गोरखपुर: फर्जी कंपनी बनाकर बचा रहे टैक्स, इनपुट क्रेडिट भी लिया
खंगाले जा रहे खाते, दूसरे व्यापारी के नाम का इन्वायस जारी करते हैं, बाद में भर देते हैं रिटर्न
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जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के प्रावधानों का ही फायदा उठाकर कई व्यापारी न सिर्फ टैक्स चोरी कर रहे हैं, बल्कि उनके नेटवर्क में शामिल दूसरे व्यापारी खरीदे गए माल के बदले इनपुट टैक्स क्रेडिट का भी लाभ ले रहे हैं। व्यापार कर विभाग ने इस तरह की तीन बड़ी फर्मों को चिह्नित भी कर लिया है। अब इन फर्मों से जुड़े अन्य आंकड़ों की छानबीन चल रही है।
शासन ने व्यापार में कर चोरी रोकने के लिए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) की व्यवस्था लागू की है। कहा जा रहा था कि यह टैक्स चोरी रोकने का सबसे कारगर हथियार है। नियम लागू होने के बाद टैक्स वसूली में बढ़ोतरी भी हुई है। लेकिन कुछ धंधेबाजों ने इससे न सिर्फ बचने का रास्ता खोज लिया, बल्कि नियमों को ही हथियार बनाकर सरकार से ही टैक्स (इनपुट टैक्स क्रेडिट) ले ले रहे हैं। दरअसल यह पूरा खेल नियमों की आड़ में ही खेला जा रहा है। गोरखपुर के एक मोबाइल कारोबारी के यहां से शुरू हुई जांच के बाद इस तरह का मामला सामने आने लगा है।
क्या है इनपुट टैक्स क्रेडिट
प्रथम विक्रेता माल पर निर्धारित जीएसटी जमाकर बिक्री करता है। इस माल को दूसरे विक्रेता को बेंचा तो सामान की मूल कीमत व जीएसटी के साथ हुई कीमत के बीच का अंतर इस विक्रेता के खाते में क्रेडिट हो जाता है। इसे इनपुट टैक्स क्रेडिट कहा जाता है। दूसरा विक्रेता इस इनपुट क्रेडिट को चाहे तो अपने किसी अन्य माल के बदले टैक्स के रूप में जमा कर सकता है, अथवा वापस ले सकता है।
ऐसे चल रहा है पूरा खेल
इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने वालों का पूरा एक समूह है। यहां पहला विक्रेता जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी है, लेकिन उसने माल की खरीद-बिक्री कागज में ही की और टैक्स भी नहीं चुकाया। उसने जिसे कागज में माल बेंचा, उसने इनपुट क्रेडिट का लाभ ले लिया, जबकि पहले ने टैक्स जमा ही नहीं किया।
इसके बाद खरीद-बिक्री का यह पेपर तीसरे कारोबारी को पकड़ा दिया, जिसने बिना किसी वैध कागजात के ही माल खरीदा और इस पेपर के सहारे अपना कारोबार कर रहा है। इस खेल में एक साथ कई व्यापारी शामिल होते हैं। एक माल अलग-अलग दुकानदारों को बेंचा जाता है। बिक्री का इन्वायस कटता है और बिल बैंक में जमा होता है। बाद में जमा की गई जीएसटी पर रिटर्न दाखिल कर लिए गए रुपये ले लिए जाते हैं।
टैक्स इनपुट क्रेडिट का लाभ पाने वालों की जांच के दौरान तीन ऐसी कंपनियों के बारे में जानकारी मिली है, जिनका सेंट्रल जीएसटी में पंजीकरण है और इन्होंने माल की खरीद-बिक्री भी की है। परंतु, वास्तव में ये कंपनियां वजूद में ही नहीं हैं। इन कंपनियों ने कोई टैक्स जमा ही नहीं किया, जबकि इनके खरीदारों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ ले लिया। - राजेश सिंह, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2, व्यापार कर।