{"_id":"64fe1e939b3842ef37038724","slug":"responsibility-of-writers-organizations-to-prepare-good-writers-and-readers-dr-huge-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-301454-2023-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"अच्छा लेखक और पाठक तैयार करना लेखक संगठनों का दायित्व : डाॅ. विशाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अच्छा लेखक और पाठक तैयार करना लेखक संगठनों का दायित्व : डाॅ. विशाल
Mon, 11 Sep 2023 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 11 Sep 2023 01:22 AM IST
विज्ञापन
एमएसआई इंटर कॉलेज के सभागार में जनवादी लेखक संघ द्वारा आयोजित 11 वें जिला सम्मेलन में बोलते पुर
गोरखपुर। जनवादी लेखक संघ जिला इकाई गोरखपुर का 11वां जिला सम्मेलन रविवार को एमएसआई इंटर काॅलेज, बक्शीपुर सभागार में हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन कवि आलोचक व राज्य प्रतिनिधि डाॅ. विशाल श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने कहा कि चौरीचौरा की घटना और जमींदारी प्रथा के खिलाफ इस क्षेत्र के किसानों ने लड़ाई लड़ी। इससे यहां के साहित्य को दिशा मिली। साहित्य और चुनौतियां विषय पर कहा कि साहित्य हमेशा से सत्ता-व्यवस्था का प्रतिपक्ष रचता रहा है। आगे भी रचता रहेगा। उन्होंने कबीर, निराला और मुक्तिबोध जैसे लेखकों का उदाहरण देते हुए कहा कि लेखक हर काल में चुनौतियों से जूझता रहा है। अच्छा लेखक और पाठक तैयार करना लेखक संगठनों का दायित्व है।
साहित्यिक चिंतक व आलोचक प्रो. अनिल कुमार राय ने कहा कि आज साहित्य का, जीवन से विस्थापन सबसे बड़ी दुर्घटना है। साहित्य की विधा ही विदा हो रही है। स्वागत वरिष्ठ समाजसेवी पुरुषोत्तम त्रिपाठी ने किया।
वरिष्ठ कथाकार मदन मोहन ने कहा कि आज समाज में जो घटनाएं घटित हो रही हैं, उनका साहित्य पर असर पड़ रहा है। कथाकार व रंगकर्मी राजाराम चौधरी ने साहित्य को जनता के बीच ले जाने की जरूरत पर बल दिया।
विज्ञापन
इस मौके पर प्रगतिशील लेखक संघ के कलीमुल हक व वीरेंद्र मिश्र दीपक, सूत्रधार की ओर से राजाराम, भोजपुरी संगम की ओर से कुमार अभिनीत ने अपने विचार रखे। सम्मेलन में दो प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचारों के विरोध में कवयित्री सुशीला मुदिता ने प्रस्ताव रखा जिसका अनुमोदन फिल्मकार प्रदीप सुविज्ञ ने किया। साहित्यिक कार्यक्रमों के लिए शुल्क मुक्त स्थलों की सरकार से मांग करने का प्रस्ताव कवि संजय कुमार आर्य ने रखा, जिसका अनुमोदन कवि प्रबोध नारायण सिंह किया। दोनों प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकृत हुए।
इस दौरान नई कार्यकारिणी का गठन किया। इसमें संरक्षक मंडल में पुरुषोत्तम त्रिपाठी और डॉ. रंजना जायसवाल, अध्यक्ष जयप्रकाश मल्ल, उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार व ओंकार नाथ त्रिपाठी, सचिव वेद प्रकाश, उपसचिव प्रबोध नारायण सिंह और विनय अजीज, कार्यकारिणी सदस्य पद प्रदीप सुविज्ञ व सुशीला मुदिता का चुनाव हुआ।
कार्यक्रम में धर्मेंंद्र त्रिपाठी, महेंद्र नाथ श्रीवास्तव, आरडी सिंह, लाल बहादुर, विकास दुबे, शंकर यादव सहित आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम का उद्घाटन कवि आलोचक व राज्य प्रतिनिधि डाॅ. विशाल श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने कहा कि चौरीचौरा की घटना और जमींदारी प्रथा के खिलाफ इस क्षेत्र के किसानों ने लड़ाई लड़ी। इससे यहां के साहित्य को दिशा मिली। साहित्य और चुनौतियां विषय पर कहा कि साहित्य हमेशा से सत्ता-व्यवस्था का प्रतिपक्ष रचता रहा है। आगे भी रचता रहेगा। उन्होंने कबीर, निराला और मुक्तिबोध जैसे लेखकों का उदाहरण देते हुए कहा कि लेखक हर काल में चुनौतियों से जूझता रहा है। अच्छा लेखक और पाठक तैयार करना लेखक संगठनों का दायित्व है।
साहित्यिक चिंतक व आलोचक प्रो. अनिल कुमार राय ने कहा कि आज साहित्य का, जीवन से विस्थापन सबसे बड़ी दुर्घटना है। साहित्य की विधा ही विदा हो रही है। स्वागत वरिष्ठ समाजसेवी पुरुषोत्तम त्रिपाठी ने किया।
विज्ञापन
वरिष्ठ कथाकार मदन मोहन ने कहा कि आज समाज में जो घटनाएं घटित हो रही हैं, उनका साहित्य पर असर पड़ रहा है। कथाकार व रंगकर्मी राजाराम चौधरी ने साहित्य को जनता के बीच ले जाने की जरूरत पर बल दिया।
विज्ञापन
इस मौके पर प्रगतिशील लेखक संघ के कलीमुल हक व वीरेंद्र मिश्र दीपक, सूत्रधार की ओर से राजाराम, भोजपुरी संगम की ओर से कुमार अभिनीत ने अपने विचार रखे। सम्मेलन में दो प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचारों के विरोध में कवयित्री सुशीला मुदिता ने प्रस्ताव रखा जिसका अनुमोदन फिल्मकार प्रदीप सुविज्ञ ने किया। साहित्यिक कार्यक्रमों के लिए शुल्क मुक्त स्थलों की सरकार से मांग करने का प्रस्ताव कवि संजय कुमार आर्य ने रखा, जिसका अनुमोदन कवि प्रबोध नारायण सिंह किया। दोनों प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकृत हुए।
इस दौरान नई कार्यकारिणी का गठन किया। इसमें संरक्षक मंडल में पुरुषोत्तम त्रिपाठी और डॉ. रंजना जायसवाल, अध्यक्ष जयप्रकाश मल्ल, उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार व ओंकार नाथ त्रिपाठी, सचिव वेद प्रकाश, उपसचिव प्रबोध नारायण सिंह और विनय अजीज, कार्यकारिणी सदस्य पद प्रदीप सुविज्ञ व सुशीला मुदिता का चुनाव हुआ।
कार्यक्रम में धर्मेंंद्र त्रिपाठी, महेंद्र नाथ श्रीवास्तव, आरडी सिंह, लाल बहादुर, विकास दुबे, शंकर यादव सहित आदि उपस्थित रहे।