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Gorakhpur News: डॉक्टर को भी आरोपी बनाएगी पुलिस, बीए पास है काजू
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जनसेवा हॉस्पिटल प्रकरण : एक नर्सिंग होम में ओटी सहयोगी के रूप में काम किया और खुद बन बैठा डॉक्टर
21 हजार रुपये महीने में खरीदा था डॉक्टर की डिग्री, अब जाएंगे जेल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। झंगहा के जनसेवा हॉस्पिटल प्रकरण में 21 हजार रुपये के लालच में डिग्री देकर लाइसेंस दिलाने में मददगार बने डॉक्टर को भी पुलिस आरोपी बनाएगी। पुलिस साक्ष्यों को एकत्र कर रही है। वहीं, जांच में पता चला है कि जिस डॉक्टर के डिग्री पर जनसेवा हॉस्पिटल का लाइसेंस है, उसने तीन और अस्पताल में अपनी डिग्री का इस्तेमाल किया है। पुलिस गहराई से मामले की जांच कर रही है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि बीए पास काजू सिंह 11 साल से नर्सिंग होम का संचालन कर रहा है। जबकि चिकित्सा से जुड़ी कोई भी डिग्री उसके पास नहीं है।
11 साल पहले वह एक अस्पताल में ओटी (ऑपरेशन थिएटर) में सहयोगी के रूप में काम किया था। इस दौरान उसने जो कुछ सीखा, उसकी मदद से खुद को डॉक्टर मान बैठा और नर्सिंग होम का संचालन करने लगा। 11 साल से बड़े आराम से वह अस्पताल का संचालन कर रहा था और किसी भी जिम्मेदार की नजर तक नहीं पड़ी। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि काजू सिंह को जेल भेजा जा चुका है। डाॅक्टर की भूमिका संदिग्ध आई है। उन्हें भी केस में शामिल किया जाएगा।
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21 हजार रुपये महीने में खरीदा था डॉक्टर की डिग्री, अब जाएंगे जेल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। झंगहा के जनसेवा हॉस्पिटल प्रकरण में 21 हजार रुपये के लालच में डिग्री देकर लाइसेंस दिलाने में मददगार बने डॉक्टर को भी पुलिस आरोपी बनाएगी। पुलिस साक्ष्यों को एकत्र कर रही है। वहीं, जांच में पता चला है कि जिस डॉक्टर के डिग्री पर जनसेवा हॉस्पिटल का लाइसेंस है, उसने तीन और अस्पताल में अपनी डिग्री का इस्तेमाल किया है। पुलिस गहराई से मामले की जांच कर रही है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि बीए पास काजू सिंह 11 साल से नर्सिंग होम का संचालन कर रहा है। जबकि चिकित्सा से जुड़ी कोई भी डिग्री उसके पास नहीं है।
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11 साल पहले वह एक अस्पताल में ओटी (ऑपरेशन थिएटर) में सहयोगी के रूप में काम किया था। इस दौरान उसने जो कुछ सीखा, उसकी मदद से खुद को डॉक्टर मान बैठा और नर्सिंग होम का संचालन करने लगा। 11 साल से बड़े आराम से वह अस्पताल का संचालन कर रहा था और किसी भी जिम्मेदार की नजर तक नहीं पड़ी। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि काजू सिंह को जेल भेजा जा चुका है। डाॅक्टर की भूमिका संदिग्ध आई है। उन्हें भी केस में शामिल किया जाएगा।
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