{"_id":"6998d029cb8399fe200aecf1","slug":"prayers-were-offered-for-peace-progress-and-prosperity-in-the-country-gorakhpur-news-c-7-1-gkp1046-1236590-2026-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: सिर्फ भूखे रहना नहीं, नफ्स पर काबू पाने का नाम है रोजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: सिर्फ भूखे रहना नहीं, नफ्स पर काबू पाने का नाम है रोजा
विज्ञापन
गोरखपुर। माह-ए-रमजान का आगाज हो चुका है। पहले जुमा की नमाज शहर की सभी मस्जिदों में अदा की गई। इस दौरान उलमा ने रोजे की अहमियत बताते हुए कहा कि रोजा सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है बल्कि नफ्स पर काबू पाने का जरिया है। असल रोजा तो वह है जिससे अल्लाह राजी हो जाए। आखिर में मुल्क में अमन ओ अमान, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी गई।
जुमा की तकरीर में मरकजी मदीना जामा मस्जिद रेती चौक में मुफ्ती मेराज अहमद कादरी ने कहा कि रोजेदार खुशनसीब है जिसके लिए हर रोज जन्नत सजाई जाती है। रोजेदारों को कोशिश करनी चाहिए कि जब हाथ उठे तो भलाई के लिए उठे। कान सुने तो अच्छी बातें सुने। कदम बढ़े तो नेक काम करने के लिए ही बढ़ें।
नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में मौलाना मोहम्मद असलम रजवी ने कहा कि रोजा सिर्फ खाने और पीने से दूर रहने का नाम नहीं, रोजा तो यह है कि बेहूदा बातों से बचा रहे। गौसिया जामा मस्जिद छोटे काजीपुर में मौलाना मोहम्मद अहमद निजामी ने अल्लाह की इनायतों, रहमतों और बख्शिश का जिक्र किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जुमा की तकरीर में मरकजी मदीना जामा मस्जिद रेती चौक में मुफ्ती मेराज अहमद कादरी ने कहा कि रोजेदार खुशनसीब है जिसके लिए हर रोज जन्नत सजाई जाती है। रोजेदारों को कोशिश करनी चाहिए कि जब हाथ उठे तो भलाई के लिए उठे। कान सुने तो अच्छी बातें सुने। कदम बढ़े तो नेक काम करने के लिए ही बढ़ें।
विज्ञापन
नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में मौलाना मोहम्मद असलम रजवी ने कहा कि रोजा सिर्फ खाने और पीने से दूर रहने का नाम नहीं, रोजा तो यह है कि बेहूदा बातों से बचा रहे। गौसिया जामा मस्जिद छोटे काजीपुर में मौलाना मोहम्मद अहमद निजामी ने अल्लाह की इनायतों, रहमतों और बख्शिश का जिक्र किया।
विज्ञापन