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फरियादियों के सामने आपस में की थी मारपीट: सहजनवां थाना प्रभारी निरीक्षक व दरोगा हुए निलंबित, जांच शुरू
Fri, 29 Jul 2022 11:50 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 29 Jul 2022 11:50 AM IST
सार
गोरखपुर जिले के सहजनवां थाना परिसर में ही गुरुवार सुबह प्रभारी निरीक्षक अंजुल चतुर्वेदी व दरोगा राम प्रवेश सिंह आपस में मारपीट करने के कारण दोनों को निलंबित कर दिया गया है। मारपीट की घटना फरियादियों के सामने ही हुई थी। इससे पुलिस की छवि धूमिल हुई है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर जिले के सहजनवां थाना परिसर में ही गुरुवार सुबह प्रभारी निरीक्षक अंजुल चतुर्वेदी व दरोगा राम प्रवेश सिंह आपस में मारपीट करने के कारण दोनों को निलंबित कर दिया गया है। मारपीट की घटना फरियादियों के सामने ही हुई थी। इससे पुलिस की छवि धूमिल हुई है। इस वजह से एसएसपी ने कार्रवाई की है।
जानकारी के मुताबिक, दरोगा राम प्रवेश सिंह कुर्सी पर बैठकर फरियादियों से बात कर रहे थे। इसी बीच थाना प्रभारी अंजुल चतुर्वेदी अपने कक्ष से निकले और दरोगा को बुलाने लगे। आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक ने कई बार आवाज दी, लेकिन दरोगा ने कुछ नहीं कहा। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक खुद दरोगा के पास पहुंच गए।
उन्होंने दरोगा से सवाल किया और बात नहीं सुनने का आरोप लगाया। इससे बात आगे बढ़ी और विवाद होने लगा। सूत्रों के मुताबिक, दोनों एक दूसरे को देख लेने की धमकी देने लगे। गालीगलौज भी की और एक दूसरे से हाथापाई कर ली। थाना परिसर में ही भिड़ंत देखकर दूसरे पुलिस कर्मी व फरियादी हैरान रह गए। इसी बीच एक मुंशी ने दरोगा को पकड़कर अलग किया। इसके बावजूद गालीगलौज का सिलसिला चलता रहा। कुछ देर बाद दरोगा अपने आवास पर चले गए। प्रभारी निरीक्षक कार्यालय में बैठे रहे।
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जानकारी के मुताबिक, दरोगा राम प्रवेश सिंह कुर्सी पर बैठकर फरियादियों से बात कर रहे थे। इसी बीच थाना प्रभारी अंजुल चतुर्वेदी अपने कक्ष से निकले और दरोगा को बुलाने लगे। आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक ने कई बार आवाज दी, लेकिन दरोगा ने कुछ नहीं कहा। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक खुद दरोगा के पास पहुंच गए।
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उन्होंने दरोगा से सवाल किया और बात नहीं सुनने का आरोप लगाया। इससे बात आगे बढ़ी और विवाद होने लगा। सूत्रों के मुताबिक, दोनों एक दूसरे को देख लेने की धमकी देने लगे। गालीगलौज भी की और एक दूसरे से हाथापाई कर ली। थाना परिसर में ही भिड़ंत देखकर दूसरे पुलिस कर्मी व फरियादी हैरान रह गए। इसी बीच एक मुंशी ने दरोगा को पकड़कर अलग किया। इसके बावजूद गालीगलौज का सिलसिला चलता रहा। कुछ देर बाद दरोगा अपने आवास पर चले गए। प्रभारी निरीक्षक कार्यालय में बैठे रहे।
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