{"_id":"66a2f9556bca49eef2078a67","slug":"saryu-is-flowing-below-the-danger-mark-the-pace-of-receding-is-very-slow-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-632602-2024-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: खतरे के निशान से नीचे बह रही सरयू, घटने की रफ्तार बहुत धीमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: खतरे के निशान से नीचे बह रही सरयू, घटने की रफ्तार बहुत धीमी
Fri, 26 Jul 2024 06:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 26 Jul 2024 06:48 AM IST
विज्ञापन
गोरखपुर। पिछले कुछ दिनों से कभी लाल निशान के नीचे तो कभी लाल निशान के ऊपर बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 19 सेमी नीचे आ गया है। लेकिन, उसके घटने की रफ्तार बहुत धीमी है। विगत चौबीस घंटे में सरयू नदी खतरे के निशान से पांच सेमी नीचे आई है। वहीं, राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। वह बृहस्पतिवार को खतरे के निशान से 1.58 मीटर नीचे आ गई है। रोहिन नदी का जलस्तर 2.84 मीटर तो गोर्रा नदी का जलस्तर 1.40 मीटर नीचे आ गया है। कुआनो का जलस्तर भी 1.20 मीटर लाल निशान से नीचे है।
इस समश नेपाल की पहाड़ी से लेकर मैदानी इलाकों में बारिश नहीं हो रही है। इसका असर नदियों के जलस्तर पर भी दिखने लगा है। जिले में बहने वाली सभी नदियों का जलस्तर सरयू को छोड़ तेजी से नीचे आ रहा है। सरयू नदी भी नीचे आ रही है, लेकिन उसके नीचे आने की रफ्तार बहुत धीमी है। राप्ती नदी ने चंद रोज पहले खतरे के निशान से एक मीटर से अधिक ऊपर जाकर 64 गांवों को अपने चपेट में ले लिया था। लेकिन, अब वह खतरे के निशान से डेढ़ मीटर से भी अधिक नीचे पहुंच गई है।
रोहिन नदी लगभग तीन मीटर खतरे के निशान से नीचे आ गई है। ऐसा लगने लगा है कि नदी में पानी नहीं के बराबर है। गोर्रा और कुआनो भी खतरे के निशान से बहुत नीचे आ गईं हैं। फिलहाल इन नदियों के तटीय क्षेत्र में बाढ़ का कोई खतरा नही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस समश नेपाल की पहाड़ी से लेकर मैदानी इलाकों में बारिश नहीं हो रही है। इसका असर नदियों के जलस्तर पर भी दिखने लगा है। जिले में बहने वाली सभी नदियों का जलस्तर सरयू को छोड़ तेजी से नीचे आ रहा है। सरयू नदी भी नीचे आ रही है, लेकिन उसके नीचे आने की रफ्तार बहुत धीमी है। राप्ती नदी ने चंद रोज पहले खतरे के निशान से एक मीटर से अधिक ऊपर जाकर 64 गांवों को अपने चपेट में ले लिया था। लेकिन, अब वह खतरे के निशान से डेढ़ मीटर से भी अधिक नीचे पहुंच गई है।
विज्ञापन
रोहिन नदी लगभग तीन मीटर खतरे के निशान से नीचे आ गई है। ऐसा लगने लगा है कि नदी में पानी नहीं के बराबर है। गोर्रा और कुआनो भी खतरे के निशान से बहुत नीचे आ गईं हैं। फिलहाल इन नदियों के तटीय क्षेत्र में बाढ़ का कोई खतरा नही है।
विज्ञापन