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फर्जी स्टांप बिक्री मामला: बीमार बताकर तीन दिन से भर्ती था आरोपी वेंडर, डॉक्टर ने बताया- कोई बीमारी नहीं
Fri, 19 Jan 2024 09:34 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 19 Jan 2024 09:34 PM IST
सार
गोरखपुर में पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती फर्जी स्टांप बिक्री मामले के सरगना को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से वह जेल भेज दिया गया।
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आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को बीमार बताकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती फर्जी स्टांप बिक्री मामले का सरगना स्टांप वेंडर रविदत्त मिश्रा आखिरकार शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। मेडिकल कॉलेज में भर्ती के दौरान तीन दिन से पुलिस की उस पर कड़ी निगाह थी। डॉक्टर ने जैसे ही उसे स्वस्थ घोषित किया, कैंट पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से वह जेल भेज दिया गया।
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सूत्रों के अनुसार, रविदत्त मिश्रा ने पूछताछ में अपने कई साथियों के नाम और काफी महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दी है। इसके आधार पर जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारी होने की संभावना है। मूलत: महराजगंज जिले के कोठीभार थाना क्षेत्र के किशनगौरी गांव का रहने वाला रविदत्त मिश्रा गोरखपुर में कोतवाली इलाके के जगरनाथपुर में रहता है।
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गौरतलब है कि 10 जनवरी को हुमायूंपुर दक्षिणी, दुर्गाबाड़ी रोड निवासी राजेश मोहन की शिकायत के बाद फर्जी स्टांप बिक्री का मामला सामने आया था। राजेश ने सहायक महानिरीक्षक निबंधन, गोरखपुर के कार्यालय में 28 फरवरी 2023 को कोर्ट फीस 53 हजार का स्टांप रिफंड के लिए आवेदन किया था। आवेदन करने पर पता चला कि 53 में से 50 हजार के स्टांप फर्जी है। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि रविदत्त ने स्टांप को दूसरे वेंडर की मुहर का इस्तेमाल कर बेचा था।
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