फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Same farmer got mustard crop insurance

गोरखपुर: एक ही किसान ने कराया है सरसों की फसल का बीमा, दोगुनी से अधिक हो गई पैदावार

Sat, 19 Feb 2022 11:22 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 19 Feb 2022 11:22 AM IST
सार

खाद्य तेल के आयात के कारण महंगाई भी तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए जनपद में पिछले साल की तुलना में इस साल सरसों की बुआई किसानों ने अधिक की है। पिछले साल जनपद में सरसों की बुआई 3765 हेक्टेयर क्षेत्रफल में की गई थी।

विज्ञापन
Same farmer got mustard crop insurance
सरसों का खेत। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जनपद में लगभग आठ हजार हेक्टेयर में सरसों की बुआई की गई है। यह पिछले साल की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। लेकिन, केवल एक किसान ने सरसों की फसल का बीमा कराया है। बरसात और ओला गिरने से सरसों की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। बीमा न कराने के कारण अन्य किसानों को उसका लाभ नहीं मिलेगा।

विज्ञापन


तिलहन उत्पादन कम होने के कारण खाद्य तेल का दाम लगातार बढ़ता गया। माना जा रहा है कि खाद्य तेल के आयात के कारण महंगाई भी तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए जनपद में पिछले साल की तुलना में इस साल सरसों की बुआई किसानों ने अधिक की है। पिछले साल जनपद में सरसों की बुआई 3765 हेक्टेयर क्षेत्रफल में की गई थी।
विज्ञापन


इस साल उसका रकबा बढ़कर 7765 हेक्टेयर हो गया है। गेहूं की फसल का किसानों ने बीमा कराया है। आपदा में नुकसान होने पर उसका मुआवजा बीमा कंपनी देगी। लेकिन, जिन किसानों ने सरसों की खेती की है, उनमें से एक को छोड़कर किसी ने बीमा नहीं कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीमा कंपनी के स्थानीय प्रबंधक धर्मेंद्र कुशवाहा ने बताया कि हाल ही में बारिश और ओला पड़ने से सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल काफी छोटी होने के कारण उसको नुकसान नहीं के बराबर हुआ है। उन्होंने बताया कि सरसों की फसल का बीमा 0-0431 हेक्टेयर का सहजनवां ब्लॉक के भरसाड़ गांव के नेबूलाल ने कराया है। इसके लिए उन्होंने 25 रुपये जमा किया था। इस हिसाब से उनको बीमा की राशि 1698 रुपये मिलेगी।


उन्होंने बताया कि ओला या बारिश से सरसों की फसल का नुकसान यदि हुआ है तो इसकी सूचना बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर 72 घंटे के अंदर देनी होगी या किसान इसकी सूचना जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में लिखित रूप से दें। बीमा कंपनी की तरफ से उसकी जांच कराई जाएगी। नुकसान हुआ है तो उसका भुगतान कंपनी करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed