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Gorakhpur News: महिला समूहों से वसूली की रकम हड़पी, दो कर्मचारियों पर प्राथमिकी
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गोरखपुर। बड़हलगंज थाना क्षेत्र में इंडसइंड बैंक की सहयोगी संस्था भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड की बड़हलगंज ब्रांच में कार्यरत दो कर्मचारियों की ओर से महिला समूहों से वसूली गई लोन की रकम हड़पने का मामला सामने आया है। ब्रांच मैनेजर ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
संस्था के ब्रांच मैनेजर चंद्र उदय प्रकाश गौड़ के अनुसार, भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को ई-केवाईसी के आधार पर स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराती है। उसकी वसूली साप्ताहिक किस्तों में की जाती है। बड़हलगंज ब्रांच में संगम मैनेजर के पद पर तैनात मोहन कुमार पांडेय पर महिला सदस्यों को विश्वास में लेकर समय से पहले लोन का प्री-पेमेंट कराने और उस धनराशि का गबन करने का आरोप है।
ब्रांच मैनेजर ने बताया कि 13 नवंबर 2024 को कार्यक्षेत्र में निरीक्षण के दौरान मोहन कुमार की गतिविधियों में गड़बड़ी की आशंका हुई। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद सेंटर मीटिंग, कलेक्शन और खातों का ऑडिट व वेरिफिकेशन कराया गया। जांच में सामने आया कि मोहन कुमार ने महिला सदस्यों से एक लाख 75 हजार 778 रुपये प्री-पेमेंट के रूप में वसूले लेकिन यह रकम संस्था के खाते में जमा नहीं की। जांच में फंसता देख आरोपी कर्मचारी ब्रांच से बिना बताए गायब हो गया। इसी दौरान कैशियर के पद पर कार्यरत इंद्रजीत कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। ऑडिट में सामने आया कि वह ब्रांच पर किस्त जमा करने आई महिलाओं की रकम को दूसरे ब्रांच के खाते में भेजकर गबन कर रहा था। जांच में उसकी ओर से 1,69,775 रुपये की धनराशि हड़पने की पुष्टि हुई। इस तरह दोनों कर्मचारियों पर कुल तीन लाख 45 हजार 528 रुपये के गबन का आरोप है। संस्था की ओर से जब दोनों आरोपियों और उनके परिजनों से संपर्क कर रकम लौटाने का प्रयास किया गया तो सहयोग के बजाय धमकी देने का आरोप लगाया गया। बाद में दोनों आरोपियों ने रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया।
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थाना प्रभारी सुनील राय ने बताया कि बैंक मैनेजर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संस्था के ब्रांच मैनेजर चंद्र उदय प्रकाश गौड़ के अनुसार, भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को ई-केवाईसी के आधार पर स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराती है। उसकी वसूली साप्ताहिक किस्तों में की जाती है। बड़हलगंज ब्रांच में संगम मैनेजर के पद पर तैनात मोहन कुमार पांडेय पर महिला सदस्यों को विश्वास में लेकर समय से पहले लोन का प्री-पेमेंट कराने और उस धनराशि का गबन करने का आरोप है।
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ब्रांच मैनेजर ने बताया कि 13 नवंबर 2024 को कार्यक्षेत्र में निरीक्षण के दौरान मोहन कुमार की गतिविधियों में गड़बड़ी की आशंका हुई। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद सेंटर मीटिंग, कलेक्शन और खातों का ऑडिट व वेरिफिकेशन कराया गया। जांच में सामने आया कि मोहन कुमार ने महिला सदस्यों से एक लाख 75 हजार 778 रुपये प्री-पेमेंट के रूप में वसूले लेकिन यह रकम संस्था के खाते में जमा नहीं की। जांच में फंसता देख आरोपी कर्मचारी ब्रांच से बिना बताए गायब हो गया। इसी दौरान कैशियर के पद पर कार्यरत इंद्रजीत कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। ऑडिट में सामने आया कि वह ब्रांच पर किस्त जमा करने आई महिलाओं की रकम को दूसरे ब्रांच के खाते में भेजकर गबन कर रहा था। जांच में उसकी ओर से 1,69,775 रुपये की धनराशि हड़पने की पुष्टि हुई। इस तरह दोनों कर्मचारियों पर कुल तीन लाख 45 हजार 528 रुपये के गबन का आरोप है। संस्था की ओर से जब दोनों आरोपियों और उनके परिजनों से संपर्क कर रकम लौटाने का प्रयास किया गया तो सहयोग के बजाय धमकी देने का आरोप लगाया गया। बाद में दोनों आरोपियों ने रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया।
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थाना प्रभारी सुनील राय ने बताया कि बैंक मैनेजर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।