छठ पूजा में भी राजनीति: पिपराइच में नेता का बैनर लगा जलपान स्टॉल चलाने पर बवाल, मारपीट में तीन घायल
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि आपसी विवाद में मारपीट की घटना हुई है। मारपीट में चोटिल लोगों को अस्पताल भेजा गया। गांव में एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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गोरखपुर जिले के पिपराइच छठ पूजा में भी राजनीति से लोग बाज नहीं आए। इलाके के बरईपुर गांव के पजरहवा टोले में छठ घाट पर रविवार को अल्पसंख्यक वर्ग के एक नेता का बैनर लगाकर श्रद्धालुओं को जलपान कराने पर बवाल हो गया। एक पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया और फिर गांव में पहुंचते ही मारपीट हो गई। विरोध करने वाले सतीश गिरी (30) और उनके पिता राधेश्याम गिरी (53) को मारपीट कर आरोपियों ने घायल कर दिया।
दूसरे पक्ष के रंजित गौड़ नाम का युवक चोटिल हुआ है। घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। जबकि अस्पताल में विवाद रोकने के लिए रंजीत को दूसरे नर्सिंग होम भेजा गया। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने चार लोगों को मौके से हिरासत में भी लिया है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी इलाके में ही देर रात तक कैंप किए थे।
जानकारी के मुताबिक, पजरहवा टोले में तालाब के किनारे आसपास के गांवों की महिलाएं छठ पर्व करती हैं। रविवार की शाम में मनीष गौड़, कुशीनगर जिले के हाटा निवासी अल्पसंख्यक वर्ग के एक नेता का बैनर लगाकर जलपान करा रहा था। महिलाओं को चाय-समोसा दिया जा रहा था। तभी गांव के सतीश गिरी व कुछ अन्य लोग आए और विरोध करने लगे।
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उनका कहना था कि अल्पसंख्यक वर्ग के नेता के पैसे का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है। विवाद होने पर मौजूद लोगों ने बीचबचाव कर मामले को शांत करा दिया। आरोप है कि सतीश भी घर चला गया। लेकिन मनीष पक्ष के लोग सतीश के घर पर पहुंच गए और उसे गाली देने लगे। मना करने पर आरोपियों ने सतीश गिरी की पिटाई शुरू कर दी।
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बचाव में पिता राधेश्याम आए तो उनकी भी पिटाई कर दी। मारपीट होती देख आसपास के लोग एकत्र हो गए और दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इसमें मनीष पक्ष के रंजित गौड़ को भी चोट आई है। घायल पिता-पुत्र को अस्पताल पहुंचाया गया तो वहां पर भी भीड़ एकत्र हो गई।
घटना की सूचना पर एसपी नार्थ मनोज अवस्थी भी फोर्स के साथ पहुंच गए थे। अस्पताल में विवाद न होने पाए इसी वजह से रंजित को दूसरे अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद से ही गांव में एक चर्चा आम हो गई है कि यह विवाद बैनर के बहाने भले ही हुआ है, लेकिन इसकी असल वजह चुनावी रंजिश है। किसी भी चुनाव में सतीश और मनीष अलग-अलग रहते हैं। यही वजह है कि मनीष ने अल्पसंख्यक वर्ग के नेता का बैनर लगाया तो सतीश ने इसका विरोध किया और इसी बहाने से मारपीट शुरू हो गई। पुलिस भी रंजिश के एंगल पर जांच कर रही है।
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एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि आपसी विवाद में मारपीट की घटना हुई है। मारपीट में चोटिल लोगों को अस्पताल भेजा गया। गांव में एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।