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आकस्मिक अवकाश के दिन वेतन कटने पर रोडवेज चालकों-परिचालकों ने किया चक्का जाम

Mon, 03 Feb 2020 10:01 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Mon, 03 Feb 2020 10:01 PM IST
सार

  • सुबह 10 से शाम चार बजे तक ठप रहा गोरखपुर बस डिपो से बसों का संचालन
  • एआरएम ने मांगे पूरी करने के आश्वासन दिए तब समाप्त हुआ धरना-प्रदर्शन

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Roadways drivers-operators protest against cut off salary on a casual holiday
धरना प्रदर्शन करते रोडवेज चालक-परिचालक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आकस्मिक अवकाश के दिन का वेतन काटे जाने के विरोध में सोमवार को रोडवेज के संविदा चालकों एवं परिचालकों ने चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान लखनऊ दिल्ली रूट पर बसों का संचालन सुबह 10 बजे से शाम चार बजे के बीच ठप रहा। इससे रोडवेज यात्री परेशान हुए।
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संविदा चालक-परिचालक संघर्ष समिति के बैनर तले रोडवेज के संविदा चालक व परिचालक सुबह 10 बजे गोरखपुर डिपो पर एकत्रित हुए और आकस्मिक अवकाश के दिन का वेतन काटे जाने के विरोध सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान संविदा चालकों एवं परिचालकों के माध्यम से लखनऊ एवं दिल्ली रूट पर चलने वाली बसों का संचालन पूरी तरह से ठप हो गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समिति के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि परिवहन निगम मनमानी कर रहा है। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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मौके पर पहुंचे एआरएम केके तिवारी को शाखाध्यक्ष अनीश विश्वकर्मा, विजय कुमार तिवारी एवं संगठन मंत्री ने मांगों से अवगत कराया। एआरएम ने कर्मचारियों को जांच कराकर कटे वेतन की रिकवरी कराने सहित अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद शाम चार बजे बस चालकों व परिचालकों का चक्का जाम समाप्त हुआ। इस दौरान कर्मचारियों ने चेतवानी दी कि अगर उनकी मांगे जल्द पूरी नहीं की गई तो वे कार्य बहिष्कार करेंगे।

संविदा चालकों एवं परिचालकों को महीने में 22 दिन ड्यूटी करने एवं माह में पांच हजार किमी से ज्यादा बस चलाने पर तीन हजार रुपये का अतिरिक्त भत्ता दिया जाता है। लखनऊ से आई ऑडिट टीम ने जब इसकी जांच की तो उन्हें कई गलतियां मिलीं, जिसके बाद उनके वेतन के साथ मिलने वाला तीन हजार रुपये भत्ते की रकम काट ली गई।
केके तिवारी, एआरएम
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