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गोरखपुर में अंडरग्राउंड क्राइम: माफिया विनोद बनेगा 50 हजारी, अब अजीत की नोएडा की संपत्ति की बारी
Sat, 03 Jun 2023 10:14 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 03 Jun 2023 10:14 AM IST
सार
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि माफिया की संपत्ति और उसके जमानतदारों की जांच की जा रही है। नोएडा और लखनऊ में माफिया अजीत शाही की संपत्ति की जानकारी मिली है। पुलिस टीम वहां पर पूरी जानकारी हासिल करने के लिए रवाना हो चुकी है।
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बाएं से गोरखपुर के माफिया अजीत शाही, राकेश यादव, सुधीर सिंह और विनोद उपाध्याय।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
माफिया विनोद उपाध्याय की तलाश में जुटी पुलिस ने शुक्रवार को दूसरे जिलों में भी छापा मारा। लेकिन, वह हत्थे नहीं चढ़ा। अब पुलिस इनाम की राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने की तैयारी में है। एसएसपी ने इनाम बढ़ाने के लिए आईजी के पास फाइल भेज दी है। वहीं, राकेश यादव के परिवार के भागने की फिराक को देखते हुए उसके घर के बाहर पुलिस की तैनाती कर दी गई है। अजीत शाही की नोएडा और लखनऊ में संपत्ति का सुराग लग गया है। जांच के लिए गोरखपुर पुलिस की एक टीम लखनऊ और एक टीम नोएडा रवाना भी हो गई।
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जानकारी के मुताबिक, यूपी के टॉप सूची में शामिल जिले के माफिया के एक-एक कारोबार और संपत्ति पर पुलिस की टेढ़ी नजर पड़ गई है। इसी क्रम में नोडल अधिकारियों ने सबसे पहले उनकी संपत्तियों और आय के स्रोतों को खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही जमानतदार और शरणदाता तथा उनकी प्रापर्टी पर भी पुलिस की नजर है।
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माफिया की संपत्तियों की जांच के दौरान सुधीर, विनोद और राकेश यादव की संपत्ति खंगाली जा रही है। क्योंकि सुधीर, राकेश यादव की संपत्ति को पहले ही जब्त किया जा चुका है, इस वजह से अब उन संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है, जिन्हें इन लोगों ने परिवार के दूसरे सदस्यों या फिर रिश्तेदारों के नाम पर लिया है। इसके लिए पुलिस जिसके नाम पर जमीन है, उसके मालिक की आय के स्रोत भी तलाश रही है, ताकि इस बात को साबित किया जा सके, संपत्ति को माफिया ने अपराध के रुपयों से ही खरीदा है।
वहीं, पुलिस ने माफिया अजीत शाही की संपत्ति का पूरा ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस को पता चला है कि माफिया की लखनऊ और नोएडा में भी अच्छी खासी संपत्ति है। दूसरी तरफ माफिया विनोद की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। विनोद की तलाश में शहर-शहर न सिर्फ टीमें खाक छान रही हैं, बल्कि जिन जिलों में उसके खिलाफ केस दर्ज है वहां के कोर्ट परिसर में भी पुलिस की नजर है।
पुलिस की कोशिश है कि जिस तरह से अजीत शाही और सुधीर सिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया था उस तरह से विनोद सरेंडर न कर पाए। कम से कम विनोद को गिरफ्तार कर पिछली दो नाकामयाबी को पुलिस कामयाबी में बदलना चाहती है।
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एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि माफिया की संपत्ति और उसके जमानतदारों की जांच की जा रही है। नोएडा और लखनऊ में माफिया अजीत शाही की संपत्ति की जानकारी मिली है। पुलिस टीम वहां पर पूरी जानकारी हासिल करने के लिए रवाना हो चुकी है। पब्लिक से भी पुलिस की अपील है कि वह किसी भी माफिया के बारे में कोई जानकारी देना चाहते हैं तो गोपनीय तरीके से पुलिस को दे सकते हैं। उनका नाम-पता सब कुछ गोपनीय रखा जाएगा।
पुलिस की कोशिश है कि जिस तरह से अजीत शाही और सुधीर सिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया था उस तरह से विनोद सरेंडर न कर पाए। कम से कम विनोद को गिरफ्तार कर पिछली दो नाकामयाबी को पुलिस कामयाबी में बदलना चाहती है।
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एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि माफिया की संपत्ति और उसके जमानतदारों की जांच की जा रही है। नोएडा और लखनऊ में माफिया अजीत शाही की संपत्ति की जानकारी मिली है। पुलिस टीम वहां पर पूरी जानकारी हासिल करने के लिए रवाना हो चुकी है। पब्लिक से भी पुलिस की अपील है कि वह किसी भी माफिया के बारे में कोई जानकारी देना चाहते हैं तो गोपनीय तरीके से पुलिस को दे सकते हैं। उनका नाम-पता सब कुछ गोपनीय रखा जाएगा।