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Gorakhpur News: चार सदस्यीय जांच समिति गठित, सभी बोट संचालन पर रोक
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गोरखपुर। रामगढ़ताल के नया सवेरा नौकायन केंद्र पर हुए स्पीडबोट हादसे के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाए हैं। निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए जीडीए उपाध्यक्ष ने चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी है। झील के सभी प्लेटफाॅर्मों से स्पीडबोट और मोटरबोट का संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
जीडीए की ओर से गठित समिति की अध्यक्षता विशेष कार्याधिकारी प्रखर उत्तम करेंगे। इसमें वित्त नियंत्रक एसके कुशवाहा, प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह और जनसंपर्क अधिकारी यशवंत सिंह को सदस्य बनाया गया है। समिति को दुर्घटना के कारणों, बोट संचालन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों में हुई चूक की जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच में दुर्घटना की वजह, बोट संचालन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन, लाइफ जैकेट समेत अन्य इंतजाम और किसी स्तर पर हुई लापरवाही की समीक्षा की जाएगी। जीडीए के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।
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तीन एजेंसियों को आवंटित हैं प्लेटफॉर्म
जीडीए के अनुसार, वर्तमान में प्लेटफाॅर्म संख्या एक और चार का संचालन ललित इंटरप्राइजेज, प्लेटफाॅर्म संख्या पांच का संचालन ई-सिटी बाइस्कोप और प्लेटफाॅर्म संख्या छह का संचालन संध्या कंस्ट्रक्शन कर रहा है। अनुबंध के अनुसार बोट की फिटनेस की पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की होती है। जीडीए के अभियंता समय-समय पर इसकी जांच करते हैं। इसके अलावा संचालन के लिए केवल लाइसेंसधारी चालकों की नियुक्ति का प्रावधान है।
सुरक्षा के लिए तैयार होगा नया प्लान
हादसे के बाद रामगढ़ताल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत अलग-अलग गतिविधियों के लिए पृथक नौकायन क्षेत्र तय किए जाएंगे। जल क्षेत्र में रूट की पहचान के लिए प्रकाशयुक्त संकेतक लगाए जाएंगे। एआई आधारित कैमरों से बोट की गति, असुरक्षित नौवहन और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश की निगरानी होगी। आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई, गश्त और बचाव कार्य के लिए रामगढ़ताल में जल पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी।
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जीडीए की ओर से गठित समिति की अध्यक्षता विशेष कार्याधिकारी प्रखर उत्तम करेंगे। इसमें वित्त नियंत्रक एसके कुशवाहा, प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह और जनसंपर्क अधिकारी यशवंत सिंह को सदस्य बनाया गया है। समिति को दुर्घटना के कारणों, बोट संचालन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों में हुई चूक की जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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जांच में दुर्घटना की वजह, बोट संचालन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन, लाइफ जैकेट समेत अन्य इंतजाम और किसी स्तर पर हुई लापरवाही की समीक्षा की जाएगी। जीडीए के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।
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तीन एजेंसियों को आवंटित हैं प्लेटफॉर्म
जीडीए के अनुसार, वर्तमान में प्लेटफाॅर्म संख्या एक और चार का संचालन ललित इंटरप्राइजेज, प्लेटफाॅर्म संख्या पांच का संचालन ई-सिटी बाइस्कोप और प्लेटफाॅर्म संख्या छह का संचालन संध्या कंस्ट्रक्शन कर रहा है। अनुबंध के अनुसार बोट की फिटनेस की पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की होती है। जीडीए के अभियंता समय-समय पर इसकी जांच करते हैं। इसके अलावा संचालन के लिए केवल लाइसेंसधारी चालकों की नियुक्ति का प्रावधान है।
सुरक्षा के लिए तैयार होगा नया प्लान
हादसे के बाद रामगढ़ताल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत अलग-अलग गतिविधियों के लिए पृथक नौकायन क्षेत्र तय किए जाएंगे। जल क्षेत्र में रूट की पहचान के लिए प्रकाशयुक्त संकेतक लगाए जाएंगे। एआई आधारित कैमरों से बोट की गति, असुरक्षित नौवहन और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश की निगरानी होगी। आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई, गश्त और बचाव कार्य के लिए रामगढ़ताल में जल पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी।