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जायजाद की लालच में दोस्त के साथ मिलकर जीजा को उतारा था मौत के घाट, 20 दिन बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार
Wed, 19 Aug 2020 03:26 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 19 Aug 2020 03:26 PM IST
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के नंदना सिवान में बीते 30 जुलाई को मिले शव के मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। बुधवार को इस मामले में पुलिस ने हत्यारोपी दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनके पास से एक बाइक, दो मोबाइल एवं 320 रुपये बरामद हुए।
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ये है मामला
बता दें कि 30 जुलाई को नंदना गांव के सिवान में पानी में एक व्यक्ति का शव मिला था। शव की शिनाख्त अहिरौली थाना क्षेत्र के घोड़ादेऊर निवासी चंद्रकेश पांडेय के रूप में हुई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार चन्द्रकेश की मौत सिर में गंभीर चोट लगने के वजह से हुई थी। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 302, 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
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श्यामदेउरवां थानाध्यक्ष विजय राज सिंह ने बताया कि नंदना गांव में चंद्रकेश पांडेय का शव मिलने की सूचना उसके साले कुलदीप तिवारी ने ही दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट लगने से मौत का कारण स्पष्ट हुआ।
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जांच में पता चला कि चंद्रकेश पांडेय की शादी श्यामदेउरवां थानाक्षेत्र के पिपरपाती में हुई थी। वह अपने पत्नी उर्मिला देवी और चार बच्चों के साथ पिछले चार-पांच वर्षों से अपने ससुराल में ही रहता था। कुलदीप को डर था कि कहीं उसकी मां सारा धन जायजाद बहन उर्मिला देवी और जीजा चन्द्रकेश पांडेय के नाम न कर दे।
इसी बात को लेकर वह अपने साथी दीपक विश्वकर्मा के साथ मिलकर जीजा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया। हत्यारोपी कुलदीप तिवारी, दीपक विश्वकर्मा पिपरपाती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।