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Gorakhpur News: प्रतिस्पर्धी युग में सफलता के लिए स्किल जरूरी
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डीडीयू के छात्रों के कौशल विकास प्रशिक्षण के शुभारंभ के अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन व अन्य।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 400 विद्यार्थियों के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘सक्षम’ का शुक्रवार को शुभारंभ हो गया। यह योजना हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) की ओर से राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है।
गोकुल अतिथि भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी समय में सफलता के लिए स्किल जरूरी है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखना चाहता बल्कि उन्हें व्यावहारिक दक्षता से भी सशक्त बनाना प्राथमिकता है। प्रोजेक्ट ‘सक्षम’ विद्यार्थियों की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित होगा।
मुख्य अतिथि एचयूआरएल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सिबा प्रसाद मोहंती ने कहा कि इस प्रकार की पहलें युवाओं को इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करती हैं और उनके लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करती हैं। एनएसडीसी के डीजीएम (सीएसआर) शांतनु घोष ने इस पहल को युवाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने कहा कि यह योजना विद्यार्थियों के कॅरिअर निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
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इस योजना के तहत विश्वविद्यालय के 400 विद्यार्थियों को इंडस्ट्री ओरिएंटेड प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें। कार्यक्रम में तीन प्रमुख क्षेत्रों- अकाउंट्स असिस्टेंट, रिटेल सेल्स एग्जीक्यूटिव व फील्ड टेक्नीशियन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों को 8,000 रुपये तक का स्टाइपेंड व प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत लगभग 32 लाख रुपये की राशि विद्यार्थियों के कौशल विकास पर व्यय की जाएगी।
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गोकुल अतिथि भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी समय में सफलता के लिए स्किल जरूरी है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखना चाहता बल्कि उन्हें व्यावहारिक दक्षता से भी सशक्त बनाना प्राथमिकता है। प्रोजेक्ट ‘सक्षम’ विद्यार्थियों की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित होगा।
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मुख्य अतिथि एचयूआरएल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सिबा प्रसाद मोहंती ने कहा कि इस प्रकार की पहलें युवाओं को इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करती हैं और उनके लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करती हैं। एनएसडीसी के डीजीएम (सीएसआर) शांतनु घोष ने इस पहल को युवाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने कहा कि यह योजना विद्यार्थियों के कॅरिअर निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
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इस योजना के तहत विश्वविद्यालय के 400 विद्यार्थियों को इंडस्ट्री ओरिएंटेड प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें। कार्यक्रम में तीन प्रमुख क्षेत्रों- अकाउंट्स असिस्टेंट, रिटेल सेल्स एग्जीक्यूटिव व फील्ड टेक्नीशियन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों को 8,000 रुपये तक का स्टाइपेंड व प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत लगभग 32 लाख रुपये की राशि विद्यार्थियों के कौशल विकास पर व्यय की जाएगी।