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Gorakhpur News: संयुक्त सचिव ने डीडीयू में ‘पीएम उषा’ परियोजनाओं की प्रगति का लिया जायजा
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गोरखपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के के संयुक्त सचिव आर्मस्ट्रांग पेमे ने बृहस्पतिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ‘पीएम उषा’ योजना के तहत अनुदानित विभिन्न परियोजनाओं की भौतिक प्रगति का सूक्ष्म अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि डीडीयू को ‘पीएम उषा’ के तहत 100 करोड़ का अनुदान मिला है।
संयुक्त सचिव ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन बुनियादी ढांचों का जायजा लिया, जिसमें मुख्य रूप से परिसर की नवनिर्मित सड़कों, निर्माणाधीन केंद्रीय उपकरण संकुल एवं प्रयोगशालाएं शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान कार्यों की गुणवत्ता और गति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण शिक्षण और शोध के माहौल को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
स्थलीय निरीक्षण के बाद संयुक्त सचिव ने प्रशासनिक भवन में प्रति कुलपति, सभी अधिष्ठाताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और रूसा के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. उदयभान समेत विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि निर्माण और विकास कार्य का लाभ अधिकतम विद्यार्थियों को मिल सके।
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उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय में होने वाली छात्र केंद्रित पहलों का अनुकरण संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों तक भी विस्तारित किया जाए। इससे पूर्व, कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने संयुक्त सचिव का स्वागत किया और उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से संचालित विभिन्न नवाचारों और पहलों से अवगत कराया।
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संयुक्त सचिव ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन बुनियादी ढांचों का जायजा लिया, जिसमें मुख्य रूप से परिसर की नवनिर्मित सड़कों, निर्माणाधीन केंद्रीय उपकरण संकुल एवं प्रयोगशालाएं शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान कार्यों की गुणवत्ता और गति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण शिक्षण और शोध के माहौल को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
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स्थलीय निरीक्षण के बाद संयुक्त सचिव ने प्रशासनिक भवन में प्रति कुलपति, सभी अधिष्ठाताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और रूसा के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. उदयभान समेत विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि निर्माण और विकास कार्य का लाभ अधिकतम विद्यार्थियों को मिल सके।
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उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय में होने वाली छात्र केंद्रित पहलों का अनुकरण संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों तक भी विस्तारित किया जाए। इससे पूर्व, कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने संयुक्त सचिव का स्वागत किया और उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से संचालित विभिन्न नवाचारों और पहलों से अवगत कराया।