पंचायत चुनाव: डीआईजी के निर्देश पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई, गांवों में दर्ज पुराने मामलों के आरोपी होंगे पाबंद
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गोरखपुर में पंचायत चुनाव के मद्देनजर डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने पिछले तीन साल के दौरान गांवों में दर्ज मामलों के आरोपियों को 107/16 और अन्य सक्रिय अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर सुसंगत निरोधात्मक कानूनों के तहत पाबंद करने का निर्देश दिया है। सक्रिय हुई पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ जिलाबदर, 14 खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और 57 आरोपियों पर अन्य कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
इसलिए हो रही कार्रवाई
दरअसल, पंचायत चुनाव करीब आते ही गांवों में पुराने विवाद की आड़ में नए मामले सामने आने लगते हैं। चूंकि पूर्व में पुलिस इन मामलों को लेकर संजीदा नहीं होती, तो ये मामले बड़े विवाद का रूप ले लेते हैं। इसी वजह से डीआईजी ने पिछले तीन साल के रिकॉर्ड को चेक कर पाबंद करने की कार्रवाई का निर्देश दिया है। कार्रवाई की समीक्षा डीआईजी खुद अपने स्तर से कर रहे हैं।
यह होता है 107/16 में कार्रवाई
पुलिस इसमें जिसे पाबंद करती है, उससेएक निश्चित राशि का बांड भरवाया जाता है और फिर उसे एसडीएम के सामने पेश किया जाता है। अगर वह व्यक्ति दोबारा वैसे ही विवाद में आरोपित होता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है। बांड की राशि जब्त कर ली जाती है। आरोपित को जेल भी भेजा जा सकता है।
डीआईजी/ एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा कि पंचायत चुनाव के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है। पुलिस की ओर से बदमाशों और उत्पातियों को अभी से चिन्हित कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, ताकि चुनाव के दौरान कोई खलल न पड़े।
थानेदारों को दिए मतदान स्थल के निरीक्षण का निर्देश
डीआईजी ने थानेदारों को पिछले चुनाव में बनाए गए मतदान स्थलों को अभी से चेक करने के निर्देश दिए हैं। थानेदारों से कहा गया है कि मतदान स्थल के आसपास रहने वालों लोगों का मोबाइल नंबर लेकर पुलिस उनके संपर्क में रहे, ताकि चुनाव के दिन कोई घटना होने पर समय रहते सूचना मिल सके।
दंगा नियंत्रण के उपकरणों से लैस रहेगी पुलिस जीप
सभी एसपी, सीओ और थानेदार की गाड़ियों में दंगा नियंत्रण से संबंधित उपकरण मौजूद रहेंगे। रबर बुलेट गन, मिर्ची बम, आंसू गैस, हेलमेट, डंडा आदि सभी पुलिसवाले साथ में लेकर अभी से चलेंगे। साथ ही पुलिसवालों की ट्रेनिंग भी कराई जाएगी कि वह इसका इस्तेमाल कर पा रहे हैं या नहीं। कई बार ऐसा होता है कि मौके पर ट्रेंड पुलिसवालों के नहीं होने से इन उपकरणों का इस्तेमाल ही नहीं हो पाता।