{"_id":"5e1f684b8ebc3e4b39635af5","slug":"retired-soldier-gorakhpur-gorakhpur-city-news-gkp337364650","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रिटायर्ड सैनिक गौरीशंकर तिवारी की हत्या के दूसरे आरोपित को नहीं पकड़ पाई पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
रिटायर्ड सैनिक गौरीशंकर तिवारी की हत्या के दूसरे आरोपित को नहीं पकड़ पाई पुलिस
Thu, 16 Jan 2020 10:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चिल्लूपार (गोरखपुर)।
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चिल्लूपार (गोरखपुर)।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2020 10:37 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
बड़हलगंज के सीधेगौर निवासी रिटायर्ड सैनिक गौरीशंकर तिवारी की हत्या के मामले में दूसरा नामजद ज्ञानचंद अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। वारदात के एक माह बाद भी पुलिस उसे नहीं पकड़ पाई। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग के लिए मृतक गौरीशंकर का बेटा अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर लगा रहा है।
बीते आठ दिसंबर को सीधेगौर गांव में रिटायर्ड सैनिक गौरीशंकर तिवारी की घर के बरामदे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे मनोज कुमार तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही ज्ञानचंद और ओमप्रकाश तिवारी पर हत्या का केस दर्ज किया था। आरोप था कि जमीन की खरीद फरोख्त की रकम के लिए यह वारदात की गई थी। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
उसी दौरान आरोपी ओमप्रकाश ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। बाद में पुलिस ने उसे रिमांड कर लेकर घटना में प्रयुक्त असलहा तो बरामद कर लिया, लेकिन दूसरे आरोपित ज्ञानचंद को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई। मारे गए शख्स के बेटे मनोज लगातार कई बार अधिकारियों से फरियाद कर चुके हैं। मंगलवार को भी उन्होंने एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता से मिलकर जान का खतरा बताते हुए फरार आरोपित की गिरफ्तारी की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते आठ दिसंबर को सीधेगौर गांव में रिटायर्ड सैनिक गौरीशंकर तिवारी की घर के बरामदे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे मनोज कुमार तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही ज्ञानचंद और ओमप्रकाश तिवारी पर हत्या का केस दर्ज किया था। आरोप था कि जमीन की खरीद फरोख्त की रकम के लिए यह वारदात की गई थी। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
विज्ञापन
उसी दौरान आरोपी ओमप्रकाश ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। बाद में पुलिस ने उसे रिमांड कर लेकर घटना में प्रयुक्त असलहा तो बरामद कर लिया, लेकिन दूसरे आरोपित ज्ञानचंद को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई। मारे गए शख्स के बेटे मनोज लगातार कई बार अधिकारियों से फरियाद कर चुके हैं। मंगलवार को भी उन्होंने एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता से मिलकर जान का खतरा बताते हुए फरार आरोपित की गिरफ्तारी की मांग की है।
विज्ञापन
गौरवशाली था रिटायर्ड सैनिक का इतिहास
गौरीशंकर तिवारी 1971 में हुए पाकिस्तान के युद्ध में शामिल थे। वहीं वह 1987 में श्रीलंका गई शांति सेना में भी शामिल थे। उन्हें पदोन्नति देकर सम्मानित भी किया गया था।
युवक की हत्या के अन्य दो आरोपित भी अभी फरार
चिल्लूपार। इलाके के नरहरपुर निवासी किशन साहनी के दो हत्यारोपितों संतोष साहनी और पिंटू साहनी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। बीते चार जनवरी को घर जाते समय किशन की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने किशन की मां श्रीमती देवी की तहरीर पर चार गांव के ही पिंटू साहनी, संतोष साहनी, प्रिंस साहनी और सतीश साहनी पर हत्या के आरोप में केस दर्ज किया था। हत्यारोपितों की गिरफ्तारी के लिए गांव के लोगों ने सड़क जाम की थी। उसके बाद पुलिस ने प्रिंस और सतीश को गिरफ्तार किया था। अन्य दो आरोपित अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
गोला के सीओ श्याम देव बिंद ने कहा कि दोनों घटनाओं के फरार हत्यारोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार प्रयासरत हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
युवक की हत्या के अन्य दो आरोपित भी अभी फरार
चिल्लूपार। इलाके के नरहरपुर निवासी किशन साहनी के दो हत्यारोपितों संतोष साहनी और पिंटू साहनी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। बीते चार जनवरी को घर जाते समय किशन की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने किशन की मां श्रीमती देवी की तहरीर पर चार गांव के ही पिंटू साहनी, संतोष साहनी, प्रिंस साहनी और सतीश साहनी पर हत्या के आरोप में केस दर्ज किया था। हत्यारोपितों की गिरफ्तारी के लिए गांव के लोगों ने सड़क जाम की थी। उसके बाद पुलिस ने प्रिंस और सतीश को गिरफ्तार किया था। अन्य दो आरोपित अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
गोला के सीओ श्याम देव बिंद ने कहा कि दोनों घटनाओं के फरार हत्यारोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार प्रयासरत हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।