Exclusive: गोरखपुर में वाहनों का धड़ाधड़ काट रहे चालान, बिजली बिल जमा करने की चिंता नहीं
खंड द्वितीय के बक्शीपुर क्षेत्र में यातायात संचालन के लिए अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं लिया गया है। तृतीय खंड के मोहद्दीपुर और कूड़ाघाट चौराहे पर आईटीएमएस लगे हैं। लाइटों से ही यातायात का संचालन किया जा रहा है, लेकिन दोनों चौराहों के कनेक्शन का बिल नहीं जमा किया गया।
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इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की मदद से वाहनों के धड़ाधड़ चालान काटे जा रहे हैं, लेकिन इसके संचालन का बिजली बिल नहीं जमा किया जा रहा है। चौदह चौराहों पर सिस्टम लगा है। चार महीने में ही करीब चार लाख बिजली बिल आ चुका है। इसके बावजूद चिंता नहीं की जा रही है।
नगर निगम के अधिशासी अभियंता ने गत फरवरी शहर के 14 चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल संचालन के लिए बिजली कनेक्शन लिया था, लेकिन संचालन का जिम्मा निजी कंपनी को दिया गया। इसका कंट्रोल रूम नगर निगम मुख्यालय में बनाया गया। कंट्रोल रूम से ही सभी चौराहों की निगरानी की जाती है। जो वाहक चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनका चालान ऑनलाइन किया जाता है।
बिजली निगम से मिली जानकारी के मुताबिक, खंड द्वितीय के बक्शीपुर क्षेत्र में यातायात संचालन के लिए अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं लिया गया है। तृतीय खंड के मोहद्दीपुर और कूड़ाघाट चौराहे पर आईटीएमएस लगे हैं। लाइटों से ही यातायात का संचालन किया जा रहा है, लेकिन दोनों चौराहों के कनेक्शन का बिल नहीं जमा किया गया।
इसी तरह खंड चतुर्थ के राप्ती नगर में पिछले महीने ही दो चौराहों के लिए कनेक्शन लिया गया, पर बिल नहीं जमा हुआ। अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि फरवरी में कनेक्शन जारी किया गया था, लेकिन अभी बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ है। समय से भुगतान होता रहे तो व्यवस्था और प्रभावी तरीके से चलती रहेगी।
यहां लगे आईटीएमएस
ट्रांसपोर्ट नगर, नौसड़, रुस्तमपुर, शास्त्री चौक, आंबेडकर चौराहा, कचहरी चौराहा, बेतियाहाता चौराहा, छात्रसंघ चौराहा, विश्वविद्यालय चौराहा, अमर उजाला तिराहा, गोलघर चौराहा, काली मंदिर चौराहा, यातायात तिराहा, पैडलेगंज चौराहा।
निजी कंपनी की बता रहे जिम्मेदारी
बिजली निगम ने नगर निगम के अधिशासी अभियंता के नाम पर कनेक्शन दिया है। इसके बावजूद नगर निगम बिल जमा करने से कतरा रहा है। प्रबंधन का कहना है कि यातायात व्यवस्था का संचालन निजी कंपनी के पास है। लिहाजा, बिल का भुगतान भी निजी कंपनी करेगी। इसी फेर में बिल का भुगतान लटका है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि बिजली निगम पर नगर निगम की बड़ी बकाएदारी है। 9 करोड़ रुपये नहीं जमा कराए गए हैं। अगर जरूरी सेवाएं नहीं होतीं तो बिजली निगम का दफ्तर सील कर दिया जाता। आईटीएमएस का बिल वसूलने से पहले बिजली निगम के अफसरों को नगर निगम की देनदारी खत्म करनी चाहिए। नगर निगम प्रबंधन, नियमानुसार काम करता है।
अधीक्षण अभियंता शह यूसी वर्मा ने कहा कि नगर निगम को चाहिए जैसे, बिजली निगम संबंधी बिलों को केंद्रीय स्तर पर भुगतान करवाया जाता है, वैसे ही नगर निगम भी अपने गृहकर को लेकर केंद्रीय स्तर पर डिमांड भेजकर उसे जमा करवाने का प्रयास करे। नगर निगम की तरफ से गृहकर के संबंध में बकाए को लेकर पत्र लिखा गया था। गृहकर कब से है? किस किस भवन का कब भुगतान किया गया था? इसकी जानकारी नहीं है।