गोरखपुर: कच्ची शराब माफियाओं पर लगेगा रासुका, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लिया गया फैसला
गोरखपुर मंडल में 273 माफिया चिह्नित किए गए। पुलिस सबकी कुंडली खंगाल रही है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए अवैध शराब के धंधेबाजों पर भी नकेल कसी जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर में विधानसभा चुनाव को लेकर बदमाशों पर कार्रवाई के बीच ही डीएम विजय किरन आनंद ने अवैध शराब के धंधेबाजों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इसके लिए पुलिस और आबकारी विभाग रिपोर्ट तैयार कर डीएम को देगी जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी। मंडल में अवैध शराब का धंधा करने वाले 273 लोग पहले से ही चिह्नित हैं जो कभी ना कभी गोरखपुर जिले से जेल जा चुके हैं। इनकी वर्तमान गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, विधानसभा चुनाव में कोई खलल न पड़े इसके लिए चुनाव आयोग की तरफ से पहले ही कच्ची शराब के धंधेबाजों और बदमाशों पर कार्रवाई के आदेश आ चुके हैं। अक्सर चुनाव में खुलेआम कच्ची शराब पिलाई जाती है जिससे मारपीट आदि की घटनाएं बढ़ जाती हैं। साथ ही कई बार चुनाव के दौरान जहरीली शराब से मौत की घटनाएं भी हो चुकी हैं।
इसे रोकने के लिए अभी हाल ही में एसीएस गृह ने भी निर्देश जारी किया था। पहले कच्ची शराब के धंधेबाजों पर कार्रवाई के लिए कोई गंभीर धारा नहीं थी। लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरकार बनने के बाद इन पर गैंगस्टर लगाने का निर्देश दिया था। जिसके बाद कई कच्ची शराब माफिया के खिलाफ गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई हुई। इसमें पेशेवर शराब तस्कर, कच्ची शराब माफिया, नकली शराब बनाने वालों पर कार्रवाई हुई। उनकी संपत्ति भी जब्त हुई लेकिन अभी भी अधिकांश थानों की पुलिस 60 आबकारी अधिनियम में ही कार्रवाई करती है।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि बदमाशों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। अवैध शराब से जुड़े धंधेबाजों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव में जहरीली शराब से हो चुकी हैं मौतें
गोरखपुर में जहरीली शराब से पूर्व में मौत की घटनाएं हो चुकी हैं। 2015 के पंचायत चुनाव में जहरीली कच्ची शराब पीने से चार लोगों की जान गई थी। वहीं 2019 में कुशीनगर में जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत हुई थी। इस पर लगाम लगाने के लिए अब रासुका लगाने की तैयारी की जा रही है।
10 वर्षों का खंगाला जा रहा रिकार्ड
डीएम के निर्देश पर बीते 10 वर्षों का रिकार्ड खंगाला जाएगा। इन 10 सालों में जो भी शराब तस्करी व कच्ची शराब के पेशेवर धंधेबाजों पर जो मुकदमे दर्ज हुए हैं उनके आरोपितों की निगरानी कर उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। अगर अब भी वे इस धंधे में लिप्त हैं तो उनपर रासुका की कार्रवाई की जाएगी।