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Gorakhpur News: सरयू नदी में डूबे नाविक और महिला का दूसरे दिन भी नहीं चला पता
Thu, 02 May 2024 05:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 02 May 2024 05:59 AM IST
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झुमिला बाजार (गोरखपुर)। बड़हलगंज इलाके के मदरहा घाट पर सरयू नदी को सेहरा चढ़ाने गई छोटी नाव पछुआ हवा के जोर से मंगलवार को पलट गई। जिसपर सवार तीन लोग डूब गए, जबकि 10 लोगों को बचा लिया गया। डूबे लोगों में एक महिला का शव बरामद हो गया था, लेकिन दोनों लोगों की तलाश में एसडीआरएफ की टीम दिनभर परेशान रही। खबर लिखे जाने तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी।
मदरहा गांव निवासी गोविंद साहनी के छोटे पुत्र अजय साहनी की बीते 28 अप्रैल को आजमगढ़ के अजमतगढ़ में विवाह हुआ था। उसी के उपलक्ष्य में परिवार व रिश्तेदारी के लोग दोपहर में सरयू नदी को सेहरा चढ़ाने घाट पर पहुंचे। कुछ लोग घाट पर रुक गए और दर्जनभर से अधिक लोग नाव पर सवार होकर सेहरा चढ़ाने के लिए नदी पार करने लगे। इसी दौरान तेज पछुआ हवा के चलते नाव पलट गई और उसमें सवार लोग डूबने लगे। घाट पर खड़े परिवारजनों के हल्ला मचाने पर गांव के लोग जुटे और किसी तरह लगभग दर्जनभर लोगों को बाहर निकाल लिया, लेकिन नाव चालक 18 वर्षीय शिवम साहनी पुत्र अच्छेलाल, दूल्हे की भाभी 28 वर्षीय सविता उर्फ गुड़िया पत्नी कमलेश उर्फ करन और गांव की ही 52 वर्षीय चिंता पत्नी हरि साहनी डूब गए। कुछ देर बाद सविता का शव तो बरामद हो गया, लेकिन अन्य डूबे लोगों का पता नहीं लग सका।
बचाए गए लोगों में से मौसी लीला और चाची रेखा का इलाज बड़हलगंज के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था। उन्हें भी अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। दूसरी ओर एसडीआरएफ की टीम दिनभर सरयू नदीं में डूबे लोगों का पता लगाने के लिए प्रयास करती रही। टीम के सदस्य फोरलेन के ओझौली पुल तक प्रयास किए लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। दोपहर में एसपी दक्षिणी जितेंद्र कुमार घाट पर पहुंचे और एसडीआरएफ टीम के प्रभारी अंकित यादव से खोज का दायरा पंद्रह किलोमीटर के दायरे में खोजने का निर्देश दिया।
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मदरहा गांव निवासी गोविंद साहनी के छोटे पुत्र अजय साहनी की बीते 28 अप्रैल को आजमगढ़ के अजमतगढ़ में विवाह हुआ था। उसी के उपलक्ष्य में परिवार व रिश्तेदारी के लोग दोपहर में सरयू नदी को सेहरा चढ़ाने घाट पर पहुंचे। कुछ लोग घाट पर रुक गए और दर्जनभर से अधिक लोग नाव पर सवार होकर सेहरा चढ़ाने के लिए नदी पार करने लगे। इसी दौरान तेज पछुआ हवा के चलते नाव पलट गई और उसमें सवार लोग डूबने लगे। घाट पर खड़े परिवारजनों के हल्ला मचाने पर गांव के लोग जुटे और किसी तरह लगभग दर्जनभर लोगों को बाहर निकाल लिया, लेकिन नाव चालक 18 वर्षीय शिवम साहनी पुत्र अच्छेलाल, दूल्हे की भाभी 28 वर्षीय सविता उर्फ गुड़िया पत्नी कमलेश उर्फ करन और गांव की ही 52 वर्षीय चिंता पत्नी हरि साहनी डूब गए। कुछ देर बाद सविता का शव तो बरामद हो गया, लेकिन अन्य डूबे लोगों का पता नहीं लग सका।
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बचाए गए लोगों में से मौसी लीला और चाची रेखा का इलाज बड़हलगंज के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था। उन्हें भी अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। दूसरी ओर एसडीआरएफ की टीम दिनभर सरयू नदीं में डूबे लोगों का पता लगाने के लिए प्रयास करती रही। टीम के सदस्य फोरलेन के ओझौली पुल तक प्रयास किए लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। दोपहर में एसपी दक्षिणी जितेंद्र कुमार घाट पर पहुंचे और एसडीआरएफ टीम के प्रभारी अंकित यादव से खोज का दायरा पंद्रह किलोमीटर के दायरे में खोजने का निर्देश दिया।
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