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पनेशिया हॉस्पिटल का बचा हिस्सा भी हुआ सील, मालिकाना हक के विवाद बंद हुआ अस्पताल
Mon, 29 Jun 2020 09:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 29 Jun 2020 09:06 PM IST
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पनेशिया हॉस्पिटल।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर छात्रसंघ चौराहा स्थित होप पनेशिया हॉस्पिटल का बाकी बचा हिस्सा भी सोमवार को सील कर दिया गया। बाहर मुख्य द्वार पर भी प्रशासन ने ताला जड़ दिया, जिसके बाद अब कोई हॉस्पिटल के भीतर प्रवेश नहीं कर सकेगा।
मालिकाना हक को लेकर हुए विवाद में 22 जून की देर रात जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मौजूदगी में हॉस्पिटल का काफी हिस्सा सील कर दिया था। हॉस्पिटल के वार्ड और आईसीयू में मरीज भर्ती होने की वजह से उस हिस्से को खुला छोड़ दिया गया था।
अगले ही दिन से मरीज शिफ्ट होने लगे। जो आईसीयू में भर्ती थे उनके डिस्चार्ज होने के बाद सोमवार को नगर मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव के निर्देश पर नायब तहसीलदार राधेश्याम गुप्ता के नेतृत्व में एडिशनल सीएमओ व चौकी प्रभारी कलेक्ट्रेट ने मौके पर पहुंच कर हॉस्पिटल के बाकी बचे हिस्से और मुख्य प्रवेश द्वार को भी सील कर दिया।
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नायब तहसीलदार राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि 22 जून को हॉस्पिटल में दो पक्षों में मालिकाना हक को लेकर विवाद हुआ था। धारा 145 के तहत कार्रवाई करते हुए हॉस्पिटल का काफी हिस्सा उसी समय सील कर दिया गया था। अब जबकि सभी मरीज निकल गए हैं तो बाकी बचा हिस्सा भी पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि कोई विवाद न हो।
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मालिकाना हक को लेकर हुए विवाद में 22 जून की देर रात जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मौजूदगी में हॉस्पिटल का काफी हिस्सा सील कर दिया था। हॉस्पिटल के वार्ड और आईसीयू में मरीज भर्ती होने की वजह से उस हिस्से को खुला छोड़ दिया गया था।
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अगले ही दिन से मरीज शिफ्ट होने लगे। जो आईसीयू में भर्ती थे उनके डिस्चार्ज होने के बाद सोमवार को नगर मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव के निर्देश पर नायब तहसीलदार राधेश्याम गुप्ता के नेतृत्व में एडिशनल सीएमओ व चौकी प्रभारी कलेक्ट्रेट ने मौके पर पहुंच कर हॉस्पिटल के बाकी बचे हिस्से और मुख्य प्रवेश द्वार को भी सील कर दिया।
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नायब तहसीलदार राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि 22 जून को हॉस्पिटल में दो पक्षों में मालिकाना हक को लेकर विवाद हुआ था। धारा 145 के तहत कार्रवाई करते हुए हॉस्पिटल का काफी हिस्सा उसी समय सील कर दिया गया था। अब जबकि सभी मरीज निकल गए हैं तो बाकी बचा हिस्सा भी पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि कोई विवाद न हो।