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Gorakhpur News: जमीन दिलाने के नाम पर रेलवे कर्मचारियों से 17.22 लाख की ठगी, प्राथमिकी दर्ज
Sun, 07 Jun 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 07 Jun 2026 02:29 AM IST
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पांच साल बाद भी नहीं मिली जमीन, रकम भी नहीं लौटाई, एसएसपी के आदेश पर कार्रवाई
रेलवे कारखाने में हुई थी पहचान, रिश्तेदार के माध्यम से भरोसा देकर लिया झांसे में
गुलरिहा। जमीन दिलाने के नाम पर रेलवे के चार कर्मचारियों से 17.22 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद जमीन उपलब्ध कराई गई और न ही पूरी रकम वापस की गई। पीड़ितों की शिकायत पर गुलरिहा पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, बिहार के बेगूसराय निवासी अमित कुमार, गोपालगंज निवासी कुंदन कुमार, एक अन्य अमित कुमार तथा बरौनी निवासी अगम कुमार रेलवे कर्मचारी हैं। उनका आरोप है कि रेलवे कारखाना, गोरखपुर में कार्यरत रहने के दौरान उनकी पहचान ओमनगर, बशारतपुर निवासी मिथिलेश्वर कुमार से हुई थी। पीड़ितों का कहना है कि मिथिलेश्वर कुमार ने अपने रिश्तेदार चंद्रिका प्रसाद साहनी उर्फ चंदू साहनी के माध्यम से जमीन दिलाने का आश्वासन दिया।
इस भरोसे पर उन्होंने बैंक ऋण लेने के साथ ही ब्याज पर पैसा जुटाकर आरोपी के खाते में रकम भेज दी। शिकायत के मुताबिक, दो पीड़ितों के नाम जमीन की रजिस्ट्री तो करा दी गई लेकिन उस भूखंड तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं अन्य दो कर्मचारियों से भी जमीन के लिए रुपये लिए गए लेकिन उन्हें न तो जमीन मिली और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
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पीड़ितों का आरोप है कि जमीन के नाम पर कुल 22.12 लाख रुपये लिए गए थे। बाद में केवल 4.90 लाख रुपये ही वापस किए गए। शेष 17.22 लाख रुपये की मांग करने पर आरोपियों द्वारा लगातार टालमटोल की जाती रही। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की गई थी।
जांच के बाद एसएसपी के निर्देश पर गुलरिहा पुलिस ने चंद्रिका प्रसाद साहनी उर्फ चंदू साहनी और मिथिलेश्वर कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
सीओ गोरखनाथ रवि सिंह
ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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रेलवे कारखाने में हुई थी पहचान, रिश्तेदार के माध्यम से भरोसा देकर लिया झांसे में
गुलरिहा। जमीन दिलाने के नाम पर रेलवे के चार कर्मचारियों से 17.22 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद जमीन उपलब्ध कराई गई और न ही पूरी रकम वापस की गई। पीड़ितों की शिकायत पर गुलरिहा पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, बिहार के बेगूसराय निवासी अमित कुमार, गोपालगंज निवासी कुंदन कुमार, एक अन्य अमित कुमार तथा बरौनी निवासी अगम कुमार रेलवे कर्मचारी हैं। उनका आरोप है कि रेलवे कारखाना, गोरखपुर में कार्यरत रहने के दौरान उनकी पहचान ओमनगर, बशारतपुर निवासी मिथिलेश्वर कुमार से हुई थी। पीड़ितों का कहना है कि मिथिलेश्वर कुमार ने अपने रिश्तेदार चंद्रिका प्रसाद साहनी उर्फ चंदू साहनी के माध्यम से जमीन दिलाने का आश्वासन दिया।
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इस भरोसे पर उन्होंने बैंक ऋण लेने के साथ ही ब्याज पर पैसा जुटाकर आरोपी के खाते में रकम भेज दी। शिकायत के मुताबिक, दो पीड़ितों के नाम जमीन की रजिस्ट्री तो करा दी गई लेकिन उस भूखंड तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं अन्य दो कर्मचारियों से भी जमीन के लिए रुपये लिए गए लेकिन उन्हें न तो जमीन मिली और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
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पीड़ितों का आरोप है कि जमीन के नाम पर कुल 22.12 लाख रुपये लिए गए थे। बाद में केवल 4.90 लाख रुपये ही वापस किए गए। शेष 17.22 लाख रुपये की मांग करने पर आरोपियों द्वारा लगातार टालमटोल की जाती रही। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की गई थी।
जांच के बाद एसएसपी के निर्देश पर गुलरिहा पुलिस ने चंद्रिका प्रसाद साहनी उर्फ चंदू साहनी और मिथिलेश्वर कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
सीओ गोरखनाथ रवि सिंह
ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।