फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   No need to block trains in case of train derailment, NER introduces road mobile rescue vehicles

मिनटों में पहुंचेगा बचाव दल: ट्रेन बेपटरी हुई तो ब्लॉक नहीं लेना पड़ेगा, NER ला रहा रोड मोबाइल रेस्क्यू व्हीकल

Wed, 27 May 2026 02:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो राजन राय, गोरखपुर
राजन राय, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 27 May 2026 02:51 AM IST
सार

रेलवे की इस व्यवस्था के तहत बस या ट्रक को डिजाइन करके इस तरह तैयार किया जाएगा कि उसमें उपकरणों के साथ ही बैठने का भी इंतजाम होगा। यह पूरी तरह एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन का विकल्प होगा। इसके लिए 24 घंटे स्टॉफ तैनात रहेंगे।

विज्ञापन
No need to block trains in case of train derailment, NER introduces road mobile rescue vehicles
एनईआर के 8 स्टेशन चयनित, तैयारी में जुटा रेल प्रशासन

विस्तार

 रेल हादसे या ट्रेन के पटरी से उतरने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य के तरीके अब बदलने जा रहे हैं। रेलवे अब पारंपरिक एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) की जगह रोड मोबाइल रेस्टोरेशन व्हीकल का इस्तेमाल करेगा। इससे दुर्घटना स्थल तक राहत टीम तेजी से पहुंच सकेगी और ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित नहीं होगा। दूसरे ट्रैक से ट्रेनों का संचालन जारी रखा जा सकेगा

विज्ञापन


पूर्वाेतर रेलवे के तीनों मंडल लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर के आठ प्रमुख जंक्शन स्टेशनों पर रोड मोबाइल रेस्टोरेशन व्हीकल की व्यवस्था की जाएगी। इसकी कार्ययोजना रेल प्रशासन ने तैयार कर ली है। रोड मोबाइल रेस्टोरेशन व्हीकल में भी एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन की तरह राहत एवं बचाव के सारे उपकरण रखे जा सकेंगे।
विज्ञापन


इसके अलावा 15 से 20 स्टॉफ के बैठने का इंतजाम भी होगा। सह सड़क मार्ग से हादसे वाली जगहों पर पहुंचने में पूरी तरह सक्षम होगा। पटरी से उतरे वाहनों को वापस पटरी पर लाने (री-रेलिंग) में बेहद उपयोगी साबित होगा। खास बात है कि एआरटी को रवाना करने से पहले ड्राइवर, लोको पायलट सहित स्टॉफ का प्रबंध करना पड़ता है। इसमें काफी समय लग जाता है। रोड मोबाइल रेस्क्यू वैन तुरंत रवाना हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

बस या ट्रक को बनाया जाएगा रेस्कयू वैन
रेलवे की इस व्यवस्था के तहत बस या ट्रक को डिजाइन करके इस तरह तैयार किया जाएगा कि उसमें उपकरणों के साथ ही बैठने का भी इंतजाम होगा। यह पूरी तरह एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन का विकल्प होगा। इसके लिए 24 घंटे स्टॉफ तैनात रहेंगे।

ये फायदे होंगे
-
ट्रेनों को रोकना नहीं पड़ेगा
- लोको पायलट, गार्ड व अन्य स्टॉफ को जुटना नहीं होगा

- समय बचेगा और रेलवे को भी आर्थिक बचत होगी

इन स्टेशनों पर होगी सुविधा
गोरखपुर, गोंडा, ऐशबाग, मैलानी, छपरा, मऊ, बनारस और कासगंज।

होंगी ये सुविधाएं
मल्टी-एक्सल, मल्टी-व्हील ड्राइव ट्रक, हल्के पिकअप वाहन, हाइड्रोलिक री-रेलिंग उपकरण, अन्य सांकेतिक उपकरण

इसकी व्यवस्था के लिए निर्देश जारी
संरक्षा की दृष्टि यह महत्वपूर्ण पहल है। रोड मोबाइल रेस्टोरेशन व्हीकल तैयार करने के लिए एनईआर के सभी मंडल मुख्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने महत्वपूर्ण स्टेशनों पर इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करें: सुमित कुमार, सीपीआरओ-एनईआर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed