मुठभेड़ में मारे गए बदमाश को शरण देने वालों की कुंडली खंगाल रही पुलिस, अंत्येष्टि में गए लोगों का तलाश रही रिकॉर्ड
- बदमाश की अंत्येष्टि में गए लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
- मुठभेड़ में मारा गया था विपिन सिंह, अयोध्या के सरयू तट पर हुआ था अंतिम संस्कार
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मुठभेड़ में मारे गए बदमाश विपिन की अंत्येष्टि में अयोध्या में शामिल होने गए लोगों का पुलिस ने आपराधिक रिकॉर्ड तलाशना शुरू कर दिया है। अंत्येष्टि में कितने लोग शामिल हुए थे और उनकी प्रवृत्ति क्या है, पुलिस इसकी जानकारी जुटा रही है।
उधर, विपिन को शरण देकर बदमाश बनाने वालों का भी पुलिस आपराधिक रिकॉर्ड तैयार कर रही है। खबर है कि पादरी बाजार इलाके में विपिन की बदौलत कुछ लोगों ने काफी पैसा और प्रापर्टी बनाई है। पुलिस अब सभी की फाइल तैयार करने के बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी में है।
जानकारी के मुताबिक, शाहपुर के पादरी बाजार बधिक टोला स्थित ननिहाल में रहने वाले विपिन सिंह की मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल होने के बाद बुधवार को मौत हो गई थी । बृह्स्पतिवार को अयोध्या में उसकी अंत्येष्टि हुई थी।
पुलिस मुठभेड़ से पहले विपिन ने झुंगिया निवासी प्रापर्टी डीलर आशीष प्रजापति और उसके साथी अरुण निषाद पर फायरिंग की थी। यह दोनों तो बच गए पर अरुण के भाई दीपू तथा आदित्य नाम के एक बच्चे को गोली लग गई थी। अंतिम संस्कार की खबर मिलने के बाद गोरखपुर से दर्जन भर लोग सरयू तट पर अंत्येष्टि में शामिल हुए थे।
पुलिस को पता चला है कि विपिन के एक रिश्तेदार ने उसके नाम का काफी फायदा उठाया है। उधर, राकेश यादव और उसके गैंग में शामिल लोगों की तलाश भी जारी है। पुलिस का टारगेट है कि जल्द से जल्द राकेश तथा उसके साथियों को पकड़ा जाए।
इस संबंध में सीओ प्रवीण सिंह ने बताया कि अंत्येष्टि में शामिल होने गए गोरखपुर के 43 लोगों को चिन्हित कर लिया गया है। वहीं लखनऊ से आए 18 लोगों की जांच की जा रही है।