गोरखपुर: अभी तक पैमाइश को नहीं पहुंची राजस्व टीम, लेखपाल व कानूनगो की टीम दो दिन से बना रही है बहाना
पूर्व सैनिकों को जमीन पर कब्जा नहीं मिलने का मामला, आरोप- लेखपाल व कानूनगो की टीम दो दिन से बना रही है बहाना।
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पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए डीएम की तरफ से दिया गया आदेश भी कारगर नहीं है। पूर्व सैनिकों की जिस जमीन की पैमाइश के लिए राजस्व टीम गठित हुई थी, वह अभी तक मौके पर नहीं गई। वहीं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का कहना है कि टीम रविवार को पांच घंटे तक मौके पर मौजूद रही। पूर्व सैनिकों का आरोप है कि पूरा मामला राजस्व व पुलिस कर्मियों की वजह से ही लटका हुआ है। अब वे बुधवार को फिर डीएम से मुलाकात करेंगे।
जानकारी के मुताबिक पूर्व सैनिक व देवरिया के छठियांव गांव निवासी उमेश यादव ने पत्नी विशाखा देवी के नाम से गोरखपुर शहर के महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर एक में जमीन खरीदी। रजिस्ट्री व दाखिल खारिज के बाद जब निर्माण कराने पहुंचे तो पड़ोसी ने जमीन को अपना बताते हुए निर्माण रोक दिया।
इसी प्लॉट के बगल में इस्लामपुर निवासी पूर्व सैनिक हरिश्चंद्र सिंह ने पत्नी कुसमावती देवी के नाम से और देवरिया के बरहज तहसील के खोरी गांव निवासी हरिशंकर सिंह ने पत्नी आशा सिंह के नाम से जमीन खरीदी थी। करीब डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी इन प्लांटों पर पूर्व सैनिक अपना कब्जा कर नहीं कर पा रहे हैं। मोहल्ले के एक व्यक्ति ने पुलिस व राजस्व अफसरों से अच्छी पहचान का फायदा उठाते हुए तीनों प्लॉट पर कब्जा रोक दिया है।
डीएम ने कार्रवाई का दिया है निर्देश
बीते सप्ताह सैनिक बंधु की बैठक में वीर सेनानी कल्याण संस्था के अध्यक्ष अनिरुद्ध शाही ने डीएम के सामने यह मामला उठाया। इस पर डीएम ने एडीएम सिटी को ऐसे सभी मामलों का नोडल अफसर बनाते हुए त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। एडीएम सिटी के निर्देश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर ने कानूनगो व लेखपाल की टीम गठित कर दी। लेकिन यह सारी कवायद केवल कागजी ही साबित हुई। राजस्व कर्मी दो दिन से पीड़ित पक्ष को सूचना देने के बावजूद मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं। रविवार को भी एक पीड़ित हरिश्चंद्र सिंह दिन भर राजस्व टीम के इंतजार में रहे लेकिन देर शाम तक टीम नहीं पहुंची थी।
फिर डीएम से मिलेंगे पूर्व सैनिक
अपनी जमीन पर कब्जे के लिए दौड़ रहे उमेश यादव, हरिश्चंद्र सिंह और हरिशंकर सिंह बुधवार को फिर इस मामले को लेकर डीएम से मिलने जाएंगे। पीड़ित पूर्व सैनिकों की अगुवाई कर रहे अनिरुद्ध शाही ने आरोप लगाया कि राजस्व कर्मियों व पुलिस कर्मियों की मिलीभगत के चलते ही जमीन की पैमाइश नहीं हो पा रही है। सदर तहसील के अफसर भी मामले में रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे में बुधवार को पीड़ितों के साथ फिर डीएम से मिलेंगे।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुलदीप मीणा ने कहा कि पूर्व सैनिकों के मामले के निस्तारण के लिए गठित टीम क्षेत्र में गई थी। टीम करीब पांच घंटे तक उसी इलाके में रही। संभव है कि पीड़ित पक्ष की राजस्व कर्मियों से मुलाकात न हुई हो। सोमवार को तहसीलदार व नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा जाएगा। इसके अलावा पुलिस फोर्स भी रहेगी।