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गोरखपुर: बैंक लोन न भरने की चाहत में साधु की गला रेतकर की थी हत्या, पुलिस ने किया खुलासा
Wed, 30 Mar 2022 04:57 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 30 Mar 2022 04:57 PM IST
सार
पीपीगंज के कुटिया में साधु की हत्या हुई थी। आरोपी ने फर्जी तरीके से साधु के केसीसी से तीन लाख रुपये कर्ज ले लिए थे। इसी बात को लेकर दोनों में बवाल चल रहा था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर जिले के पीपीगंज के भरवल जंगल अगही स्थित कुटिया में साधु हंसराज की हत्या लोन न चुकाने पड़े इसलिए गांव के ही संतोष कुमार यादव ने की थी। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया। आरोपी संतोष ने फर्जी तरीके से साधु हंसराज के नाम केसीसी बनवाकर उसपर तीन लाख रुपये का लोन ले लिया था। फर्जी तरीके से लोन देने वाले बैंककर्मी पर भी कार्रवाई के लिए पुलिस की तरफ से बैंक अफसर को पत्र लिखा जाएगा।
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एसपी नार्थ मनोज कुमार अवस्थी ने प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किया। एसपी ने बताया कि 11 मार्च को हंसराज की उनके कुटिया के बाहर गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। कुटी में सोए एक अन्य साधु जब सुबह उठे तो हत्या की जानकारी हुई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस मृतक साधु के बेटे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान पता चला कि हंसराज की पहले भी गला रेतकर हत्या की कोशिश की गई थी, लेकिन सात महीने बाद ही उस केस में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दिया गया था।
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शुरुआत में पुलिस को हंसराज के परिवारवालों पर ही शक था। हालांकि, जांच में जुटी पुलिस को हंसराज के नाम पर बैंक लोने के बारे में पता चला। जांच में सामने आया कि गांव के ही संतोष कुमार यादव ने हंसराज की खेती की जमीन पर जालसाजी के तीन लाख रुपये का लोन ले लिया है।
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एसपी ने बताया कि संतोष ने अपने चालक विशंभर को फर्जी दस्तावेज के आधार पर हंसराज बना दिया और दस्तावेज में विशंभर का फोटो लगा था। उसने हंसराज की खतौनी लगाकर लोन ले लिया और खाते से तीन लाख रुपये में से दो बार में दो लाख पांच हजार रुपये निकाल भी लिया।
बैंक के फील्ड अफसर ने जब पैसे जमा करने का दबाव बनाना शुरू किया तो फिर अभियुक्त संतोष कुमार यादव ने भू-स्वामी हंसराज की हंसिया से गला रेतकर हत्या कर दी। उसने यह सोच लिया था कि हंसराज की हत्या के बाद लोन माफ हो जाएगा। आरोपी संतोष पर पहले से भी तीन केस दर्ज है, उसमें एक ट्रैक्टर चोरी और दो मारपीट के केस शामिल है।