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Gorakhpur News: एम्स गोरखपुर में रजिस्ट्रार नियुक्ति पर फिर उठे सवाल, केंद्र सरकार ने मांगा जवाब
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गोरखपुर। एम्स में रजिस्ट्रार पद पर हुई नियुक्ति को लेकर एक बार फिर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी के आरोपों के बीच भारत सरकार के उप सचिव ने एम्स प्रशासन से औपचारिक जवाब तलब किया है। मामला रजिस्ट्रार पद पर चयनित पीएन गांगुली से जुड़ा है, जिनका आवेदन निर्धारित अंतिम तिथि के बाद प्राप्त हुआ था।
दरअसल, 6 सितंबर 2023 को एम्स गोरखपुर में रजिस्ट्रार समेत कई पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इस प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रार पद पर पीएन गांगुली और एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) पद पर रिजूरोहित श्रीवास्तव की नियुक्ति हुई। दोनों नियुक्तियों को नियमविरुद्ध बताते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच के बाद रिजूरोहित श्रीवास्तव को पद से हटाकर उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया, लेकिन रजिस्ट्रार के मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसी को लेकर दोबारा शिकायत होने पर 26 दिसंबर 2025 को भारत सरकार के उप सचिव आदित्य कुमार ममगैन ने एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता को पत्र भेजा। पत्र में पीएन गांगुली की नियुक्ति पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई, साथ ही यह भी पूछा गया कि गलत नियुक्ति करने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए।
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उधर, एम्स प्रशासन ने पुष्टि किया है कि जवाब में 27 जनवरी को एम्स गोरखपुर की मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. महिमा मित्तल ने केंद्र को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट में स्वीकार किया गया कि पीएन गांगुली का आवेदन अंतिम तिथि के बाद प्राप्त हुआ था और विलंब माफी को लेकर सक्षम प्राधिकारी या चयन समिति की मंजूरी से जुड़ा कोई दस्तावेज रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।
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दरअसल, 6 सितंबर 2023 को एम्स गोरखपुर में रजिस्ट्रार समेत कई पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इस प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रार पद पर पीएन गांगुली और एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) पद पर रिजूरोहित श्रीवास्तव की नियुक्ति हुई। दोनों नियुक्तियों को नियमविरुद्ध बताते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच के बाद रिजूरोहित श्रीवास्तव को पद से हटाकर उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया, लेकिन रजिस्ट्रार के मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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इसी को लेकर दोबारा शिकायत होने पर 26 दिसंबर 2025 को भारत सरकार के उप सचिव आदित्य कुमार ममगैन ने एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता को पत्र भेजा। पत्र में पीएन गांगुली की नियुक्ति पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई, साथ ही यह भी पूछा गया कि गलत नियुक्ति करने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए।
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उधर, एम्स प्रशासन ने पुष्टि किया है कि जवाब में 27 जनवरी को एम्स गोरखपुर की मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. महिमा मित्तल ने केंद्र को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट में स्वीकार किया गया कि पीएन गांगुली का आवेदन अंतिम तिथि के बाद प्राप्त हुआ था और विलंब माफी को लेकर सक्षम प्राधिकारी या चयन समिति की मंजूरी से जुड़ा कोई दस्तावेज रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।