Exclusive: गिद्ध को पकड़ने गए वनकर्मी उद्देश्य से भटके, जटायु के गले को पकड़ कर खिंचवाने लगे फोटो
चित्रकूट के जंगलों से गिद्ध पकड़कर कैपिंयरगंज के भारीवैसी में बनाए जा रहे जटायु संरक्षण केंद्र में लाए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले एक गिद्ध को वन विभाग की टीम चित्रकूट से पकड़ कर लाई थी। चित्रकूट से ही गिद्धों को पकड़कर यहां लाना है। इसी उद्देश्य के साथ वन विभाग की टीम चित्रकूट के जंगलों में गिद्धों को ढूंढकर उन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछा रही है।
विस्तार
वनकर्मियों ने चित्रकूट के जंगलों से गिद्ध तो पकड़ लिया, लेकिन वन्य जीव अधिनियम कानून को ही भूल बैठे। पकड़ने के उद्देश्य को भूल, गिद्ध को हाथ में जकड़कर उसका गला दबाते हुए उसके पंजों को पकड़कर फोटो खिंचवाने लगे। इसका फोटो भी वायरल हो गया। इसके अलावा गिद्ध पकड़ने वाली टीम ने कई लोगों के साथ उसका गला पकड़ कर फोटो आधिकारिक तौर पर भी जारी किया है।
दरअसल, चित्रकूट के जंगलों से गिद्ध पकड़कर कैपिंयरगंज के भारीवैसी में बनाए जा रहे जटायु संरक्षण केंद्र में लाए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले एक गिद्ध को वन विभाग की टीम चित्रकूट से पकड़ कर लाई थी। चित्रकूट से ही गिद्धों को पकड़कर यहां लाना है। इसी उद्देश्य के साथ वन विभाग की टीम चित्रकूट के जंगलों में गिद्धों को ढूंढकर उन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछा रही है।
बुधवार को एक गिद्ध और पकड़ में आया, लेकिन वन्य जीव जिस उद्देश्य से जंगल में गए थे, उसे भूल गए। इनका काम जटायु को सुरक्षित पकड़ना है, लेकिन उन्होंने पकड़ने के बाद गिद्ध को पकड़कर फोटो खिंचवाने लगे।
वन्य जीव अधिनियम से जुड़े अधिकारी ने बताया कि अगर जंगल में वन्य जीव पकड़ने के दौरान उसके हिंसक होने से खुद को बचाना है तो स्वाभाविक है, उसे पकड़ने में वन्य जीव अधिनियम के कानून का पालन पूरी तरह अनुपालन नहीं हो पाएगा। डीएफओ विकास यादव ने कहा कि हमने टीम को गिद्ध पकड़ने के लिए भेजा है। अगर वन्य जीव अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करेंगे तो जांच की जाएगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
बेहद मानवीय व्यवहार करने की जरूरत
भारीवैसी जटायु संरक्षण केंद्र के डॉ. दुर्गेश नंदन ने एक फोटो जारी की। हालांकि उनकी मंशा जटायु को उपहार के रूप में गोरखपुर लाने की रही होगी, लेकिन फोटो में भी गिद्ध के गले पर हाथ था। वन्य जीव प्रेमियों ने बताया कि ये वन्य जीव विलुप्त होने की तरफ हैं।
ऐसे में इनके साथ बेहद मानवीय और उनके स्वाभाव के अनुसार व्यवहार करने की जरूरत होती है। पकड़ने के बाद अचानक से इतने लोगों के साथ उसका गला पकड़ कर खड़े होने पर वह भयभीत भी हो सकता है।