया कि जांच-पड़ताल की जा रही है।
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अंदर के लिए
औने-पौने दाम पर किसानों से खरीदते थे उनकी उपज
एसडीएम की यूजर आईडी हैक कर सत्यापन में खेल करने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। दलाल पहले तो किसानों से औने-पौने दाम पर उनकी उपज खरीदते थे, फिर से मंडी समिति या केंद्र पर बेचने के लिए ऐसे भूमिहीन किसानों को निशाना बनाया जाता था जिनका बैंक में खाता हो। उनके बैंक खाते की डिटेल लेने के बाद किसान के नाम सैकड़ों बीघा जमीन दर्शाने वाली खतौनी का आवेदन किया जाता था। एसडीएम कार्यालय के भूलेख ऑपरेटर की मिलीभगत से इसे सत्यापित कर दिया जाता था। खतौनी की इस सत्यापित प्रति के आधार पर किसानों से सस्ते में खरीदी गई उपज केंद्र पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेची जाती थी। सूत्रों के अनुसार रमेश गुप्ता के परिवार के सदस्य के नाम भी 32 सौ बीघा जमीन की फर्जी खतौनी तैयार कर लाखों रुपये का खाद्यान्न बेचा गया है।
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