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Gorakhpur News: जमीन पर गिरा सिपाही, सिर में चोट लगने से मौत; बहराइच में थी तैनाती

Wed, 27 Dec 2023 12:47 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 27 Dec 2023 12:47 PM IST
सार

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव गुप्ता बताते हैं कि जिन मरीजों का फेफड़ा संक्रमित है या सांस लेने में दिक्कत है जांच करा लेनी चाहिए। उन्हें अचानक अधिक परिश्रम नहीं करना चाहिए। जिन मरीजों के हृदय एक बार कमजोर हो चुके हैं, उन्हें लंबे समय तक और कुछ परिस्थितियों में आजीवन दवा खानी पड़ सकती है।

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Policeman fell on ground died due to head injury
शिव रतन मौर्य। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले के निवासी व बहराइच जिले के कोतवाली देहात में तैनात सिपाही शिवरतन मौर्य (36) सोमवार रात पानी पीने के लिए उठने के दौरान अचानक जमीन पर गिर गए। हादसे में उनके सिर में गहरी चोट लग गई। अन्य पुलिस कर्मियों ने तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां प डॉक्टर ने शिवरतन को मृत घोषित कर दिया।

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वर्ष 2011 में पुलिस में भर्ती हुए शिवरतन गोरखपुर जिले के गीडा क्षेत्र के ग्राम पंचायत एकला बाजार के रहने वाले थे। सिपाही की मौत की सूचना पर एसपी प्रशांत वर्मा, एएसपी नगर रामेन्द्र कुशवाहा, सीओ सिटी राजीव सिसोदिया आदि ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली।
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पिता रेलवे से रिटायर्ड, तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे शिवरतन : एकला गांव निवासी शिवरतन मौर्य के पिता हरिश्चंद्र मौर्य रेलवे से रिटायर्ड हैं। बड़ा भाई शिवाजी मौर्य और सबसे छोटा रामरतन मौर्य व्यापार करते हैं। भाइयों में शिवरतन मौर्य दूसरे नंबर के थे। भाई शिवाजी बताते हैं, उसे कभी हृदय संबंधी कोई बीमारी नहीं रही। अचानक हुई इस घटना से सब हैरान हैं, परिवार वाले सदमे में हैं। वह काफी होनहार थे।
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सांस लेने में दिक्कत हो तो करा लें जांच
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव गुप्ता बताते हैं कि जिन मरीजों का फेफड़ा संक्रमित है या सांस लेने में दिक्कत है जांच करा लेनी चाहिए। उन्हें अचानक अधिक परिश्रम नहीं करना चाहिए। जिन मरीजों के हृदय एक बार कमजोर हो चुके हैं, उन्हें लंबे समय तक और कुछ परिस्थितियों में आजीवन दवा खानी पड़ सकती है। इसलिए बिना डॉक्टर से सलाह लिए दवा बंद न करें।

अगर हृदय कमजोर है तो ये न करें
  • अचानक अधिक परिश्रम या कोई ऐसा खेल जिसमें अधिक दौड़ना पड़े उसमें शामिल न हों।
  • अगर सांस लेने में दिक्कत है तो बिना डॉक्टर की सलाह लिए दवा बंद न करें।
  • अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ की निगरानी में फिजियोथेरेपी कराएं।
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ये काम जरूर करें

  • दर्द के कारणों की जानकारी के लिए डॉक्टर की सलाह लेकर ईसीजी, एंजियोग्राफी जरूर कराएं।
  • शुरू के छह महीने तक शरीर को आराम दें।
  • जब भी अधिक परिश्रम का काम करना हो तो अपनी बीमारी का ध्यान रखें।
  • कुछ मामलों में आजीवन दवा लेनी होती है, इसलिए अपने मन से दवा बंद न करें।
  • दवा की डोज में परिवर्तन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


 

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