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Gorakhpur News: नई हॉलमार्किंग के गहनों का आया स्टॉक, BIS एप पर फोटो देखकर ही करें खरीदारी
Sat, 04 Jul 2026 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 02:42 AM IST
सार
सरकार ने हॉलमार्किंग प्रक्रिया में बदलाव करते हुए प्रत्येक गहने के एचयूआईडी नंबर को उसकी वास्तविक फोटो और सटीक वजन से जोड़ दिया है। पहले बीआईएस एप पर एचयूआईडी डालने पर केवल सामान्य विवरण दिखाई देता था, जिससे एक ही एचयूआईडी नंबर का दुरुपयोग कर कई गहने बेचने की आशंका बनी रहती थी।
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- फोटो : ANI
विस्तार
सोने के गहनों की खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए काम की खबर है। 15 जून के बाद हॉलमार्क किए गए नए गहनों का एचयूआईडी (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) नंबर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के मोबाइल एप पर दर्ज करते ही फोटो और उसका सटीक वजन दिखाई दे रहा है।
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इससे ग्राहकों के लिए गहनों की पहचान करना आसान हो गया है। इससे फर्जीवाड़े पर भी काफी हद तक रोक लगेगी। सर्राफा बाजार में भी नए नियमों के तहत तैयार किए गए गहनों का स्टॉक पहुंचना शुरू हो गया है। अब ग्राहक खरीदारी से पहले बीआईएस एप पर एचयूआईडी नंबर डालकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि जिस गहने को वे खरीद रहे हैं, उसी की जानकारी एप पर दर्ज है या नहीं।
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दरअसल, सरकार ने हॉलमार्किंग प्रक्रिया में बदलाव करते हुए प्रत्येक गहने के एचयूआईडी नंबर को उसकी वास्तविक फोटो और सटीक वजन से जोड़ दिया है। पहले बीआईएस एप पर एचयूआईडी डालने पर केवल सामान्य विवरण दिखाई देता था, जिससे एक ही एचयूआईडी नंबर का दुरुपयोग कर कई गहने बेचने की आशंका बनी रहती थी।
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अब फोटो और वास्तविक वजन दर्ज होने से ऐसी गड़बड़ी करना बेहद मुश्किल हो गया है। यदि कोई दुकानदार किसी दूसरे गहने पर वही एचयूआईडी दिखाने की कोशिश करेगा तो एप पर प्रदर्शित फोटो और वजन का मिलान नहीं हो पाएगा और फर्जीवाड़ा तुरंत पकड़ में आ जाएगा।
खरीदारी के समय रखें इन बातों का ध्यान
सर्राफा कारोबारी संजय अग्रवाल का कहना है कि ग्राहक सोने के गहने खरीदते समय केवल हॉलमार्क का निशान देखकर संतुष्ट न हों। गहने पर अंकित एचयूआईडी नंबर को बीआईएस के आधिकारिक मोबाइल एप में जरूर जांचें। एप पर दिखाई देने वाला फोटो, वजन और अन्य विवरण का गहने से मिलान करें।
यदि फोटो अलग हो, वजन में अंतर हो या जानकारी उपलब्ध न हो तो ऐसे गहने की खरीदारी से बचें और संबंधित विक्रेता से स्पष्टीकरण मांगें। सर्राफा मंडल के अध्यक्ष गणेश वर्मा का कहना है कि नई व्यवस्था से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होगा। साथ ही ईमानदार कारोबारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। ग्राहकों की थोड़ी-सी सतर्कता उन्हें नकली या संदिग्ध गहने खरीदने से बचा सकती है।