मरीज-एंबुलेंस माफिया: मरीज की खरीद-फरोख्त करने आई प्राइवेट एंबुलेंस सीज, जुलाई में हुई थी मारपीट
बीआरडी मेडिकल काॅलेज उत्तरी गेट पर 9 जुलाई की रात में चेकिंग के दौरान एंबुलेंस चालक चौकी इंचार्ज से भिड़ गए थे। जिसमे गुलरिहा पुलिस ने नौ हमलावरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर चार को जेल भेजा था।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज से मरीज को चोरी से प्राइवेट नर्सिंग होम में शिफ्ट करने का मामला सोमवार को फिर सामने आया। कर्मचारी ने एक तीमारदार को बरगलाकर मरीज को प्राइवेट नर्सिंग होम में ले जाने के लिए तैयार कर लिया था, लेकिन तभी इसकी भनक पुलिस को लग गई। इमरजेंसी के सामने प्राइवेट एंबुलेंस को चालक सहित पकड़ लिया गया। चालक से पूछताछ में मरीज की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एंबुलेंस को सीज कर दिया है।
खबर है कि एंबुलेंस पर अस्पताल का नाम नहीं लिखा था। पुलिस ने जांच तेज कर दी है। हालांकि, चालक की कोई भूमिका सामने नहीं आने पर 20 हजार के निजी मुचलके पर उसे छोड़ दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, मरीज-एंबुलेंस माफिया पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। कुछ दिन पहले तीन एंबुलेंस सहित पांच वाहनों को पुलिस ने सीज किया था।
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सोमवार को दोपहर में मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी विवेक मिश्रा को सूचना मिली कि एक प्राइवेट एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज में है, मरीज की सौदेबाजी चल रही है। बिहार के मरीज को बेहतर इलाज का झांसा देकर प्राइवेट नर्सिंग होम में शिफ्ट किया जाना है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। चौकी इंचार्ज दूर से ही एंबुलेंस की निगरानी कर रहे थे। चालक के आते ही उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम रामबचन बताया।
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उसने पुलिस को बताया कि जहां पर नर्सिंग होम से भेजा जाता है, वहां पर जाकर मरीज को सिर्फ अस्पताल पहुंचाना ही उसका काम है। बताया कि मरीज को उसे झुंगिया के एक अस्पताल में पहुंचाना था। पुलिस ने एंबुलेंस को सीज कर दिया।