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Gorakhpur News: हाईवे पार बनने लगे स्कूल, अस्पताल-शापिंग मॉल....तेजी से बढ़ रहा जमीनों का दाम
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फोरलेन से और बदल जाएगी सूरत, सिक्टौर चौराहे से एनएच 28 अंडरपास पार कर दूसरी तरफ बसने लगी हैं काॅलोनियां
जंगल सिकरी और ताल कंदरा के बीच कई कॉलेजों, शापिंग कांप्लेक्स का तेजी से हो रहा निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रामगढ़ताल के सुंदरीकरण से केवल पर्यटकों का ही आगमन नहीं बढ़ा है, बल्कि इससे आसपास के इलाके में बसने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। उधर, देवरिया बाईपास और देवरिया रोड से दो फोरलेन भी सिक्टौर से जंगल सिकरी और तालकंदरा के इलाके से होकर गुजरेंगी। महायोजना 2031 में इसका जिक्र है। इससे पहले ही सिक्टौर चौराहे से दाहिनी ओर एनएच 28 का अंडरपास पार करके कई निजी स्कूल, अस्पताल और शापिंग कांप्लेक्स बनने लगे हैं।
ताल कंदरा गांव के पास लॉ कॉलेज और जंगल सीकरी में निजी इंजीनियरिंग कॉलेज का भी निर्माण हो चुका है। इससे आसपास की जमीनों का दाम तेजी से बढ़ रहा है। देवरिया बाईपास से जुड़े बिन टोलिया से देवरिया रोड पर वनसप्ती देवी मंदिर तक सड़क के दोनों किनारे की जमीनें बिक गई हैं। लोग खेतों में अपना घर बनाने लगे हैं। आने वाले कुछ ही वर्षों में यह भी शहर एक विकसित इलाका होगा।
जंगल अयोध्या प्रसाद, बिन टोलिया और रामबरन चौक और आसपास के गांवों में जमीनों की प्लॉटिंग बहुत तेजी से हो रही है। पिछले दो-तीन वर्षों में कई नए मकान बने हैं। यहां छोटे-छोटे प्लॉट हैं। जाहिर है कि इन्हें मकान बनवाने के लिए या निवेश के लिए खरीदा गया है। लगभग सभी जमीनों को कांटेदार लोहे की तारों से घेर दिया गया है। रामबरन चौक के पास पान की गुमटी चलाने वाले सरजू चौहान बताते हैं कि पांच साल पहले तक इन इलाकों में बिसवा और डिसमिल की दर से जमीनों की बिक्री होती थी, लेकिन अब प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीनें बिक रही हैं।
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पहले सड़क के किनारे की जो जमीन 4-5 लाख रुपये प्रति डिसमिल की दर से मिलती थीं, अब मेन रोड से हटकर चकरोड पर 10 लाख रुपये डिसमिल का रेट लोग मांग रहे हैं। जिन लोगों ने 5-6 वर्ष पहले जमीन खरीदी थी, आज उन जमीनों के दाम दो से तीन गुना ज्यादा हो गए हैं।
सड़क किनारे दुकानों की कतार
सिक्टौर चौराहे से 200 मीटर दूरी पर फोरलेन पुल पार करते हुए जंगल सीकरी का अयोध्या प्रसाद टोला शुरू हो जाता है। पुल से ठीक पहले चाय की दुकानें खुल गई हैं। यहां पर प्राइवेट स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग कांप्लेक्स आदि के भवन भी तैयार हो गए हैं। साथ ही सड़क किनारे दुकानें खुलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। दुकानों की संख्या में इजाफा हो रहा है। रामप्रसाद चौधरी ने बताया कि अब यहां रात में आठ-नौ बजे तक खूब रौनक रहती है। हालांकि, अभी शहर से दूर होने के चलते रात में लोग देर तक कम रुकते हैं, लेकिन आवागमन पूरी रात रहती है।
नगर निगम में आ चुका है, जल्द ही बदलेंगे हालात
जंगल सीकरी बिनटोलिया तक नगर निगम के दायरे में आ गया है, लेकिन यहां पर अभी नाली, सड़क और अन्य सुविधाएं बदहाल हैं। मुख्य सड़क की हालत भी खस्ता है। दोनों तरफ बनी नालियां कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, लेकिन इस इलाके में घर बनाने वालों को उम्मीद है कि यह सब कुछ बहुत जल्दी बदल जाएगा। इस इलाके में घर बनाकर रह रहे विश्वनाथ पांडेय ने बताया कि पहले अधिकांश इलाका खाली और ग्रामीण था, तो कोई ध्यान नहीं देता था। हम लोगों ने नगर निगम के अफसरों को अपने इलाके में बिजली, पानी, सड़क की समस्या से अवगत कराया है। जल्द ही सड़क निर्माण की उम्मीद है।
लोग बोले
मैने 24 साल पहले एक लाख रुपये में 16 डिसमिल जमीन खरीदी थी। तब इस क्षेत्र में केवल खेत ही थे। अब शहर से लोग इस क्षेत्र में आकर बस रहे हैं। क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है। यहां जमीन की कीमत प्रति डिसमिल 5 लाख से ज्यादा हो गई है।
सुभाष चंद्र, जंगल सीकरी
-- -
पांच साल पहले मैंने 1,000 रुपये स्क्वायर फुट की दर से 1,000 वर्ग फीट जमीन खरीदी थी। अब जमीन का दाम बढ़कर 2,200 रुपये प्रति स्क्वायर फुट हो गया है। यहां रोजाना 5-6 लोग जमीन खरीदने के बारे में पूछताछ के लिए आते रहते हैं।
नंद किशोर मिश्रा, जंगल अयोध्या प्रसाद
पांच वर्ष पहले मैं जब जंगल सीकरी में रहने आया तो किसी तरह के विकास कार्य नहीं हुए थे। अब तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। क्षेत्र में स्कूल, अस्पताल, कॉलेज आदि का निर्माण हुआ है।
प्रदीप, दुकानदार
--
जंगल सीकरी दो साल पहले नगर निगम क्षेत्र में शामिल हुआ है। अभी यहां पर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सड़कों, रास्तों, नालियों की हालत खस्ता है। निगम के कर्मी भी सफाई करते नहीं दिखते हैं। फिर भी लोग तेजी से आकर बस रहे हैं। आने वाले समय में शहर का फैलाव यहां तक होगा।
चंद्रकेश साहनी, जंगल सीकरी
वर्जन
शहर का विकास चारों तरफ हो रहा है। जो नए वार्ड नगर क्षेत्र में शामिल हुए हैं, वहां विशेष तौर पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें सड़क, नाली और पथ प्रकाश के काम प्राथमिकता से हो रहे हैं। नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम भी पूरा प्रयास कर रहा है।
गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त
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जंगल सिकरी और ताल कंदरा के बीच कई कॉलेजों, शापिंग कांप्लेक्स का तेजी से हो रहा निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रामगढ़ताल के सुंदरीकरण से केवल पर्यटकों का ही आगमन नहीं बढ़ा है, बल्कि इससे आसपास के इलाके में बसने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। उधर, देवरिया बाईपास और देवरिया रोड से दो फोरलेन भी सिक्टौर से जंगल सिकरी और तालकंदरा के इलाके से होकर गुजरेंगी। महायोजना 2031 में इसका जिक्र है। इससे पहले ही सिक्टौर चौराहे से दाहिनी ओर एनएच 28 का अंडरपास पार करके कई निजी स्कूल, अस्पताल और शापिंग कांप्लेक्स बनने लगे हैं।
ताल कंदरा गांव के पास लॉ कॉलेज और जंगल सीकरी में निजी इंजीनियरिंग कॉलेज का भी निर्माण हो चुका है। इससे आसपास की जमीनों का दाम तेजी से बढ़ रहा है। देवरिया बाईपास से जुड़े बिन टोलिया से देवरिया रोड पर वनसप्ती देवी मंदिर तक सड़क के दोनों किनारे की जमीनें बिक गई हैं। लोग खेतों में अपना घर बनाने लगे हैं। आने वाले कुछ ही वर्षों में यह भी शहर एक विकसित इलाका होगा।
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जंगल अयोध्या प्रसाद, बिन टोलिया और रामबरन चौक और आसपास के गांवों में जमीनों की प्लॉटिंग बहुत तेजी से हो रही है। पिछले दो-तीन वर्षों में कई नए मकान बने हैं। यहां छोटे-छोटे प्लॉट हैं। जाहिर है कि इन्हें मकान बनवाने के लिए या निवेश के लिए खरीदा गया है। लगभग सभी जमीनों को कांटेदार लोहे की तारों से घेर दिया गया है। रामबरन चौक के पास पान की गुमटी चलाने वाले सरजू चौहान बताते हैं कि पांच साल पहले तक इन इलाकों में बिसवा और डिसमिल की दर से जमीनों की बिक्री होती थी, लेकिन अब प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीनें बिक रही हैं।
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पहले सड़क के किनारे की जो जमीन 4-5 लाख रुपये प्रति डिसमिल की दर से मिलती थीं, अब मेन रोड से हटकर चकरोड पर 10 लाख रुपये डिसमिल का रेट लोग मांग रहे हैं। जिन लोगों ने 5-6 वर्ष पहले जमीन खरीदी थी, आज उन जमीनों के दाम दो से तीन गुना ज्यादा हो गए हैं।
सड़क किनारे दुकानों की कतार
सिक्टौर चौराहे से 200 मीटर दूरी पर फोरलेन पुल पार करते हुए जंगल सीकरी का अयोध्या प्रसाद टोला शुरू हो जाता है। पुल से ठीक पहले चाय की दुकानें खुल गई हैं। यहां पर प्राइवेट स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग कांप्लेक्स आदि के भवन भी तैयार हो गए हैं। साथ ही सड़क किनारे दुकानें खुलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। दुकानों की संख्या में इजाफा हो रहा है। रामप्रसाद चौधरी ने बताया कि अब यहां रात में आठ-नौ बजे तक खूब रौनक रहती है। हालांकि, अभी शहर से दूर होने के चलते रात में लोग देर तक कम रुकते हैं, लेकिन आवागमन पूरी रात रहती है।
नगर निगम में आ चुका है, जल्द ही बदलेंगे हालात
जंगल सीकरी बिनटोलिया तक नगर निगम के दायरे में आ गया है, लेकिन यहां पर अभी नाली, सड़क और अन्य सुविधाएं बदहाल हैं। मुख्य सड़क की हालत भी खस्ता है। दोनों तरफ बनी नालियां कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, लेकिन इस इलाके में घर बनाने वालों को उम्मीद है कि यह सब कुछ बहुत जल्दी बदल जाएगा। इस इलाके में घर बनाकर रह रहे विश्वनाथ पांडेय ने बताया कि पहले अधिकांश इलाका खाली और ग्रामीण था, तो कोई ध्यान नहीं देता था। हम लोगों ने नगर निगम के अफसरों को अपने इलाके में बिजली, पानी, सड़क की समस्या से अवगत कराया है। जल्द ही सड़क निर्माण की उम्मीद है।
लोग बोले
मैने 24 साल पहले एक लाख रुपये में 16 डिसमिल जमीन खरीदी थी। तब इस क्षेत्र में केवल खेत ही थे। अब शहर से लोग इस क्षेत्र में आकर बस रहे हैं। क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है। यहां जमीन की कीमत प्रति डिसमिल 5 लाख से ज्यादा हो गई है।
सुभाष चंद्र, जंगल सीकरी
पांच साल पहले मैंने 1,000 रुपये स्क्वायर फुट की दर से 1,000 वर्ग फीट जमीन खरीदी थी। अब जमीन का दाम बढ़कर 2,200 रुपये प्रति स्क्वायर फुट हो गया है। यहां रोजाना 5-6 लोग जमीन खरीदने के बारे में पूछताछ के लिए आते रहते हैं।
नंद किशोर मिश्रा, जंगल अयोध्या प्रसाद
पांच वर्ष पहले मैं जब जंगल सीकरी में रहने आया तो किसी तरह के विकास कार्य नहीं हुए थे। अब तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। क्षेत्र में स्कूल, अस्पताल, कॉलेज आदि का निर्माण हुआ है।
प्रदीप, दुकानदार
जंगल सीकरी दो साल पहले नगर निगम क्षेत्र में शामिल हुआ है। अभी यहां पर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सड़कों, रास्तों, नालियों की हालत खस्ता है। निगम के कर्मी भी सफाई करते नहीं दिखते हैं। फिर भी लोग तेजी से आकर बस रहे हैं। आने वाले समय में शहर का फैलाव यहां तक होगा।
चंद्रकेश साहनी, जंगल सीकरी
वर्जन
शहर का विकास चारों तरफ हो रहा है। जो नए वार्ड नगर क्षेत्र में शामिल हुए हैं, वहां विशेष तौर पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें सड़क, नाली और पथ प्रकाश के काम प्राथमिकता से हो रहे हैं। नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम भी पूरा प्रयास कर रहा है।
गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त