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Gorakhpur News: भगवान परशुराम जयंती पर निकली शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत
Mon, 20 Apr 2026 02:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 20 Apr 2026 02:06 AM IST
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गोरखपुर। अक्षय तृतीया के अवसर पर रविवार को भगवान परशुराम की जयंती धूमधाम से मनाई गई। सर्व ब्राम्हण समिति की ओर से करीब 25 संगठनों ने संयुक्त रूप से भव्य शोभायात्रा निकाली, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा विष्णु मंदिर से प्रारंभ होकर काली मंदिर, शास्त्री चौक और कचहरी चौक होते हुए पंत पार्क में गोष्ठी के रूप में संपन्न हुई।
सर्व ब्राम्हण समिति के अध्यक्ष विजय नारायण मिश्र ने कहा कि भगवान परशुराम का अवतार अन्याय के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। वर्तमान समय में समाज को एकजुट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने ब्राह्मण समाज से अपने अधिकारों और संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संगीता पांडेय, विजय शंकर मिश्र, रघुनंदन उपाध्याय, धीरेंद्र पांडेय, अनिल किशोर पांडेय, राम सुधरी मिश्र, अनिल मिश्र, अनूप मिश्र, आलोक पांडेय, शरण पांडेय, सत्य प्रकाश पाठक, राज मंगल राय, विश्वजीत त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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संगठित समाज ही होता है सशक्त राष्ट्र की नींव
गोरखपुर। अखिल भारतीय परशुराम वाहिनी की ओर से एक निजी लॉज में विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सांसद रवि किशन शुक्ल ने समाज में एकता, शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव होता है। विशिष्ट अतिथि राजेश पांडेय, डॉ. गौरव पांडेय, अरविंद शुक्ल, राकेश पांडेय व शरद मणि त्रिपाठी ने भी विचार रखे। संचालन संजीव मिश्र ने किया। आयोजन में अरविंद पांडेय, नारायण दत्त पाठक, हिमांशु राय, बादल चतुर्वेदी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
धूमधाम से मनाई गई भगवान परशुराम जयंती
गोरखपुर। परशुराम जयंती पर विष्णु मंदिर में रविवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम व विष्णु की पूजा-अर्चना कर अपनी आस्था निवेदित की। इस अवसर पर मंदिर से शोभायात्रा भी निकली। मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी संतोष त्रिपाठी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में करपात्री जी महाराज, करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरू सिंह, समृद्धि जन कल्याण सेवा समिति की प्रबंधक किरन शुक्ला व पूर्व उपायुक्त श्यामधर त्रिपाठी शामिल रहे। कार्यक्रम का आयोजन रेल कर्मचारी नेता नितेश शुक्ल व आचार्य चंद्र प्रकाश त्रिपाठी उर्फ फरसा बाबा के नेतृत्व में हुआ।
भगवान परशुराम के आदर्शों को अपना कर नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करें युवा
गोरखपुर। भगवान परशुराम के प्राकट्य दिवस के अवसर पर कौटिल्य परिषद की ओर से दीवानी कचहरी के सभागार में रविवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर चितरंजन मिश्र ने भगवान परशुराम के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे पराक्रम, तप, ज्ञान और न्याय के अद्वितीय प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करें। सेवानिवृत्त जनपद न्यायाधीश ओम प्रकाश शुक्ल ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन ब्राह्मण समाज के आत्मगौरव और धर्मनिष्ठा का प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय, सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष उमापति उपाध्याय, सेवानिवृत्त निदेशक स्वास्थ्य जीसी द्विवेदी, मधुसूदन त्रिपाठी, मार्कंडेय मणि त्रिपाठी व रत्नेश्वर शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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सर्व ब्राम्हण समिति के अध्यक्ष विजय नारायण मिश्र ने कहा कि भगवान परशुराम का अवतार अन्याय के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। वर्तमान समय में समाज को एकजुट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने ब्राह्मण समाज से अपने अधिकारों और संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान किया।
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कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संगीता पांडेय, विजय शंकर मिश्र, रघुनंदन उपाध्याय, धीरेंद्र पांडेय, अनिल किशोर पांडेय, राम सुधरी मिश्र, अनिल मिश्र, अनूप मिश्र, आलोक पांडेय, शरण पांडेय, सत्य प्रकाश पाठक, राज मंगल राय, विश्वजीत त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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संगठित समाज ही होता है सशक्त राष्ट्र की नींव
गोरखपुर। अखिल भारतीय परशुराम वाहिनी की ओर से एक निजी लॉज में विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सांसद रवि किशन शुक्ल ने समाज में एकता, शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव होता है। विशिष्ट अतिथि राजेश पांडेय, डॉ. गौरव पांडेय, अरविंद शुक्ल, राकेश पांडेय व शरद मणि त्रिपाठी ने भी विचार रखे। संचालन संजीव मिश्र ने किया। आयोजन में अरविंद पांडेय, नारायण दत्त पाठक, हिमांशु राय, बादल चतुर्वेदी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
धूमधाम से मनाई गई भगवान परशुराम जयंती
गोरखपुर। परशुराम जयंती पर विष्णु मंदिर में रविवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम व विष्णु की पूजा-अर्चना कर अपनी आस्था निवेदित की। इस अवसर पर मंदिर से शोभायात्रा भी निकली। मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी संतोष त्रिपाठी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में करपात्री जी महाराज, करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरू सिंह, समृद्धि जन कल्याण सेवा समिति की प्रबंधक किरन शुक्ला व पूर्व उपायुक्त श्यामधर त्रिपाठी शामिल रहे। कार्यक्रम का आयोजन रेल कर्मचारी नेता नितेश शुक्ल व आचार्य चंद्र प्रकाश त्रिपाठी उर्फ फरसा बाबा के नेतृत्व में हुआ।
भगवान परशुराम के आदर्शों को अपना कर नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करें युवा
गोरखपुर। भगवान परशुराम के प्राकट्य दिवस के अवसर पर कौटिल्य परिषद की ओर से दीवानी कचहरी के सभागार में रविवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर चितरंजन मिश्र ने भगवान परशुराम के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे पराक्रम, तप, ज्ञान और न्याय के अद्वितीय प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करें। सेवानिवृत्त जनपद न्यायाधीश ओम प्रकाश शुक्ल ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन ब्राह्मण समाज के आत्मगौरव और धर्मनिष्ठा का प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय, सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष उमापति उपाध्याय, सेवानिवृत्त निदेशक स्वास्थ्य जीसी द्विवेदी, मधुसूदन त्रिपाठी, मार्कंडेय मणि त्रिपाठी व रत्नेश्वर शुक्ल आदि मौजूद रहे।