गोरखपुर विश्वविद्यालय: प्री-पीएचडी छात्रों का धरना पांचवें दिन भी जारी, प्रशासन ने की ये अपील
राजभवन की भी नजर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने धरना समाप्त करने की अपील की।
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में वर्ष 2019 के प्री-पीएचडी छात्रों का धरना मंगलवार पांचवें दिन भी जारी रहा। धरने में 50 से ज्यादा छात्राओं के आने से विश्वविद्यालय प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गईं। छात्रों ने कहा कि प्रमोट करने का लिखित आश्वासन मिलने पर ही धरना समाप्त होगा। उधर, पूरे घटनाक्रम पर राजभवन भी नजर बनाए हुए है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीक्षांत समारोह का हवाला देकर छात्रों से धरना समाप्त करने की अपील की है।
धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन अड़ियल रवैया अपनाए हुए है। वार्ता को हम तैयार हैं, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी आए। शोधार्थियों का कहना है कि सभी को एक साथ प्रमोट किया जाए। जनवरी के प्रथम सप्ताह में सभी का पीएचडी में पंजीकरण कर लिया जाए।
छात्रसंघ निवर्तमान अध्यक्ष अमन यादव ने कहा कि प्री-पीएचडी की परीक्षा छह महीने में हो जानी थी, वह ढाई साल बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन कराने में असमर्थ रहा। छह बार छात्रों ने धरना दिया। अब मुश्किल यह है कि अगर प्रमोट नहीं किया जाता है तो कई लोगों की समयावधि समाप्त हो जाएगी। इसके चलते वे पीएचडी नहीं कर पाएंगे।
इस अवसर पर भाष्कर चौधरी, शिवशंकर गौड़, दीपक यादव, मनीष, पवन कुमार, सत्येंद्र भारती, दीप्ति, पिंकी, सोनी पाल, अंजनी, चंदा, ममता, निधि आदि मौजूद रहे।
कुलसचिव ने लिखा पत्र
कुल सचिव विश्वेश्वर प्रसाद ने पत्र लिखकर धरने पर बैठे प्री-पीएचडी 2019-20 के शोध छात्रों से धरना समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि परीक्षा कराने के संबंध में कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ वार्ता हो चुकी है। वार्ता के क्रम में परीक्षा के संबंध में स्थिति को स्पष्ट करते हुए सूचना निर्गत की गई है। वार्ता के दौरान अधिकतर बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। शेष बिंदुओं पर विश्वविद्यालय सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द निर्णय लेगा। प्री-पीएचडी परीक्षा एवं पंजीकरण की प्रक्रिया जल्द पूर्ण करा ली जाएगी। विश्वविद्यालय का 40वां दीक्षांत समारोह 15 दिसंबर को होना है, जिसमें कुलाधिपति एवं दीक्षांत के मुख्य अतिथि प्रो. एके श्रीवास्तव का आगमन होगा। आप सभी विद्यार्थियों से अनुरोध है कि शीघ्र आंदोलन व धरना समाप्त कर दीक्षांत समारोह को गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराने में विश्वविद्यालय का सहयोग करने का कष्ट करें।