इंडियन बैंक: दो लाख रुपये से ज्यादा के चेक पर लागू होगा पीपीएस
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चेक के जरिये धोखाधड़ी रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने एक जनवरी से चेक क्लियरेंस के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम (पीपीएस) लागू किया है। प्रावधान के मुताबिक 50 हजार रुपये से ज्यादा रकम वाले चेक के लिए यह लागू होगा, लेकिन इंडियन बैंक ने फिलहाल इसकी लिमिट दो लाख रुपये तय की है। एक अप्रैल 2021 से 50 हजार रुपये की लिमिट लागू हो जाएगी।
दरअसल, इंडियन बैंक ने यह फैसला नए सिस्टम के लागू होने के बाद किसी भी तरह की अफरातफरी से बचने के लिए किया है, क्योंकि दो लाख रुपये से कम रकम वाले चेकों की संख्या काफी ज्यादा होती है। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक ने इसे अंतिम रूप से लागू करने के लिए एक अप्रैल की तारीख तय की है। इसी वजह से इंडियन बैंक की ओर से दो लाख रुपये तक के चेक को पुराने सिस्टम के जरिए ही क्लीयरेंस देने का फैसला लिया गया है।
दोहरी सुरक्षा प्रणाली है पॉजिटिव पे सिस्टम
स्टेट बैंक के डीजीएम पीसी बरोड़ ने बताया कि पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत जो व्यक्ति चेक जारी करेगा, उन्हें इलेक्ट्रानिक माध्यम से चेक की तारीख, लाभार्थी का नाम, प्राप्तकर्ता और पेमेंट की रकम के बारे में दोबारा जानकारी देनी होगी। चेक जारी करने वाला व्यक्ति यह जानकारी एसएमएस, मोबाइल एप, इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम जैसे इलेक्ट्रानिक माध्यमों से दे सकता है।
इसके बाद चेक पेमेंट से पहले इन जानकारियों का फिर से मिलान किया जाएगा। अगर इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाएगी तो चेक से भुगतान नहीं किया जाएगा और संबंधित बैंक शाखा को इसकी जानकारी दी जाएगी। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए विकल्प देने के लिए ग्राहक नजदीकी शाखा, बैंक की वेबसाइट bank.sbo पर विजिट कर सकते हैं। टोल फ्री नंबर 1800112211 पर संपर्क भी कर सकते हैं।
बैंकिंग सेक्टर में बदलाव
इंडियन बैंक डीजीएम अजीत कुमार झा ने कहा कि आरबीआई के निर्देशानुसार सबसे अहम बदलाव पॉजिटिव पे सिस्टम (पीपीएस) के संबंध में किया गया है। चेक से रकम के फर्जीवाड़े को रोकने की दिशा में इसके काफी कारगर होने की संभावना है। फिलहाल रिजर्व बैंक ने 50 हजार रुपये तक के चेक पर यह व्यवस्था लागू की है, लेकिन अभी हम इसकी लिमिट दो लाख रुपये रख रहे हैं। एक जनवरी से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी, लेकिन एक अप्रैल से इसके लिमिट 50 हजार रुपये कर दी जाएगी। रिजर्व बैंक ने एक अप्रैल 2021 में इसे अंतिम से लागू करने की समय सीमा तय की है।
यूनियन बैंक के डीजीएम भोला प्रसाद ने बताया कि एक जनवरी से क्रेडिट और डेबिट कार्ड से बिना स्वाइप लेनदेन की सीमा 2000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गई है। एक जनवरी से सभी चार पहिया वाहनों के लिए फास्टैग भी जरूरी कर दिया गया है। बैंकों में फास्टटैग बनाने की सुविधा उपलब्ध है। अब वाहन के फिटनेस सर्टिफिकेट नवीकरण या थर्ड पार्टी बीमा लेने के लिए भी फास्टैग अनिवार्य होगा। एक जनवरी से फास्टैग खाते में न्यूनतम 150 रुपये रखना अनिवार्य किया गया है।
यूपीआई भुगतान पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक एलबी झा ने बताया कि एनपीसीआई ने एक जनवरी से थर्ड पार्टी एप प्रोवाइडर्स की ओर से चलाई जाने वाली यूपीआई भुगतान सेवा पर अतिरिक्त शुल्क लगा दिया है। नए साल पर थर्ड पार्टी एप पर 30 फीसदी की ऊपरी सीमा लगाई गई है। इसकी गणना पिछले तीन महीने के दौरान यूपीआई में प्रॉसेस्ड भुगतान की कुल संख्या के आधार पर होगी। पेटीएम इस दायरे में नहीं है। अमेजन-पे, गूगल-पे और फोन-पे से भुगतान करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
जीएसटी : अब भरने होंगे तिमाही बिक्री रिटर्न
चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने बताया कि नए वर्ष में प्रतिवर्ष पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले लघु उद्यमियों को मासिक आधार पर सालभर में 12 रिटर्न फॉर्म दाखिल करने के स्थान पर केवल चार बिक्री रिटर्न (जीएसटीआर-3बी) फॉर्म भरने होंगे।