फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Registry of 180 villages adjacent to city expensive, map also mandatory for housing

Gorakhpur News: गोरखपुर शहर से सटे 180 गांवों की रजिस्ट्री महंगी, आवास के लिए मानचित्र भी अनिवार्य

Tue, 13 Feb 2024 11:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अभिमन्यु चौधरी, गोरखपुर।
अभिमन्यु चौधरी, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 13 Feb 2024 11:12 AM IST
सार

शहरी सीमा से सटे 180 गांवाें में अब मकान बनवाने के पहले मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जीडीए अधिकारियों का मानना है कि इससे सुनियोजित तरीके से आवास बनेंगे। जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि गोरखपुर विकास क्षेत्र में घोषित गांवों में मानचित्र स्वीकृत करना अनिवार्य कर दिया गया है।

विज्ञापन
Registry of 180 villages adjacent to city expensive, map also mandatory for housing
नौसड़ के पिपरी इलाके मे तेजी से मकान बन रहे हैं, प्लाटिंग भी हो रही है। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महायोजना में शामिल शहरी सीमा से सटे 180 गांवाें में अब जमीन खरीदना महंगा हो गया है। जमीन खरीदने वाले को अब विकास शुल्क के रूप में दो प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क जमा करना पड़ रहा है। वहीं, जीडीए ने अब इन क्षेत्रों में आवास बनवाने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य कर दिया है। इस नए नियम से सरकारी खजाना तो बढ़ेगा, लेकिन लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनकी जेब अब ज्यादा ढीली होगी।

विज्ञापन


दअरसल, शासन ने शहर से सटे खोराबार, जंगल कौड़िया और पिपराइच ब्लॉक के 180 गांवों को शहरी विकास के जद में लिया है। इसी के मद्देनजर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनय कुमार सिंह ने गोरखपुर विकास क्षेत्र में घोषित 180 गांवाें की संलग्न सूची के साथ आदेश जारी किया है।
विज्ञापन


इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि इन गांवों की जमीन की बिक्री पर अतिरिक्त शुल्क अनिवार्य रूप से जमा की जाए। अभी तक इन इलाकों में जमीन की रजिस्ट्री में स्टांप शुल्क फीसदी लिया जाता था, लेकिन अब सात फीसदी देना पड़ रहा है। आदेश के अनुसार जमीनों के रजिस्ट्री शुल्क की गणना शुरू कर दी है, बढ़ी हुई दर पर रजिस्ट्री हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

मानचित्र स्वीकृत कराए बिना मकान बनने पर कार्रवाई
शहरी सीमा से सटे 180 गांवाें में अब मकान बनवाने के पहले मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जीडीए अधिकारियों का मानना है कि इससे सुनियोजित तरीके से आवास बनेंगे। जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि गोरखपुर विकास क्षेत्र में घोषित गांवों में मानचित्र स्वीकृत करना अनिवार्य कर दिया गया है। अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

रजिस्ट्री शुल्क की स्थिति
10 लाख रुपये से कम सरकारी कीमत की जमीन पर पुरुष क्रेता को 5 प्रतिशत और महिला क्रेता का 4 प्रतिशत रजिस्ट्री शुल्क जमा करना पड़ता है, जबकि दस लाख रुपये से ऊपर की सरकारी कीमत की जमीन पर पुरुष क्रेता से 5 प्रतिशत शुल्क लिया जाता है, जबकि महिला क्रेता से 5 प्रतिशत शुल्क की राशि में 10 हजार रुपये की छूट दी जाती है। अब इसमें दो प्रतिशत शुल्क बढ़ गया है, जबकि दस लाख रुपये से ऊपर की सरकारी जमीन की खरीद में महिला को 10 हजार रुपये की छूट मिलेगी।
 

छोटे प्लाट में इतना अंतर
महेवा एहतेमाली मौजा (गांव) में 1000 वर्ग फीट जमीन हो और उसके सामने तीन मीटर चौड़ा रास्ता हो तो सर्किल रेट के अनुसार सरकारी मूल्य 10.69 लाख रुपये होगा। इसमें अतिरिक्त शुल्क लगने से पहले 53,450 रुपये रजिस्ट्री शुल्क जमा होती थी, जबकि अब 74, 830 रुपये शुल्क जमा होगा। इसकी खरीद में 21,380 रुपये शुल्क बढ़ जाएगा।

जीडीए क्षेत्र में अधिसूचित सभी गांवों में अतिरिक्त रजिस्ट्री शुल्क जमा कराई जा रही है। नई सूची को अपडेट किया गया है, इसमें कुछ और गांव बढ़ गए हैं। नियम के अनुसार 180 गांवों में दो प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क जमा कराया जा रहा है।-प्रसेनजीत सिंंह, सब रजिस्ट्रार।

 

आठ साल में नहीं बदला सर्किल रेट
गोरखपुर सदर तहसील के अंतर्गत विकसित क्षेत्रों का सर्किल रेट अगस्त 2016 के बाद नहीं बढ़ा है। सरकार विकास के लिए आठ साल पुराने सर्किल रेट के अनुसार जमीनों का अधिग्रहण कर रही है। सर्किल रेट नहीं बढ़ने से किसान परेशान हैं, जबकि पुरानी सर्किल रेट पर अतिरिक्त शुल्क लगा दिया गया है। लोगों का भी यहीं कहना है कि यदि शुल्क बढ़ाया गया है तो सर्किल रेट भी बढ़ना चाहिए। हालांकि, अब बढ़े हुए स्टांप शुल्क को जमा करने पर रजिस्ट्री हो रही है।-अभिनव कुमार श्रीवास्तव, अधिवक्ता

लोग बोले-जमीन खरीदना और हुआ कठिन
सर्किल रेट बढ़ाने की बजाए अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा, लेकिन जिनकी पुश्तैनी जमीन हैं, उन्हें कोई फायदा नहीं होगा।-लाल साहब पांडेय, लहसड़ी एहतेमाली

विकास के लिए शुल्क लगाने से जमीन और महंगी हो जाएगी। शहरी सीमा पर होने के कारण ये जमीनें पहले से ही महंगी थी। अब तो जमीन खरीदना और कठिन होगा।-अभिमन्यु, तालनवर

गांव में व्यावसायिक और आवासीय कार्यों के लिए जमीनों की खरीद की जा रही है। प्लाटिंग हो रही है और जमीनों की कीमत बढ़ गई है। जमीन खरीद कर आवास बनवाना अब आसान नहीं होगा।-मोहन निषाद, बाघागाड़ा।

सर्किल रेट को बढ़ाकर ही रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाना चाहिए। आठ साल से सर्किल रेट नहीं बढ़ा है। किसानों का नुकसान हो रहा है। इस शुल्क से जमीनें और महंगी हो जाएगी।-राजकुमार गुप्ता, नौसढ़

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed