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Gorakhpur News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा
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गोरखपुर। नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राकेश कुमार की अदालत ने चौरीचौरा थाना क्षेत्र के बेलवा बाबू निवासी सुरेंद्र को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उसपर 15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक और एडीजीसी ने अदालत को बताया कि घटना 28 जून 2018 की शाम करीब 6 बजे की है। पीड़िता शौच के लिए घर से बाहर गई थी, तभी आरोपी पीछे से आया और उसका मुंह व गला दबाकर घसीटते हुए कुछ दूरी पर ले गया और दुष्कर्म किया। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
बालश्रम कराने वाले को 14 साल का कठोर कारावास
अपर सत्र न्यायाधीश नंद कुमार की अदालत ने चार नाबालिग बच्चों से बालश्रम कराने के दोष में बिहार के सीतामढ़ी जिले के रूनीसैदपुर थाना क्षेत्र के टिकौली निवासी रामकिशोर महतो को 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उसपर 2.5 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर उसे सात माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 जून 2017 को निरीक्षक सरोज शर्मा रेलवे स्टेशन के बाहर चेकिंग पर थीं, तभी सूचना मिली कि गेट नंबर तीन के बाहर एक व्यक्ति चार नाबालिग बच्चों से पान, बीड़ी, गुटखा और पानी की बोतलें बिकवा रहा है। मौके पर पहुंचने पर आरोपी की पहचान रामकिशोर महतो के रूप में हुई, जिसने स्वीकार किया कि वह बच्चों को बिहार से लाकर प्रति माह 2000 रुपये में काम कराता था। अदालत ने उसे दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक और एडीजीसी ने अदालत को बताया कि घटना 28 जून 2018 की शाम करीब 6 बजे की है। पीड़िता शौच के लिए घर से बाहर गई थी, तभी आरोपी पीछे से आया और उसका मुंह व गला दबाकर घसीटते हुए कुछ दूरी पर ले गया और दुष्कर्म किया। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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बालश्रम कराने वाले को 14 साल का कठोर कारावास
अपर सत्र न्यायाधीश नंद कुमार की अदालत ने चार नाबालिग बच्चों से बालश्रम कराने के दोष में बिहार के सीतामढ़ी जिले के रूनीसैदपुर थाना क्षेत्र के टिकौली निवासी रामकिशोर महतो को 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उसपर 2.5 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर उसे सात माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 जून 2017 को निरीक्षक सरोज शर्मा रेलवे स्टेशन के बाहर चेकिंग पर थीं, तभी सूचना मिली कि गेट नंबर तीन के बाहर एक व्यक्ति चार नाबालिग बच्चों से पान, बीड़ी, गुटखा और पानी की बोतलें बिकवा रहा है। मौके पर पहुंचने पर आरोपी की पहचान रामकिशोर महतो के रूप में हुई, जिसने स्वीकार किया कि वह बच्चों को बिहार से लाकर प्रति माह 2000 रुपये में काम कराता था। अदालत ने उसे दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।