Gorakhpur News: बारिश ने रात में उड़ाई 40 हजार घरों की बिजली, सुबह पानी के संकट से जूझे लोग
राप्तीनगर इलाके में भी रात एक बजे से सुबह 10 बजे तक बिजली आपूर्ति की दिक्कत बनी रही। मानबेला और आसपास के इलाकों में रात में तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित हुई। जबकि, राप्तीनगर, मोहद्दीपुर और आसपास के इलाकों में सुबह 4 बजे से 10 बजे तक बिजली आपूर्ति की समस्या बनी रही।
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गोरखपुर में बुधवार की देर रात तक हुई तेज बारिश से सुबह होने से कई जगह आफत फैल गई। देर रात शहर के करीब 40 हजार घरों की बिजली गुल हो गई। नार्मल, लालडिग्गी, राप्तीनगर और मोहद्दीपुर बिजली घरों से जुड़े तमाम घरों के लोगों ने पूरी रात अंधेरे में गुजारी।
राप्तीनगर और मोहद्दीपुर इलाके में दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति की दिक्कत बनी रही। यहां के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कई इलाकों में लोग सुबह उठे तो पानी का संकट भी खड़ा था। नहाने और रोजाना के काम लायक पानी भी कई इलाकों में नहीं मिल सका, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
बुधवार की रात करीब 12 बजे अचानक तेज बारिश के बीच बरहुआ ट्रांसमिशन केंद्र से नार्मल बिजली उपकेंद्र को जाने वाली हाईटेंशन लाइन में फाल्ट आ गया। बारिश के बीच बरहुआ उपकेंद्र से सप्लाई बाधित कर दी गई। करीब एक घंटे बाद लालडिग्गी उपकेंद्र से जोड़कर इस इलाके में बिजली आपूर्ति शुरू की गई। लेकिन, थोड़ी ही देर बाद लालडिग्गी उपकेंद्र की सप्लाई में भी फाल्ट आ गया। काफी मशक्कत के बाद भी बिजली कर्मी फाल्ट नहीं खोज पाए।
रात करीब तीन बजे करीब नार्मल बिजलीघर के अवर अभियंता सुधीर यादव और लालडिग्गी के अवर अभियंता दुर्गा प्रसाद फाल्ट ठीक करवाने निकले। एक टीम को रूस्तमपुर से बरहुआ ट्रांसनिशन तक लाइन की पेट्रोलिंग के लिए लगाया गया तो दूसरी टीम राप्ती नदी के पास थी। सुबह छह बजे जाकर फाल्ट मिला, जिसे ठीक करके एक घंटे बाद सात बजे आपूर्ति बहाल की गई।
वहीं, राप्तीनगर इलाके में भी रात एक बजे से सुबह 10 बजे तक बिजली आपूर्ति की दिक्कत बनी रही। मानबेला और आसपास के इलाकों में रात में तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित हुई। जबकि, राप्तीनगर, मोहद्दीपुर और आसपास के इलाकों में सुबह 4 बजे से 10 बजे तक बिजली आपूर्ति की समस्या बनी रही।
पानी की टंकी हो गई खाली, टिफिन नहीं ले जा पाए बच्चे
नार्मल उपखंड इलाके में रहने वाले देवेश ने बताया कि सुबह सोकर उठे तो बिजली गुल थी। पानी की टंकी खाली हो गई। बिजली नहीं होने से सुबह तैयार होने में विलंब हो गया। किसी तरह पानी का इंतजाम कर नहाने के बाद दफ्तर जाने के लिए तैयारी की। हिंदी बाजार के गणेश ने बताया कि आधी रात से बिजली गुल होने की वजह से सुबह घर में पानी की किल्लत हो गई। सुबह पानी के संकट से बच्चों का नाश्ता बनाने में बहुत देर हो गया। बच्चे टिफिन लेकर स्कूल नहीं जा पाए।
बारिश के बीच शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति की दिक्कत बनी रही। हालांकि, बारिश बंद होते ही टीम ने मौके पर जाकर फाल्ट को सही करवाया। कुछ इलाकों में फाल्ट को खोजने में ज्यादा समय लग गया। - आशु कालिया , मुख्य अभियंता
पाइप फटा तो पीने के पानी का पड़ गए लाले
जानकरी के अनुसार, देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर सड़क के बीच में पीने का पानी का भूमिगत केबल डाला गया है। मंगलवार को यह पाइप सिंघड़िया में फट गया। जिससे सैकड़ो घरों में पानी की किल्लत हो गई। वही, सड़क व घरों में पानी भर गया। मोहल्ले की पानमती, भोलू, मनोज, राघव गुडडू, संतोष आदि लोगों ने बताया कि खुद खुदाई कर अस्थाई व्यवस्था कर पानी नाला तक पहुंचाया गया। शिकायत के बाद बृहस्पतिवार शाम पानी की समस्या दूर तो हो गई, लेकिन सड़क की एक लेन पर आवागमन पूरी तरह से सामान्य नहीं हो सका। यहां से हल्की गाड़ियां ही जा रही हैं।
बारिश से इंजीनियरिंग कॉलेज के पास सड़क धंसी, खतरा
इंजीनियरिंग कॉलेज पुलिस चौकी के पास बृहस्पतिवार को सड़क धंस गई। इससे खतरे की आशंका बनी हुई है। यहां पर सड़क धंसने के बावजूद कोई संकेतक नहीं लगाया गया, जिससे राहगीरों को जानकारी हो सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर के पास बारिश होने होने से अचानक सड़क धंसने से गड्ढा हो गया, जिससे खतरा बना हुआ है।