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गोरखपुर की बांसगांव विधानसभा: यहां जीत का स्वाद नहीं चख सकी है सपा, कांग्रेस 37 वर्षों से कर रही संघर्ष

Sun, 23 Jan 2022 02:38 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 23 Jan 2022 02:38 PM IST
सार

पिछले दो चुनावों में वोटिंग के मामले में बांसगांव विधानसभा क्षेत्र के मतदाता पीछे रहे हैं। दोनों बार 50 फीसदी भी वोटिंग नहीं हो सकी थी। इससे चुनाव आयोग के अफसर चिंतित भी हैं।

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Samajwadi Party never win Bansgaon Vidhan sabha seat
कांग्रेस और सपा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आंकड़े गवाह हैं कि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित बांसगांव विधानसभा सीट पर अब तक भाजपा-बसपा के बीच ही मुख्य मुकाबला रहा। सपा को इस सीट से जीत का स्वाद चखने का मौका नहीं मिला। कांग्रेस जीत के स्वाद के लिए 37 वर्षों से संघर्ष कर रही है।

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साल 2017 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस-सपा ने मिलकर लड़ा था। संयुक्त रूप से सपा प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा गया, फिर भी कोई खास कमाल नहीं हो सका। सपा प्रत्याशी को तीसरे स्थान पर रहना पड़ा था। भाजपा को जीत मिली थी। बसपा दूसरे स्थान पर थी।
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बांसगांव सुरक्षित विधानसभा सीट का इतिहास दिलचस्प है।  भाजपा-बसपा, दोनों राजनीतिक दलों को अलग-अलग वर्षों में चार-चार बार जीत मिल चुकी है। 2002 से लेकर 2017 तक यह सीट बसपा के कब्जे में रही है। 2017 के विधानसभा चुनाव में 15 वर्षों बाद, यहां कमल खिला। अब सभी राजनीतिक दल मिशन 2022 की तैयारी में जुटे हैं। किसी राजनीतिक दल ने अधिकृत प्रत्याशी के नाम का एलान अभी इस सीट से नहीं किया है, लेकिन सबके दावे बेहतर तैयारी के हैं।  

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वोटिंग के मामले में पीछे

पिछले दो चुनावों में वोटिंग के मामले में बांसगांव विधानसभा क्षेत्र के मतदाता पीछे रहे हैं। दोनों बार 50 फीसदी भी वोटिंग नहीं हो सकी थी। इससे चुनाव आयोग के अफसर चिंतित भी हैं। इस बार मतदान फीसदी बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान पर जोर दिया जा रहा है। मतदाता पर्ची को जल्द घर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

2017 विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 48.23 फीसदी

पार्टी                मिले मत            फीसदी
भाजपा                71,966                40.73
बसपा                 49,093                27.79
सपा-कांग्रेस (संयुक्त प्रत्याशी)44,051      24.93
निषाद पार्टी               7,892              4.47

1.21 फीसदी मतदाताओं ने दबाया था नोटा

इस क्षेत्र के 2,143 मतदाताओं ने नन ऑफ द एबव (नोटा) का बटन दबाया था, जो कुल मतदान का 1.21 फीसदी था। आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। तीन राजनीतिक दलों को छोड़ दें तो ज्यादातर प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। पहली बार चुनाव मैदान में उतरी निषाद पार्टी को 4.47 फीसदी वोट मिले थे।  

भाजपा को मिली थी बड़ी जीत

विधानसभा क्षेत्र में 3,70,785 मतदाता थे, लेकिन 1,78,818 ने ही वोट डाले। सुरक्षित सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. विमलेश पासवान को 22,873 वोटों के अंतर से जीत मिली थी। डॉ. विमलेश बांसगांव से भाजपा सांसद कमलेश पासवान के सगे भाई हैं। कमलेश बांसगांव संसदीय क्षेत्र से तीसरी बार लोकसभा का चुनाव जीते हैं।  

2012 विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 45.84 फीसदी

बसपा               53,690                  35.64
सपा                 45,344                  30.1
भाजपा              24,623                  16.35
कांग्रेस              12,188                   8.09

ज्यादातर की जमानत हो गई थी जब्त

इस क्षेत्र में 3,28,600 मतदाता थे। साल 2012 में इनमें से 1,50,626 मतदाताओं ने वोट डाले थे। कुल 16 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। बसपा प्रत्याशी डॉ. विजय कुमार को 8,346 वोटों के अंतर से जीत मिली थी। बसपा, सपा व भाजपा के प्रत्याशियों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर की जमानत जब्त हो गई थी।

अब तक चुने गए विधायक

वर्ष           विजयी प्रत्याशी              पार्टी
2017       डॉ. विमलेश पासवान     भाजपा
2012       डॉ. विजय कुमार          बसपा
2007       शीतल प्रसाद              बसपा
1996       संत                        भाजपा
1993       मोलाई                     बसपा
1991       यदुनाथ                    भाजपा
1989      मिठाई लाल शास्त्री         भाजपा
1985      कैलाश प्रसाद              कांग्रेस
1980      कैलाश प्रसाद              कांग्रेस (आई)
1977      बाबू लाल                  जेएनपी


327 बांसगांव विधानसभा क्षेत्र (सुरक्षित) एक नजर में...

2022 के चुनाव में कुल मतदाता 3,77,106
पुरुष- 2,06,882
महिला-1,70,209
थर्ड जेंडर-15

नेताओं ने क्या कहा

मोदी-योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर तबके को मिला है। कोरोना संकट के बीच पिछले दो वर्षों से निशुल्क राशन मुहैया कराया जा रहा है। बिजली, पानी, सड़क, आवास व शौचालय की व्यवस्था अच्छी है। जनता जनार्दन का आशीर्वाद फिर मिलेगा, ऐसा भरोसा है। बूथ, सेक्टर व मंडल स्तरीय संगठन एक-एक मतदाता से संपर्क कर रहा है। हर किसी से समर्थन मांगा जा रहा है।
- डॉ बच्चा पांडेय नवीन,  क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी भाजपा

बांसगांव में बसपा का मजबूत संगठन है। कैडर वोटर भी हैं। इस बार कोई चुनौती सामने नहीं है। भाजपा सरकार की नीतियों से जनता त्रस्त है। बसपा का शासनकाल सबने देखा है। जनता के सामने एक ही विकल्प बचा है। समाजवादी पार्टी की हवा खराब है। जनता गुंडागर्दी को बढ़ावा देने वाली सरकार दोबारा नहीं चाहती है। कांग्रेस को संघर्ष ही करना पड़ेगा।
- प्रदीप निषाद, पूर्व सेक्टर प्रभारी, बसपा

सुरक्षित सीट पर कांग्रेस की तैयारी अच्छी है। हर ग्राम पंचायत व न्याय पंचायत में संगठन काम कर रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी का संदेश हर मतदाता तक पहुंचाया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। कांग्रेस दमदारी से चुनाव लड़ रही है। जल्द ही प्रत्याशी के नाम का एलान किया जाएगा।
- निर्मला पासवान, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस

इस बार सपा की हवा है। जनता बदलाव चाहती है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नीतियों को जनता पसंद कर रही है। बांसगांव में भी साइकिल दौड़े, इसकी तैयारी चल रही है। हर मतदाता से संपर्क किया जा रहा है। पार्टी संगठन मजबूती से काम कर रहा है। भाजपा सरकार की नीतियों से जनता परेशान है। महंगाई व बेरोजगारी प्रमुख मुद्दा है।
- अवधेश यादव, जिलाध्यक्ष, सपा

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